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5 लोगों को ट्रक से कुचला था, 28 गवाह मुकरे, नहीं साबित हुआ हत्या का दोष
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 16 Mar 2017 09:25 AM IST
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- फोटो : File Photo
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ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास सड़क किनारे ग्राउंड में सो रहे लोगों पर नशे की हालत में ट्रक चढ़ाने के मामले में ड्राइवर शर्मा चौधरी निवासी बेतिया (बिहार) पर धारा 302 और 307 के तहत दोष साबित नहीं हो सका। इस पर अदालत ने उसे धारा 304 (2) के तहत छह साल और धारा 308 आईपीसी के तहत 3 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत के आदेश के तहत दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं मामले में सहआरोपी कंडक्टर अजय चौधरी को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि केस में अभियोजन पक्ष ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सका जिससे साबित हो कि जस्सू राम, सरदार राम, जगदीश, नाथू राम और हरिंदर की हत्या और कमलेश, राघव तिवारी, उपेंदर की हत्या के प्रयास का आरोप साबित हो। साथ ही हत्या का कोई मोटिव भी नहीं था। इसलिए शर्मा चौधरी को हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि मौखिक, दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य सबूत अभियोजन के पक्ष में है। इसलिए शर्मा चौधरी को आइपीसी की धारा 304 (2) और 308 के तहत दोषी पाया जाता है।
सभी आई विटनेस ने कहा अंधेरा था, शक्ल नहीं देख सके
पुलिस ने केस में कुल 28 गवाह बनाए थे। इनमें जांच अधिकारी और पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया जाए तो घटना स्थल पर मौजूद और केस में पांच आई विटनेस बनाए गए। पांचों ने अदालत में कहा कि, ‘घटना के वक्त वहां पर अंधेरा था और ट्रक कौन चला रहा था वह नहीं देख सके।’ वैसे भी ट्रक को भगाने के बाद चालक और कंडक्टर उसे कूड़ेदान से टकरने के बाद छोड़ कर फरार हो गए थे।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि केस में अभियोजन पक्ष ऐसा कोई सबूत पेश नहीं कर सका जिससे साबित हो कि जस्सू राम, सरदार राम, जगदीश, नाथू राम और हरिंदर की हत्या और कमलेश, राघव तिवारी, उपेंदर की हत्या के प्रयास का आरोप साबित हो। साथ ही हत्या का कोई मोटिव भी नहीं था। इसलिए शर्मा चौधरी को हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि मौखिक, दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य सबूत अभियोजन के पक्ष में है। इसलिए शर्मा चौधरी को आइपीसी की धारा 304 (2) और 308 के तहत दोषी पाया जाता है।
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सभी आई विटनेस ने कहा अंधेरा था, शक्ल नहीं देख सके
पुलिस ने केस में कुल 28 गवाह बनाए थे। इनमें जांच अधिकारी और पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया जाए तो घटना स्थल पर मौजूद और केस में पांच आई विटनेस बनाए गए। पांचों ने अदालत में कहा कि, ‘घटना के वक्त वहां पर अंधेरा था और ट्रक कौन चला रहा था वह नहीं देख सके।’ वैसे भी ट्रक को भगाने के बाद चालक और कंडक्टर उसे कूड़ेदान से टकरने के बाद छोड़ कर फरार हो गए थे।
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ये है मामला
साबित नहीं हो सका नशे में था या नहीं
सेक्टर-26 थाना पुलिस ने ट्रक चालक शर्मा चौधरी को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया था। ऐसे में मेडिकल में यह साबित नहीं हो सका कि उसने कोई नशा किया था या नहीं। हालांकि अदालत ने पाया कि घटना के वक्त शर्मा चौधरी किसी तरह के मादक पदार्थों के प्रभाव में था।
ये है मामला
17 अगस्त 2015 की रात 12:40 पर पुलिस को सूचना मिली कि ट्रांसपोर्ट चौक पर एक ट्रक ने कुछ लोगों को कुचल दिया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो घटना के चश्मदीद गवाह यूपी निवासी संजय ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसके ग्रुप में 15 लोग हैं। रात को सभी प्लॉट नंबर-14 के ग्राउंड के पास सोए हुए थे। इसी दौरान एक ड्राइवर वहां आया और ट्रक स्टार्ट कर ले जाने लगा। उसके साथ कंडक्टर भी था। ट्रक के सामने ही ग्राउंड में कुछ लोग सोए हुए थे। संजय ने शोर मचाकर ट्रक चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ग्राउंड की ओर ट्रक ले गया। उसने वहां सो रहे 8-10 लोगों को कुचल दिया। हादसे की जानकारी होने के बावजूद चालक रुका नहीं और ट्रक भगा ले गया। आगे जाकर वह डंपिंग डस्टबिन से टकरा गया। घटना का पता चलते ही वहां लोगों ने शोर मचा दिया। सभी लोग मौके की ओर दौड़े।
वहीं कुछ लोग ट्रक चालक के पीछे गए। लोगों को आता देख चालक वहां से भाग गया। वह नशे धुत लग रहा था। उसने कहा था कि घटना के कई दिन पहले ट्रक ड्राइवर खुले मैदान में पेशाब कर रहा था। इन लोगों ने उसको मना किया था कि वे लोग वहां सोते हैं, इसलिए वहां पेशाब न करे। इस बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को जीएमसीएच-32 पहुंचाया । जहां चार मजदूरों को ब्राट डेड घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा था। वहीं मामले में 4 अन्य गंभीर जख्मी हुए थे। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने ट्रक चालक शर्मा चौधरी और कंडक्टर अजय चौधरी के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
सेक्टर-26 थाना पुलिस ने ट्रक चालक शर्मा चौधरी को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया था। ऐसे में मेडिकल में यह साबित नहीं हो सका कि उसने कोई नशा किया था या नहीं। हालांकि अदालत ने पाया कि घटना के वक्त शर्मा चौधरी किसी तरह के मादक पदार्थों के प्रभाव में था।
ये है मामला
17 अगस्त 2015 की रात 12:40 पर पुलिस को सूचना मिली कि ट्रांसपोर्ट चौक पर एक ट्रक ने कुछ लोगों को कुचल दिया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो घटना के चश्मदीद गवाह यूपी निवासी संजय ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसके ग्रुप में 15 लोग हैं। रात को सभी प्लॉट नंबर-14 के ग्राउंड के पास सोए हुए थे। इसी दौरान एक ड्राइवर वहां आया और ट्रक स्टार्ट कर ले जाने लगा। उसके साथ कंडक्टर भी था। ट्रक के सामने ही ग्राउंड में कुछ लोग सोए हुए थे। संजय ने शोर मचाकर ट्रक चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ग्राउंड की ओर ट्रक ले गया। उसने वहां सो रहे 8-10 लोगों को कुचल दिया। हादसे की जानकारी होने के बावजूद चालक रुका नहीं और ट्रक भगा ले गया। आगे जाकर वह डंपिंग डस्टबिन से टकरा गया। घटना का पता चलते ही वहां लोगों ने शोर मचा दिया। सभी लोग मौके की ओर दौड़े।
वहीं कुछ लोग ट्रक चालक के पीछे गए। लोगों को आता देख चालक वहां से भाग गया। वह नशे धुत लग रहा था। उसने कहा था कि घटना के कई दिन पहले ट्रक ड्राइवर खुले मैदान में पेशाब कर रहा था। इन लोगों ने उसको मना किया था कि वे लोग वहां सोते हैं, इसलिए वहां पेशाब न करे। इस बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को जीएमसीएच-32 पहुंचाया । जहां चार मजदूरों को ब्राट डेड घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा था। वहीं मामले में 4 अन्य गंभीर जख्मी हुए थे। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने ट्रक चालक शर्मा चौधरी और कंडक्टर अजय चौधरी के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।