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Chandigarh News: दिवाली की रात पटाखों से 45 ने गंवाई एक आंख की रोशनी
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चंडीगढ़। दिवाली की रात पटाखों से 45 लोगों की एक आंख की रोशनी चली गई। इन्हें पीजीआई, जीएमसीएच 32 और जीएमएसएच 16 समेत अन्य सिविल अस्पतालों में भर्ती किया गया। इसमें ट्राइसिटी के 24 लोग शामिल हैं। सिर्फ चंडीगढ़ के 20 लोग हैं। 51 घायलों में से 23 गंभीर रूप से घायल लोगों को पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में भर्ती किया गया है। इनमें से 20 की सर्जरी की जा चुकी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अस्पालों में पहुंचे आई बर्न के 26 मामलों में से तीन को पीजीआई रेफर किया गया। जीएमसीएच 32 में भर्ती हुए 17 घायलों में से 15 को प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई, जबकि दो को सर्जरी के लिए भर्ती किया गया।
कोविड के दौरान 2021 के अलावा 2020, 2022 की तुलना में इस वर्ष घायलों की संख्या कम रही। 2022 में अकेले पीजीआई के आई सेंटर में 40 घायलाें को भर्ती किया गया था। जो इस बार 23 है। चिंता की बात यह है कि भर्ती हुए 23 घायलों में से 20 की सर्जरी की गई है। उनकी आंखों की रोशनी को लेकर संशय बना हुआ है। पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर के प्रमुख प्रो. संजय पांडव ने बताया कि 11 नवंबर (सुबह 8 बजे) से 13 नवंबर (सुबह 8 बजे) तक 48 घंटों में पटाखों से चोट लगने के 23 मरीज आए। उनमें 18 पुरुष और 5 महिलाएं थीं। इनमें से 10 की उम्र 14 वर्ष से कम थी और सबसे छोटा 6 वर्ष का था। ट्राइसिटी (चंडीगढ़-10, मोहाली 1 और पीकेएल-2) से 14 मरीज़ थे। जबकि पड़ोसी राज्यों पंजाब (3), हरियाणा (6), हिमाचल प्रदेश (2) मरीज आए थे। घायलों के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनमें से 13 दूर से पटाखा जलते देख रहे थे वहीं बाकी 10 खुद पटाखे फोड़ रहे थे। 23 रोगियों में से 7 की आंखों में खुली ग्लोब चोटें थीं। उनकी इमरजेंसी में सर्जरी की गई । जबकि 16 को क्लोज्ड ग्लोब चोटें आईं और इनमें से 13 को गंभीर चोटें आईं। 23 में से बाकी 3 को मामूली चोटें थीं, उनका प्राथमिक उपचार कर उन्हें वापस भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ जीएमएसएच 16 समेत तीनों सिविल अस्पतालों में दिवाली की रात पटाखों से आंख में चोट लगने पर 26 लोगों को भर्ती कराया गया। जीएमएसएच 16 में सबसे ज्यादा 24 घायलों को भर्ती किया गया। जिनमें से 3 को पीजीआई रेफर किया गया।
चार के हाथ में फटा पटाखा
पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में पटाखे से जलकर सात लोग पहुंचे। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अतुल पराशर ने बताया कि घायलों में 4 के हाथ में पटाखा फट गया था। तीन को थर्मल बर्न हुआ था। दो घायलों का ऑपरेशन कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। बाकी घायल अब भी ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती हैं। वे खतरे से बाहर हैं। जीएमएसएच 16 समेत तीनों सिविल अस्पतालों में पटाखों से जलकर 92 लोग इलाज कराने पहुंचे। बसे ज्यादा 30 घायल मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में भर्ती किए गए। जीएमएसएच 16 में 29, सिविल अस्पताल सेक्टर 22 में 7 और सिविल अस्पताल 45 में 26 लोगों को भर्ती किया गया।
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कोविड के दौरान 2021 के अलावा 2020, 2022 की तुलना में इस वर्ष घायलों की संख्या कम रही। 2022 में अकेले पीजीआई के आई सेंटर में 40 घायलाें को भर्ती किया गया था। जो इस बार 23 है। चिंता की बात यह है कि भर्ती हुए 23 घायलों में से 20 की सर्जरी की गई है। उनकी आंखों की रोशनी को लेकर संशय बना हुआ है। पीजीआई एडवांस्ड आई सेंटर के प्रमुख प्रो. संजय पांडव ने बताया कि 11 नवंबर (सुबह 8 बजे) से 13 नवंबर (सुबह 8 बजे) तक 48 घंटों में पटाखों से चोट लगने के 23 मरीज आए। उनमें 18 पुरुष और 5 महिलाएं थीं। इनमें से 10 की उम्र 14 वर्ष से कम थी और सबसे छोटा 6 वर्ष का था। ट्राइसिटी (चंडीगढ़-10, मोहाली 1 और पीकेएल-2) से 14 मरीज़ थे। जबकि पड़ोसी राज्यों पंजाब (3), हरियाणा (6), हिमाचल प्रदेश (2) मरीज आए थे। घायलों के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनमें से 13 दूर से पटाखा जलते देख रहे थे वहीं बाकी 10 खुद पटाखे फोड़ रहे थे। 23 रोगियों में से 7 की आंखों में खुली ग्लोब चोटें थीं। उनकी इमरजेंसी में सर्जरी की गई । जबकि 16 को क्लोज्ड ग्लोब चोटें आईं और इनमें से 13 को गंभीर चोटें आईं। 23 में से बाकी 3 को मामूली चोटें थीं, उनका प्राथमिक उपचार कर उन्हें वापस भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ जीएमएसएच 16 समेत तीनों सिविल अस्पतालों में दिवाली की रात पटाखों से आंख में चोट लगने पर 26 लोगों को भर्ती कराया गया। जीएमएसएच 16 में सबसे ज्यादा 24 घायलों को भर्ती किया गया। जिनमें से 3 को पीजीआई रेफर किया गया।
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चार के हाथ में फटा पटाखा
पीजीआई के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में पटाखे से जलकर सात लोग पहुंचे। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अतुल पराशर ने बताया कि घायलों में 4 के हाथ में पटाखा फट गया था। तीन को थर्मल बर्न हुआ था। दो घायलों का ऑपरेशन कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। बाकी घायल अब भी ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती हैं। वे खतरे से बाहर हैं। जीएमएसएच 16 समेत तीनों सिविल अस्पतालों में पटाखों से जलकर 92 लोग इलाज कराने पहुंचे। बसे ज्यादा 30 घायल मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में भर्ती किए गए। जीएमएसएच 16 में 29, सिविल अस्पताल सेक्टर 22 में 7 और सिविल अस्पताल 45 में 26 लोगों को भर्ती किया गया।
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