तैयार रहें, भर्ती होंगे 4 हजार सफाई कर्मी
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शहर व गांवों में 4,000 सफाई कर्मी और भर्ती किए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब स्थानीय निकायों में ठेकेदारी प्रथा खत्म कर दी गई है। इससे 10,500 सफाई कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा से बाहर हो चुके हैं। अब उन्हें न्यूनतम वेतन उसी निकाय से ही मिलेगा।
नए रोजगार सृजन के तहत 400 लोगों की आबादी में एक सफाईकर्मी नियुक्त किया जाएगा। हुड्डा शनिवार को नगर निगम सभागार में कर्मचारियों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में 1,776 अस्थायी सफाई कर्मियों को स्थायी किया जा चुका है। अभी प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों और पालिकाओं में 3,000 सफाई कर्मी और भर्ती किए जाएंगे। प्रदेश के गांवों में 11,000 सफाई कर्मी हैं। अब 1,000 सफाई कर्मियों को और भर्ती किया जाएगा, ताकि गांवों की सफाई व्यवस्था सही हो सके।
10 साल का अनुभव होना चाहिए
सीएम हुड्डा ने यह भी कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि किसी सफाई कर्मचारी की काम के दौरान आकस्मिक मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में तेजी से बहुमंजिली इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे में आग व अन्य आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग को 52 फुट की ऊंचाई वाला हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
इसे करीब आठ करोड़ रुपये में खरीदा जा रहा है। प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के कुल 13428 पद बनाए गए हैं। समूह डी की रिक्तियों के लिए जिन लोगों का नगर पालिकाओं में 10 वर्ष का अनुभव है, उनकी अधिकतम आयु सीमा भी 55 वर्ष की गई है।
प्रदेश को सुंदर बनाते है सफाई कर्मी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जिस ईमानदारी से सफाई कर्मियों का ख्याल रखा है, उसी तरह ईमानदारी से सफाई कर्मी अपने काम को अंजाम देकर शहर को साफ और सुंदर बनाने में योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप सिंह, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शिवचरण लाल शर्मा, मेयर अशोक अरोड़ा, विधायक आनंद कौशिक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बीआर ओझा, कर्मचारी नेता रतनलाल रोहिल्ला, सफाई कर्मचारी यूनियन के नरेश शास्त्री, बलवीर बालगुहेर और गोपीचंद सहित अन्य कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।