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छुट्टी वाले दिन 360 लोगों ने चलाई साइकिल
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चंडीगढ़। शहर में साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट के शुरू होने बाद रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते लोगों ने खूब साइकिल चलाई। रविवार को एक दिन में जहां 360 लोगों ने साइकिल चलाई, वहीं 788 लोगों ने एप डाउनलोड किया। वहीं, पिछले चार दिनों में 1255 लोग साइकिल की सवारी कर चुके हैं और अब तक कुल 11271 लोगों ने एप डाउनलोड किया है।
स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि साइकिल चलाने के लिए लोगों का बेहतर रुझान दिख रहा है। हमें भी छुट्टी के पहले दिन का इंतजार था ताकि हम लोगों के रुझान का आकलन कर सकें। शहरवासियों को भी काफी समय से इस प्रोजेक्ट का इंतजार था। लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि कब पूरे शहर में साइकिलों का जाल फैल जाएगा। तब वह आसानी से साइकिल के माध्यम से कहीं भी जा सकेंगे।
ज्ञात हो कि 10 दिसंबर से शहर में 25 डॉकिंग स्टेशन से 225 साइकिल चलना शुरू हो गई हैं। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने रॉक गार्डन से राजभवन तक साइकिल चलाकर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। अब अधिकारियों को उम्मीद है कि गाड़ी की जगह लोग ज्यादा से ज्यादा साइकिल का प्रयोग करेंगे। इस योजना के तहत सदस्यता लेने वाले लोगों से 5 रुपये प्रति आधा घंटा और सदस्यता नहीं लेने वालों से 10 रुपये प्रति आधा घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। सदस्यता के लिए हर साल 500 रुपये देने होंगे। हालांकि अभी सदस्यता देने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए एप पर काम किया जा रहा है। पहले फेज में 150 ई-साइकिल और 75 पैडल वाली चलाई जा रही हैं।
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जीएम ने बताया कि एप में जानकारी भरते समय कुछ कमी रह जा रही है इसलिए यहां उन अपीलों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। अब स्मार्ट सिटी का शिकायत सेल इस समस्या का समाधान करेगा। जो दस्तावेज कम होगा या जिस कारण से ऐप डाउनलोड नहीं हो सकेगा, उसका संबंधित व्यक्ति को मैसेज भेजा जाएगा ताकि वह गलती सुधार कर सही से मैसेज भेज सके।
साइकिलों के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं
सेक्टर-22 निवासी पंकज रविवार को सुखना लेक पर साइकिल चलाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि लोग यहां साइकिल का उपयोग करके वापस रख दे रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इस्तेमाल की गई साइकिलों को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है, जो बड़ी लापरवाही है। इससे कोरोना फैल सकता है। इस संबंध में जब स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सोमवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें डॉकिंग स्टेशन पर साइकिलों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था के लिए कहेंगे। अभी जैसे जैसे समस्याएं सामने आ रही हैं कंपनी से बात करके उनका समाधान किया जाएगा।
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स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि साइकिल चलाने के लिए लोगों का बेहतर रुझान दिख रहा है। हमें भी छुट्टी के पहले दिन का इंतजार था ताकि हम लोगों के रुझान का आकलन कर सकें। शहरवासियों को भी काफी समय से इस प्रोजेक्ट का इंतजार था। लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि कब पूरे शहर में साइकिलों का जाल फैल जाएगा। तब वह आसानी से साइकिल के माध्यम से कहीं भी जा सकेंगे।
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ज्ञात हो कि 10 दिसंबर से शहर में 25 डॉकिंग स्टेशन से 225 साइकिल चलना शुरू हो गई हैं। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने रॉक गार्डन से राजभवन तक साइकिल चलाकर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। अब अधिकारियों को उम्मीद है कि गाड़ी की जगह लोग ज्यादा से ज्यादा साइकिल का प्रयोग करेंगे। इस योजना के तहत सदस्यता लेने वाले लोगों से 5 रुपये प्रति आधा घंटा और सदस्यता नहीं लेने वालों से 10 रुपये प्रति आधा घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। सदस्यता के लिए हर साल 500 रुपये देने होंगे। हालांकि अभी सदस्यता देने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए एप पर काम किया जा रहा है। पहले फेज में 150 ई-साइकिल और 75 पैडल वाली चलाई जा रही हैं।
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जीएम ने बताया कि एप में जानकारी भरते समय कुछ कमी रह जा रही है इसलिए यहां उन अपीलों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। अब स्मार्ट सिटी का शिकायत सेल इस समस्या का समाधान करेगा। जो दस्तावेज कम होगा या जिस कारण से ऐप डाउनलोड नहीं हो सकेगा, उसका संबंधित व्यक्ति को मैसेज भेजा जाएगा ताकि वह गलती सुधार कर सही से मैसेज भेज सके।
साइकिलों के सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं
सेक्टर-22 निवासी पंकज रविवार को सुखना लेक पर साइकिल चलाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि लोग यहां साइकिल का उपयोग करके वापस रख दे रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इस्तेमाल की गई साइकिलों को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है, जो बड़ी लापरवाही है। इससे कोरोना फैल सकता है। इस संबंध में जब स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सोमवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें डॉकिंग स्टेशन पर साइकिलों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था के लिए कहेंगे। अभी जैसे जैसे समस्याएं सामने आ रही हैं कंपनी से बात करके उनका समाधान किया जाएगा।