पंजाब कैबिनेट के अहम फैसले: 36 हजार कर्मचारी होंगे पक्के, प्रदेश में रेत होगी सस्ती
मंगलवार को हुई बैठक में पंजाब कैबिनेट ने कई अहम फैसलों पर अपनी मुहर लगाई। पंजाब के 36 हजार कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। उधर, कैबिनेट ने आम जनता को भी बड़ी राहत दी है। सरकार ने रेत के दाम में कमी कर दी है। राज्य में रेत का नया रेट पांच रुपये प्रति क्यूबिक फुट होगा। अब तीन फुट तक मिट्टी खोदने के लिए अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी।
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पंजाब में ठेका आधार, एडहॉक, अस्थायी, वर्क चार्ज और दैनिक वेतन भोगी कामगारों की सेवाएं नियमित करने का महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ‘पंजाब प्रोटेक्शन एंड रेगुलराइजेशन ऑफ कॉन्ट्रैकचुअल एंपलाइज बिल-2021’ को मंजूरी दे दी। इसे कानूनी रूप देने के लिए 11 नवंबर को विधानसभा के मौजूदा सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले से 10 साल से अधिक समय की सेवा निभाने वाले 36000 कर्मचारियों की सेवाएं नियमित होंगी। इसी तरह कैबिनेट ने डीम्ड पदों के अतिरिक्त सृजन को भी मंजूरी दे दी। इन कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया के दौरान आरक्षण नीति के उपबंधों को अपनाया जाएगा। हालांकि, नियमित करने का फैसला बोर्डों और निगमों पर लागू नहीं होगा।
पंजाब में सस्ते हुए रेत-बजरी के दाम
पंजाब में लोगों को रेत और बजरी वाजिब दरों पर मुहैया करवाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कैबिनेट ने राज्य में रेत और बजरी का दाम 5.50 रुपये प्रति क्यूबिक फुट तय कर दिया। यह फैसला ‘पंजाब स्टेट सैंड एंड गरैवल माइनिंग पालिसी -2021’ की मंजूरी के साथ लागू हो गया है।
इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि नई माइनिंग पालिसी के अनुसार आम लोगों को रेत-बजरी माइनिंग साइटों पर 5.50 रुपये प्रति क्यूबिक फुट उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें लोडिंग का खर्च शामिल होगा। इसके अलावा सार्वजनिक हित में आर्डिनरी क्ले और आर्डिनरी मिट्टी के लिए रॉयल्टी का रेट 10 रुपये प्रति टन से घटाकर 2.50 रुपये प्रति टन किया जाएगा। इस नई पॉलिसी के अनुसार, जमीन मालिक या जिसके कब्जे में जमीन है, अपने कृषि योग्य खेतों को साफ करने के लिए 3 फुट तक खुदाई या हटाए गए मिट्टी के ढेर का निपटान कर सकते हैं।
इन गतिविधियों के लिए कोई किराया, रॉयल्टी या परमिट फीस और किसी परमिट की जरूरत नहीं है। प्रवक्ता ने बताया कि उपभोक्ता को समर्पित टोल फ्री नंबर उपलब्ध करवाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित रेट से अधिक रेट वसूलता है तो उपभोक्ता इस टोल फ्री नंबर के जरिये अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।
अभी 20-35 रुपये क्यूबिक फुट है रेत-बजरी के दाम
उल्लेखनीय है कि पंजाब में रेत-बजरी की खानें ई-आक्शन के जरिये अलग-अलग ठेकेदारों को पंजाब सैंड एंड गरैवल माइनिंग पालिसी-2018 के तहत अलॉट की गई हैं। इन खानों से रेत-बजरी की निकासी की मात्रा 350 लाख टन सालाना निर्धारित की गई है। इस पॉलिसी के अनुसार, सरकार ने रेत-बजरी की पिट हैड पर बिक्री 9 रुपये प्रति क्यूबिक फुट तय की हुई है, जिसमें लोडिंग का खर्च शामिल है। पंजाब के अलग-अलग शहरों में रेत-बजरी की औसत बिक्री कीमत (मूल स्रोत से पहुंच स्थान की दूरी के आधार पर) 20 रुपये से 35 रुपये प्रति क्यूबिक फुट है।
800 रुपये ट्राली हो जाएगा रेत का दाम
पंजाब सरकार की ओर से मंगलवार को तय किए गए रेत-बजरी के दाम को आसानी से समझा जाए तो अब राज्य में आम लोगों के लिए रेत-बजरी की एक ट्राली 800 रुपये में उपलब्ध हो सकेगी। एक ट्रैक्टर-ट्राली में अनुमानत: तीन और छह घन मीटर बालू आती है। एक घन मीटर में 16.5 क्विंटल बालू होती है।
मुख्यमंत्री चन्नी ने रेत-बजरी के नए दाम घोषित करते हुए बताया कि फिक्स किए गए दाम में रेत-बजरी की भराई, उठाई और ठेकेदार का पैसा भी शामिल है। उन्होंने यह भी साफ किया कि साढ़े पांच रुपये प्रति क्यूबिक के दाम से यदि कोई 10 पैसे भी ज्यादा लेता पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध रूप से कोई भी खनन नहीं होने देंगे।
सिद्धू ने चन्नी सरकार के फैसले को सराहा
नवजोत सिंह सिद्धू ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि सूबे में रेत के दाम फिक्स हों, क्योंकि जिस दिन भी ऐसा होगा, माफिया उसी दिन मर जाएगा। उन्होंने कहा कि रेत की ट्राली का दाम फिक्स होना चाहिए, क्योंकि इसी राज्य में रेत की ट्राली 1000 रुपये में भी बिकी है और 10 हजार रुपये में भी।
नए तय किए गए दाम को स्थिर बनाए रखना होगा, ताकि खजाने में पैसा आए, जिससे बाकी योजनाओं की जरूरतें पूरी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में पहली सीढ़ी चढ़ी है, जबकि वह इसे बहुत आगे ले जाने की इच्छा रखते हैं। सिद्धू ने कहा कि वह चाहते हैं कि इसका एक स्टाकयार्ड हो, जहां से सरकारी ट्रकों में सप्लाई की जाए। इससे रेत-बजरी की अवैध ढुलाई पर भी रोक लग जाएगी।