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3500 वेंडर्स होंगे शिफ्ट, सेक्टर- 17, 19 और 22 में नहीं लगेंगी फड़ियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Jun 2017 09:23 AM IST
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सेक्टर- 17, 19 और 22 में नहीं लगेंगी फड़ियां
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सेक्टर-17,19 और 22 में कोई भी फड़ी नहीं लगेगी। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ निगम और प्रशासन के अधिकारियों की गवर्नर हाउस में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। यहां पर स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत कोई भी वेंडिंग जोन नहीं बनेगा। बैठक में मुख्य वास्तुकार कपिल सेतिया ने यह भी कहा कि 58 जगह पर शहर में वेंडिंग जोन बनाए गए हैं। इनकी सूची सोमवार को निगम के अधिकारियों के पास भेज दी जाएगी। बैठक में सलाहकार परिमल राय, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल, कमिश्नर कविता सिंह, मेयर आशा जसवाल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
सेक्टर-1 से 6 तक भी नो वेंडिंग जोन
शहर के सेक्टर-1 से लेकर 6 तक भी कोई फड़ी नहीं लगेगी। इन सेक्टरों को भी प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने नो वेंडिंग जोन में शामिल किया है। ये सभी वीआईपी सेक्टर हैं जिनमें हरियाणा, पंजाब के सीएम व मंत्रियों के अलावा प्रशासन के आला अधिकारियों के निवास हैं। हरियाणा और पंजाब का गर्वनर हाउस भी इन्हीं सेक्टरों के अंतगर्त आता है। सुखना लेक और रॉक गार्डन भी इनमें ही शामिल हैं। इस समय सुखना लेक और रॉक गार्डन के बाहर फडियां लगती हैं।
फड़ी वालों को ही दिए गए हैं बूथ
बैठक में यह बात सामने आई कि सेक्टर-19 और 22 में पहले ही जो शास्त्री और सदर बाजार में बूथ अलॉट हैं वह रेहड़ी फड़ी वालों को दिए गए हैं। ऐसे में फिर से यहां पर फड़ी वाले नहीं बिठाए जा सकते। इसके अलावा यहां पर वेंडिंग जोन बनाने पर जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी, जबकि सेक्टर-17 सिटी का हार्ट है यहां पर प्लाजा में वेंडिंग जोन की मंजूरी नहीं दी जा सकती।
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सेक्टर-1 से 6 तक भी नो वेंडिंग जोन
शहर के सेक्टर-1 से लेकर 6 तक भी कोई फड़ी नहीं लगेगी। इन सेक्टरों को भी प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने नो वेंडिंग जोन में शामिल किया है। ये सभी वीआईपी सेक्टर हैं जिनमें हरियाणा, पंजाब के सीएम व मंत्रियों के अलावा प्रशासन के आला अधिकारियों के निवास हैं। हरियाणा और पंजाब का गर्वनर हाउस भी इन्हीं सेक्टरों के अंतगर्त आता है। सुखना लेक और रॉक गार्डन भी इनमें ही शामिल हैं। इस समय सुखना लेक और रॉक गार्डन के बाहर फडियां लगती हैं।
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फड़ी वालों को ही दिए गए हैं बूथ
बैठक में यह बात सामने आई कि सेक्टर-19 और 22 में पहले ही जो शास्त्री और सदर बाजार में बूथ अलॉट हैं वह रेहड़ी फड़ी वालों को दिए गए हैं। ऐसे में फिर से यहां पर फड़ी वाले नहीं बिठाए जा सकते। इसके अलावा यहां पर वेंडिंग जोन बनाने पर जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी, जबकि सेक्टर-17 सिटी का हार्ट है यहां पर प्लाजा में वेंडिंग जोन की मंजूरी नहीं दी जा सकती।
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सेक्टर- 17, 19 और 22 में नहीं लगेंगी फड़ियां
सेक्टर- 17, 19 और 22 में नहीं लगेंगी फड़ियां
लोगों की आपत्तियां भी मांगी जाएंगी
मेयर आशा जसवाल ने बताया कि प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने जो 58 वेंडिंग जोन फाइनल किए हैं उन पर शहरवासियों की आपत्ति और राय भी मांगी जाएगी। वेंडिंग जोन की सूची निगम की वेबसाइट पर डाली जाएगी। इसके साथ सदन में ही वेंडिंग जोन की सूची चर्चा के लिए लाई जाएगी। मेयर ने बताया कि अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जो प्रस्तावित वेंडिंग जोन हैं, वह बाजार और पार्किंग के पास ही बनाए गए हैं।
वेंडिंग जोन तय करने के बाद अब वेंडर्स को लाइसेंस दिया जाएगा। निगम ने 21 हजार से ज्यादा वेंडर्स का सर्वे किया है, जिन्हें तय वेंडिंग जोन में जगह अलॉट की जाए। जबकि सेक्टर-17,19 और 22 में जो वेंडर्स बैठे हुए हैं, उन्हें दूसरे बाजारों में शिफ्ट किया जाए। तीनों सेक्टरों के नो वेंडिंग जोन बनने से 3500 वेंडर्स को यहां से शिफ्ट किया जाएगा।
एक साल से ज्यादा हो गया एक्ट लागू हुए
शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू हुए एक साल से ज्यादा समय हो गया है। इस कारण शहर के बाजारों में पैदल चलने की जगह पर भी फड़ियां लग गई हैं। इस एक साल के दौराननिगम ने जिनका सर्वे हुआ है उन फड़ी वालों के चालान नहीं काटे हैं, जिससे निगम की लाखों रुपये की कमाई भी कम हुई, वहीं शहर में अतिक्रमण भी बढ़ा है।
मेयर आशा जसवाल ने बताया कि प्रशासन के वास्तुकार विभाग ने जो 58 वेंडिंग जोन फाइनल किए हैं उन पर शहरवासियों की आपत्ति और राय भी मांगी जाएगी। वेंडिंग जोन की सूची निगम की वेबसाइट पर डाली जाएगी। इसके साथ सदन में ही वेंडिंग जोन की सूची चर्चा के लिए लाई जाएगी। मेयर ने बताया कि अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जो प्रस्तावित वेंडिंग जोन हैं, वह बाजार और पार्किंग के पास ही बनाए गए हैं।
वेंडिंग जोन तय करने के बाद अब वेंडर्स को लाइसेंस दिया जाएगा। निगम ने 21 हजार से ज्यादा वेंडर्स का सर्वे किया है, जिन्हें तय वेंडिंग जोन में जगह अलॉट की जाए। जबकि सेक्टर-17,19 और 22 में जो वेंडर्स बैठे हुए हैं, उन्हें दूसरे बाजारों में शिफ्ट किया जाए। तीनों सेक्टरों के नो वेंडिंग जोन बनने से 3500 वेंडर्स को यहां से शिफ्ट किया जाएगा।
एक साल से ज्यादा हो गया एक्ट लागू हुए
शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू हुए एक साल से ज्यादा समय हो गया है। इस कारण शहर के बाजारों में पैदल चलने की जगह पर भी फड़ियां लग गई हैं। इस एक साल के दौराननिगम ने जिनका सर्वे हुआ है उन फड़ी वालों के चालान नहीं काटे हैं, जिससे निगम की लाखों रुपये की कमाई भी कम हुई, वहीं शहर में अतिक्रमण भी बढ़ा है।