विश्व जल दिवस विशेष : आपूर्ति का 33 फीसदी लीकेज में हो रहा बर्बाद, घरों में नहीं पहुंच रहा पानी
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चंडीगढ़ नगर निगम शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई देने की तैयारी में जुटा है, लेकिन अभी जो उसके पास पानी है, वह उसकी सुचारु रूप से सप्लाई नहीं कर पा रहा। इससे चंडीगढ़ के कई पॉश सेक्टरों को पानी की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। नगर निगम कुल 109 एमजीडी पानी देने का दावा कर रहा है, लेकिन लोगों तक पहुंचने से पहले उसका 33 फीसदी पानी लीकेज में बर्बाद हो रहा है। 22 मार्च को पूरे विश्व में विश्व जल दिवस मनाया जाता है। ऐसे में चंडीगढ़ में पानी की इतनी बर्बादी चिंताजनक है।
चंडीगढ़ के कई हिस्सों में पानी की पाइपें 50 साल से पुरानी हो चुकी हैं। इस वजह से काफी पानी बह जाता है। लीकेज के कारण पानी का प्रेशर नहीं बन पाता है और घरों में पानी ऊपर नहीं चढ़ पाता है। पानी की सबसे ज्यादा समस्या 7, 15, 16, 18, 20, 21 जैसे वीआईपी सेक्टरों में है। निगम का दावा है कि इस व्यवस्था पर उसे हर साल 245 करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं।
इस समय चंडीगढ़ के लिए पेयजल आपूर्ति बड़ी समस्या बनी हुई है। एक ओर लोग पानी की बढ़ी हुई दरों से परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर निगम इस व्यवस्था से होने वाले घाटे से उबरने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। निगम के अनुसार शहर में एक व्यक्ति औसतन प्रतिदिन 254 लीटर पानी उपयोग कर रहा है जबकि मानक के अनुसार एक व्यक्ति को प्रतिदिन औसतन 135 लीटर पानी ही उपयोग करना होता है। निगम का दावा है लोगों को तीन समय पानी की आपूर्ति होती है जबकि शहरवासियों का कहना है कि सुबह और शाम का ही पानी मिल पाता है। दोपहर का पानी तो पाइपों से हवा निकलने में ही चला जाता है।
- 8 घंटे सुबह-शाम मिलता है पानी
- 2 घंटे दोपहर में मिलता है पानी
- 6 फेज में कजौली वाटर वर्क्स से
- 87 एमजीडी 6 फेज से पानी आता है
- 22 एमजीडी ट्यूबवेलों से पानी आता है
- पीने के लिए : तीन से छह लीटर
- नहाने के लिए : 40 से 45 लीटर
- शौच के लिए : 50 लीटर
- पानी के बिल - 7558.63
- मीटर का शुल्क - 110.06
- सीवर शुल्क - 984.60
- कुल - 8653.29
सेक्टर में देर से पानी आता है और जल्द चला जाता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं होती। नगर निगम और प्रशासन इस पर तुरंत कार्रवाई करे। -तरुण शर्मा, निवासी सेक्टर- 21सी
बिल बढ़ा दिया, लेकिन पानी नहीं
पानी का बिल तीन गुना बढ़ा दिया, लेकिन पानी नहीं बढ़ाया। लो प्रेशर के कारण हर रोज परेशानी होती है। पहले एक हजार रुपये का बिल आता था अब तीन हजार रुपये का बिल आता है। -परमजीत कौर ग्रेवाल, 21 ए
सेक्टर में सप्लाई हो रहा गंदा पानी
हमारे सेक्टर में पानी बहुत ही गंदा आता है। पानी की पाइपों पुरानी होने के कारण टूट गई हैं, जिसके कारण घरों में मिट्टी मिक्स होकर पानी के साथ आ रही है। -विजय चकरासल, सेक्टर 41
मई-जून में पानी का प्रेशर रहता है कम
मई-जून के महीने में पानी का प्रेशर कम रहता है। पहली और दूसरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंच पाता है। निगम को इस समस्या का समाधान कर देना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो। -जीके गिरिधर सेक्टर- 42
यह बात सही है कि पाइप लाइन काफी पुरानी हैं। इसलिए लीकेज की भी समस्या है, लेकिन हमेशा पेयजल आपूर्ति की समस्या नहीं रहती। कभी-कभी ही ऐसी स्थिति बनती है। लोगों को कजौली से आने वाला पूरा पानी मिलता है। - शैलेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर