Chandigarh: 42 महीने में शहर से चोरी हुए 3212 वाहन, रिकवरी महज 790 की हुई... बाकी मामले अनट्रेस
पुलिस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में यूटी में करीब 495 वाहन चोरी हुई जिसमें से पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केवल 159 वाहनों को रिकवर किया। जबकि वर्ष 2022 में चोरी की आंकड़ा दोगुना होकर 957 तक पहुंच गया जबकि इस साल में जांच टीमों ने केवल 264 वाहनों को ही रिकवर किया।
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देश की सबसे हाईटेक पुलिस की लिस्ट में यूटी पुलिस का नाम टॉप में लिया जाता है। लेकिन कई मामलों में यूटी पुलिस काफी पिछड़ी हुई है। अगर सबसे हाईटेक पुलिस के वाहन चोरी के आंकड़ों पर ही नजर डाली जाए तो चोरी की लिस्ट काफी लंबी है।
एक जनवरी 2021 से 30 जून 2024 तक महज साढ़े तीन साल यानी 42 महीने में चंडीगढ़ से छोटे-बड़े करीब 3212 वाहन चोरी हो गए। पुलिस इनमें से केवल 790 वाहनों को ही रिकवर कर पाई है, बाकि चोरी के वाहनों का कोई पता लग पाया है। बल्कि दो हजार से से अधिक वाहन चोरी के मामलों को पुलिस ने कागजों में अनट्रेस दिखाकर कोर्ट में रिपोर्ट भी सबमिट कर दी है।
पुलिस के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021 में यूटी में करीब 495 वाहन चोरी हुई जिसमें से पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केवल 159 वाहनों को रिकवर किया। जबकि वर्ष 2022 में चोरी की आंकड़ा दोगुना होकर 957 तक पहुंच गया जबकि इस साल में जांच टीमों ने केवल 264 वाहनों को ही रिकवर किया। इसके बाद वर्ष 2023 में चोरी का आंकड़ा कम होने के बजाए पहले से अधिक बढ़ गया और चोरों ने करीब 1164 वाहनों पर हाथ साफ कर दिया। इनमें से पुलिस केवल 258 वाहन को रिकवर पाई और यहां रिकवरी की प्रतिशत भी पहले से काफी कम हो गया। वहीं वर्ष 2024 में एक जनवरी से अभी तक 30 जून तक महज छह महीने में करीब 596 वाहन चोरी हो चुके है और इनमें से केवल 109 वाहनों की रिकवरी हुई। दिसंबर तक चोरी का यह आंकड़ा डबल हो सकता है।
चोरी में 70 प्रतिशत दोपहिया वाहनों की हुई चोरी
पुलिस के आंकड़ों अनुसार वाहन चोरी की घटनाओं में से 70 प्रतिशत केवल दोपहिया वाहन थे। इनमें चौपहिया वाहनों की संख्या कम है जबकि एक्टिवा, बाइक और स्कूटरों की संख्या सबसे अधिक है। इन चोरी के वाहनों पर ही अपराधिक किस्म के व्यक्ति स्नेचिंग व अन्य वारदातों को अंजाम देते है। कुछ समय पहले एक कार चोरी हुई थी जिसमें जीपीएस भी लगा हुआ था। लेकिन चोरी होने के बाद उस गाड़ी की आखिरी लोकेशन यूपी के मेरठ तक आई थी और उसके बाद गाड़ी की लोकेशन बंद हो गई थी। उस गाड़ी का आज तक कोई सुराग भी नहीं लग पाया है। आरोपी चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर भी घूमते है ताकि किसी को चोरी के वाहन का पता न लग सकें। इसका खुलासा कुछ दिन पूर्व खुद पुलिस द्वारा फर्जी नंबर प्लेट लगे मोटरसाइकिलों से हुआ था जो पुलिस ने रिकवर की थी।
साढ़े 6 महीने में चोरी हो गए 600 से अधिक वाहन
इसके अलावा पुलिस के रिकॉर्ड मुताबिक 1 जनवरी 2024 से 30 जून तक यूटी में करीब 596 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए है। जबकि जुलाई महीने में भी आधा दर्जन से अधिक मामले वाहन चोरी के सामने आ चुके हैं। जबकि इन छह महीनों में पुलिस ने केवल 109 वाहनों को ही रिकवर किया है और बकाया वाहनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। वहीं, वर्ष 2021 से 2024 तक पुलिस द्वारा दो हजार से अधिक वाहन चोरी के मामलों को अनट्रेस दिखाते हुए फाइनल रिपोर्ट भी कोर्ट में सबमिट कर दी है। कोर्ट में अनट्रेस रिपोर्ट सबमिट होने के बाद ही वाहन चालक को इंश्योरेंस कंपनी से मुआवजा मिल पाता है।
थाना 2021 2022 2023
चोरी-रिकवरी चोरी-रिकवरी चोरी-रिकवरी
सेक्टर-3 11 - 03 46-06 48-08
सेक्टर-11 30 - 10 52-14 98-22
सेक्टर-17 54-20 95-23 122-22
सारंगपुर 17-10 48-24 66-18
सेक्टर-19 13-04 23-05 32-09
सेक्टर-26 24-05 37-17 31-12
इंडस्टि्रयल 27-11 31-12 39-15
मनीमाजरा 45-12 80-22 88-32
मौलीजागरां 23-07 32-09 41-05
आईटी पार्क 14-09 20-03 26-06
सेक्टर-31 17-03 65-10 51-05
सेक्टर-34 43-07 142-42 178-32
सेक्टर-49 32-04 35-06 33-02
सेक्टर-36 49-23 88-33 120-25
सेक्टर-39 80-24 106-26 145-31
मलोया 16-07 57-12 46-14