बारिश ने 32 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, बढी ठंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन से हो रही जबरदस्त बारिश ने चंडीगढ़ में नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं। 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 74.3 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार है। इससे पहले ऑल टाइम रिकॉर्ड 29 दिसंबर 1982 में दर्ज किया गया था।
उस दौरान 55.8 एमएम बारिश हुई थी। उस रिकॉर्ड को भी 32 साल गुजर चुके हैं। शनिवार सुबह शुरू हुई बारिश अगले दिन रविवार दोपहर डेढ़ बजे तक जारी रही। चंडीगढ़ सहित पंचकूला और मोहाली की सड़कें बारिश से लबालब हो गईं।
दिन हो गए ठंडे
दो दिन हुई बारिश से दिन के तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। हालांकि रात का तापमान कम होने के बजाए बढ़ गया है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गय। सामान्य से सात डिग्री कम है।
रात भर हुई बारिश के बावजूद रात का तापमान सामान्य से ज्यादा नोट किया गया। शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री ज्यादा था।
अब गिरेगा रात का तापमान
मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया है कि चंडीगढ़ में सोमवार को कुछ समय के लिए बादल तो छाएंगे, लेकिन बारिश की संभावना बेहद कम है। सवेरे करीब तीन से सात बजे तक धुंध पड़ने की संभावना है।
मंगलवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन धुंध का असर दिख सकता है। सोमवार से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्से में सोमवार को भी बारिश हो सकती है। उसके बाद इन दोनों राज्यों में आसमान साफ हो जाएगा।
कुछ हिस्से में ओले भी गिरे
दो दिन की बारिश के दौरान कई जगह ओले भी गिरे हैं। चंडीगढ़ में पीजीआई कैंपस, सेक्टर-44 सहित कुछ स्थानों पर ओले गिरने की सूचना है। इसी तरह पंचकूला और बलटाना में भी रविवार सवेरे कुछ समय के लिए ओले गिरे।
सुबह से हो रही बारिश से कई जगहों पर जन-जीवन भी प्रभावित हो गया। जीरकपुर में रविवार दोपहर तक बिजली बंद थी। इससे भी लोगों को बेहद परेशानी हुई।
इसलिए चंडीगढ़ में ज्यादा बारिश हुई
चंडीगढ़ में शनिवार पूरी रात बादल तेजी से गरजते रहे। लोगों में चर्चा रही कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस और पूर्वी हवाओं का मिलन हुआ।
इन हवाओं ने बादलों को बढ़ने से रोक दिया। इसलिए चंडीगढ़ और उसके आसपास ही बादल छाए रहे और तेजी से बरसे। अब वेस्टर्न डिस्टरबेंस निष्क्रिय हो गया है।
पौधों के लिए फायदेमंद है बारिश
नगर निगम के हॉर्टीकल्चर विभाग के एक्सईएन केपी सिंह ने बताया कि पौधों के लिए ये बारिश बहुत ही फायदेमंद है। इससे पौधों पर जमीं धूल और दीमक हट गए हैं, जो पौधों के बढ़ने में सहायक रहते हैं।
सर्दी से पौधों की ग्रोथ रुक जाती है। इस बार मानसून भी कमजोर रहा है। जिन लोगों के घर में बगिया बना रखी हैं, उन्हें अब कुछ करने की जरूरत है।