तीन जगह से टूटी मम्मड़ ब्रांच, 300 एकड़ फसलें डूबी, किसान बोले-उम्मीदों पर फिरा पानी
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गांव भादड़ा, फग्गू व सुब्बाखेड़ा के निकट शुक्रवार अलसुबह मम्मड़ ब्रांच तीन जगहों से टूट गई। इससे किसानों की 300 एकड़ फसल में पानी भर गया। वहीं किसानों के खेतों में बने मकानों, ट्यूबवेलों व ढाणियों में भी पानी घुसने के कारण नुकसान हुआ है।
सूचना के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी बंद करवाकर मशीनों व मजदूरों की सहायता से टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू किया। नहर टूटने का कारण पंजाब क्षेत्र से मम्मड़ ब्रांच में ज्यादा पानी छोड़े जाने के कारण ब्रांच ओवरफ्लो होना बताया गया है।
विभाग अधिकारियों को शुक्रवार अलसुबह गांव फग्गू के रकबे में बुर्जी नंबर 30770 के पास मम्मड़ ब्रांच की पटरी लीकेज की सूचना मिली। इसके बाद पंजाब क्षेत्र के अधिकारियों से संपर्क कर गोलेवाला हेड से पानी का बहाव कम करवाया गया।
उक्त जगह पर ब्रांच में करीब 20 फुट में कटाव हो गया। इससे पहले कि विभागीय कर्मचारी टूटे हिस्से को संभाल पाते, उससे पहले ही गांव भादड़ा के पास मम्मड़ ब्रांच की बुर्जी नंबर 46950 के पास भी करीब 60 फुट जगह में कटाव होकर एक हिस्सा टूट गया।
वहीं कुछ ही देर बाद गांव सुब्बाखेड़ा के निकट भी बुर्जी 55730 के पास भी करीब 30 फुट में कटाव हो गया। कुछ ही समय के अंतराल में तीन जगहों से नहर टूटने के कारण किसानों की सैकड़ों एकड़ नरमे -कपास व कटी हुई धान की फसल पानी की भेंट चढ़ गई। पानी का बहाव तेज होने के कारण पानी फसलों से होता हुआ गांव में पहुंच गया।
सूचना पाकर नहरी विभाग के एक्सईन आरके फुलिया, एसडीओ राजेंद्र खर्ब, जेई अभिनव कुमार व जेई पवन कुमार सहित अन्य कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। नहर के टूटे हिस्से को भरने के लिए 2 जेसीबी मशीनें व 6 ट्रैक्टर ट्रॉलियों के अलावा करीब दो दर्जन मजदूरों की मदद ली जा रही है।
नहर टूटने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गाव भादड़ा के रकबा क्षेत्र में हुआ है। जहां करीब 200 एकड़ नरमा-कपास व धान की फसल में पानी भर गया। वहीं खेतों में ट्यूबवेल जलमग्न हो गए और कमरों में भी पानी घुस गया। तीनों जगहों पर करीब 300 एकड़ फसलों में पानी भर गया। इनमें से कुछ नरमा-कपास की चुगाई हो चुकी थी लेकिन काफी किसानों ने धान की फसल उठाई भी नहीं थी।
किसान बोले, उम्मीदों पर फिरा पानी
गांव भादड़ा के किसान राजेंद्र श्योराण ने बताया कि उसने 2 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान की फसल लगाई थी। उसने फसल का कटान कर खेत में एकत्र किया था। संसाधन न मिलने के चलते धान की फसल निकालने में देर हो गई।
इसी दौरान उसकी कटी फसल पानी के बहाव में बह गई। किसान ने दुखी मन से बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी होने के कारण उसे उम्मीद थी कि वह कुछ लेनदेन कर लेगा, लेकिन उसके अरमान पानी में बह गए।
वहीं परमानंद ने बताया कि उसने भी भूमि ठेके पर लेकर करीब 6 कनाल में सब्जियों की बिजाई की थी लेकिन उसकी सारी फसल नष्ट हो गई। नरमें की फसलों में पानी घुसने के कारण गेहूं व सरसों की बिजाई लेट होगी। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके नुकसान की भरपाई करवाई जाए।
वहीं सूचना पाकर कालांवाली के पूर्व विधायक बलकौर सिंह ने मौके पर पहुंच कर किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस बारे प्रशासन से बात कर मामला सरकार तक पहुंचाएंगे। ताकि किसानों की भरपाई हो सके।
तीन जगहों पर मम्मड़ ब्रांच में कटाव हुआ है। पंजाब क्षेत्र से पानी ज्यादा छोड़े जाने के कारण ऐसा हुआ। सूचना के बाद हमने पंजाब के अधिकारियों से बात कर पानी बंद करवाया। टूटे हिस्सों को पाटने के लिए जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व मजदूरों की सहायता ली जा रही है। जिन किसानों के खेतों में पानी ज्यादा है वहां से निकालने के लिए 3 पंप सेट मंगवाए हैं। टूटे हिस्से को भरने में लगे हुए हैं। कार्य पूर्ण होने में अभी समय लगेगा। राजेंद्र खर्ब, एसडीओ,नहरी एवं सिंचाई विभाग।