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बेटियों को बचाने के लिए एक मंच पर आईं 29 पंचायतें, ऐतिहासिक फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली (सिरसा)
Updated Mon, 08 Aug 2016 09:56 PM IST
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पंचायत
- फोटो : फाइल फोटो
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लाडो को बचाने के लिए खंड डबवाली की पंचायतों ने हुंकार भरी है। गांव गोरीवाला में जुटे 29 गांवों के सरपंचों ने प्रस्ताव पारित किया कि कन्या भ्रूण हत्या का दोष सिद्ध होने पर पंचायत संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार करेगी। प्रदेश में यह पहला मौका है, जब सामाजिक बुराई के खिलाफ किसी खंड की इतनी पंचायतें आगे आई हैं।
सुबह करीब 10 बजे गांव गोरीवाला के पंचायत घर में खंड डबवाली के सरपंचों की बैठक शुरू हुई। जिसमें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लिया गया। गांव कालूआना की महिला सरपंच गीता देवी बेटियां बचाने के लिए प्रस्ताव लेकर आगे आईं। बैठक में मौजूद सभी सरपंचों ने प्रस्ताव को समर्थन दिया।
बैठक में सर्व सम्मति से पहला प्रस्ताव पारित हुआ कि कन्या भ्रूण हत्या किसी भी हालत में नहीं होने दी जाएगी। सरपंच पंचायत सदस्यों के सहयोग से गांव में स्थित प्रत्येक घर को जागरूक करेंगे। इसके बाद भी कोई नहीं माना तो पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार होगा। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। पंचायत अपने स्तर पर उसे पुरस्कृत करेगी। इसके साथ ही 29 गांवों के सरपंचों ने बेटी बचाने की शपथ उठाई।
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सुबह करीब 10 बजे गांव गोरीवाला के पंचायत घर में खंड डबवाली के सरपंचों की बैठक शुरू हुई। जिसमें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लिया गया। गांव कालूआना की महिला सरपंच गीता देवी बेटियां बचाने के लिए प्रस्ताव लेकर आगे आईं। बैठक में मौजूद सभी सरपंचों ने प्रस्ताव को समर्थन दिया।
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बैठक में सर्व सम्मति से पहला प्रस्ताव पारित हुआ कि कन्या भ्रूण हत्या किसी भी हालत में नहीं होने दी जाएगी। सरपंच पंचायत सदस्यों के सहयोग से गांव में स्थित प्रत्येक घर को जागरूक करेंगे। इसके बाद भी कोई नहीं माना तो पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार होगा। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। पंचायत अपने स्तर पर उसे पुरस्कृत करेगी। इसके साथ ही 29 गांवों के सरपंचों ने बेटी बचाने की शपथ उठाई।
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नशे को लेकर भी बड़ा फैसला सुनाया गया
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- फोटो : amar ujala
दूसरा प्रस्ताव नशे के खिलाफ पारित हुआ। एक मंच पर जुटे सरपंचों ने कहा कि वे गांवों में नशा नहीं बिकने देंगे। तीसरा प्रस्ताव भी पारित किया गया। सरपंचों ने शपथ भी उठाई कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे। बैठक में पारित हुए प्रस्तावों को आगामी कार्रवाई के लिए उपायुक्त सिरसा के पास भेजा जाएगा। हालांकि गांव कालूआना की पंचायत 16 जुलाई 2016 को सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया था। जिसे जिला प्रशासन की मंजूरी भी मिल चुकी है।
सामाजिक बहिष्कार का फैसला लेने वाले गांवों में अब कालूआना के साथ अहमदपुर दारेवाला, जंडवाला बिश्नोइयां, रिसालियाखेड़ा, जोतांवाली, गोरीवाला, झुट्टीखेड़ा, लखुआना, मोड़ी, चौटाला, लोहगढ़, बिज्जूवाली, डबवाली, गोदीकां, राजपुरा, गंगा, सांवतखेड़ा, मुन्नांवाली, अबूबशहर, रत्ताखेड़ा, पाना, मांगेआना, लंबी, नीलियांवाली, गिदडख़ेड़ा, पन्नीवाला रूलदू, खुईयांमलकाना, मटदादू तथा चकजालू भी आ खड़े हुए हैं। गौरतलब है कि खंड डबवाली में कुल 48 पंचायत हैं। आधी से ज्यादा पंचायतों ने उपरोक्त फैसला ले लिया है।
सामाजिक बहिष्कार का फैसला लेने वाले गांवों में अब कालूआना के साथ अहमदपुर दारेवाला, जंडवाला बिश्नोइयां, रिसालियाखेड़ा, जोतांवाली, गोरीवाला, झुट्टीखेड़ा, लखुआना, मोड़ी, चौटाला, लोहगढ़, बिज्जूवाली, डबवाली, गोदीकां, राजपुरा, गंगा, सांवतखेड़ा, मुन्नांवाली, अबूबशहर, रत्ताखेड़ा, पाना, मांगेआना, लंबी, नीलियांवाली, गिदडख़ेड़ा, पन्नीवाला रूलदू, खुईयांमलकाना, मटदादू तथा चकजालू भी आ खड़े हुए हैं। गौरतलब है कि खंड डबवाली में कुल 48 पंचायत हैं। आधी से ज्यादा पंचायतों ने उपरोक्त फैसला ले लिया है।