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किसान आंदोलन : पंजाब के 27 दिग्गज खिलाड़ी लौटाएंगे अवार्ड, देखें- लिस्ट में किस-किस का नाम
Fri, 04 Dec 2020 02:33 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर/चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर/चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 04 Dec 2020 02:33 PM IST
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किसान आंदोलन:सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व हॉकी कप्तान परगट सिंह समेत पंजाब के 27 खिलाड़ियों ने किसानों के समर्थन में अपने पुरस्कार लौटाने का एलान कर दिया है। परगट सिंह समेत सभी खिलाड़ी पांच दिसंबर को पुरस्कार लौटाएंगे। परगट सिंह जालंधर कैंट से कांग्रेस के विधायक हैं और किसान परिवार से जुड़े हुए हैं। इससे पहले किसानों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा अपने पद्म पुरस्कार लौटा चुके हैं।
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परगट सिंह के अलावा करतार सिंह पहलवान, ब्रिगेडियर हरचरण सिंह, दविंदर सिंग गरचा, सुरिंदर सोढ़ी, गुनदीप कुमार, सुशील कोहली, मुखबैन सिंह, कर्नल बलबीर सिंह, गुरमैल सिंह, गोल्डन गर्ल रादबीर कौर, जगदीश सिंह, बलदेव सिंह, अजीत सिंह, हरमीक सिंह, अजीत पाल सिंह, चंचल रंधावा, सज्जन सिंह चीमा, हरदीप सिंह, अजैब सिंह, शाम लाल, हरविंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, सुमन शर्मा, प्रेमचंद डोगरा, बलविंदर सिंह व सरोज बाला जैसे खिलाड़ी भी पुरस्कार लौटाने जा रहे हैं।
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बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ सूबे के किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इन दिनों दिल्ली सीमा पर किसानों का आंदोलन चल रहा है और केंद्र सरकार ने अब तक उनकी मांगें नहीं मानी हैं।
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किसानों पर बल प्रयोग की निंदा की
पद्मश्री व अर्जुन अवार्डी पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवार्डी बास्केटबाल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा दिल्ली जा रहे किसानों को रोकने के लिए केंद्र और हरियाणा सरकार द्वारा वाटर कैनन व आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने की निंदा कर चुके हैं।
सज्जन सिंह चीमा ने कहा कि हम किसानों के बच्चे हैं। किसान कई महीने से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान हिंसा की एक भी घटना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद दिल्ली जाते समय किसानों पर वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया।
चीमा ने कहा कि अगर हमारे बुजुर्गों और भाइयों की पगड़ी ऐसे उछाली जाएंगी तो ऐसे पुरस्कार और अवार्ड रखकर क्या करेंगे? किसानों को हमारा पूरा समर्थन है। हमें ऐसे अवार्ड नहीं चाहिए और इसीलिए हम इन्हें लौटाने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह हरियाणा में भी पूर्व खिलाड़ियों से संपर्क कर रहे हैं और वे भी किसान आंदोलन के समर्थन में आगे आएंगे।