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इंजीनियर के परिवार को 27 लाख का दें मुआवजा
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 22 Nov 2013 09:35 AM IST
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स्थानीय कोर्ट ने हरियाणा रोडवेज बस की चपेट में आने से मौत के शिकार हुए इंजीनियर के परिवार को 27 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेशों के मुताबिक, यह मुआवजा स्टेट ऑफ हरियाणा, हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो के जनरल मैनेजर और बस चालक को संयुक्त रूप से अदा करना होगा।
यह हादसा फरवरी 2011 में चंडीगढ़ सेक्टर-45/46 के चौक पर पर हुआ था। मूल रूप से जालंधर निवासी इंजीनियर का परिवार पंचकूला में रहता है। मोहाली से पंचकूला आते समय इंजीनियर मनुज शर्मा की कार को बस ने अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
जालंधर के पुरनिया मोहल्ला नजदीक खिंगरा गेट निवासी चंद्रमोहन और उनकी पत्नी सुनीता शर्मा ने पंचकूला कोर्ट में क्लेम केस दायर किया था। पिछले काफी समय से यह परिवार पंचकूला के सेक्टर-4 में रहता है।
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केस में कहा गया कि उनका बेटा मनुज शर्मा दिल्ली की एक कंपनी में काम करता था और उसकी मासिक आय 45 हजार रुपये थी। हादसे के बाद परिजनों ने हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो के जनरल मैनेजर, स्टेट ऑफ हरियाणा व बस चालक हरि राम को पार्टी बनाकर 50 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था।
कोर्ट में सामने आया कि मासिक आय 45 हजार थी, लेकिन इसमें कई अलाउंस भी शामिल थे, जैसे फोन, रिहायश व अन्य। मृतक को 20 हजार रुपये नगद प्रतिमाह आते थे।
इसके अलावा वह 25 साल की उम्र को पार कर चुका था। याची पक्ष के एडवोकेट ललित गुप्ता ने बताया कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने 27 लाख 79 हजार रुपये का क्लेम पास किया है।
कई पलटी खाई थी कार
मनुज शर्मा सिविल इंजीनियर थे और वह 28 फरवरी 2011 को अपनी कार से मोहाली से पंचकूला आ रहे थे। करीब एक बजे वह चंडीगढ़ के 45,46,49 व 50 के चौक पर रुककर ग्रीन लाइट का इंतजार कर रहे थे।
लाइट ग्रीन हुई और वह आगे बढ़े, तभी बस स्टैंड की तरफ से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस ने कार को टक्कर मार दी। इससे कार कई पलटियां खाकर पलट गई। पुलिस ने उन्हें कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेशों के मुताबिक, यह मुआवजा स्टेट ऑफ हरियाणा, हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो के जनरल मैनेजर और बस चालक को संयुक्त रूप से अदा करना होगा।
यह हादसा फरवरी 2011 में चंडीगढ़ सेक्टर-45/46 के चौक पर पर हुआ था। मूल रूप से जालंधर निवासी इंजीनियर का परिवार पंचकूला में रहता है। मोहाली से पंचकूला आते समय इंजीनियर मनुज शर्मा की कार को बस ने अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
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जालंधर के पुरनिया मोहल्ला नजदीक खिंगरा गेट निवासी चंद्रमोहन और उनकी पत्नी सुनीता शर्मा ने पंचकूला कोर्ट में क्लेम केस दायर किया था। पिछले काफी समय से यह परिवार पंचकूला के सेक्टर-4 में रहता है।
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केस में कहा गया कि उनका बेटा मनुज शर्मा दिल्ली की एक कंपनी में काम करता था और उसकी मासिक आय 45 हजार रुपये थी। हादसे के बाद परिजनों ने हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद डिपो के जनरल मैनेजर, स्टेट ऑफ हरियाणा व बस चालक हरि राम को पार्टी बनाकर 50 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था।
कोर्ट में सामने आया कि मासिक आय 45 हजार थी, लेकिन इसमें कई अलाउंस भी शामिल थे, जैसे फोन, रिहायश व अन्य। मृतक को 20 हजार रुपये नगद प्रतिमाह आते थे।
इसके अलावा वह 25 साल की उम्र को पार कर चुका था। याची पक्ष के एडवोकेट ललित गुप्ता ने बताया कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने 27 लाख 79 हजार रुपये का क्लेम पास किया है।
कई पलटी खाई थी कार
मनुज शर्मा सिविल इंजीनियर थे और वह 28 फरवरी 2011 को अपनी कार से मोहाली से पंचकूला आ रहे थे। करीब एक बजे वह चंडीगढ़ के 45,46,49 व 50 के चौक पर रुककर ग्रीन लाइट का इंतजार कर रहे थे।
लाइट ग्रीन हुई और वह आगे बढ़े, तभी बस स्टैंड की तरफ से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस ने कार को टक्कर मार दी। इससे कार कई पलटियां खाकर पलट गई। पुलिस ने उन्हें कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।