{"_id":"631ba6836591ef312b26e56d","slug":"26-women-of-the-city-will-give-the-message-of-women-empowerment-and-peace-in-kashmir-by-cycling-chandigarh-news-pkl461918442","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की 26 महिलाएं साइक्लिंग से कश्मीर में देंगी नारी सशक्तिकरण और अमन का पैगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की 26 महिलाएं साइक्लिंग से कश्मीर में देंगी नारी सशक्तिकरण और अमन का पैगाम
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर की 26 महिलाएं नारी सशक्तिकरण और अमन का पैगाम लेकर शनिवार को कश्मीर जाएंगी। साइकिलगिरी समूह की ये महिलाएं बारामूला से कमान अमन पोस्ट तक आयोजित 65 किलोमीटर की साइकिल रैली में हिस्सा लेंगी। यह कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित किया गया है। साइकिलगिरी समूह की महिलाएं शुक्रवार को मेयर सरबजीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने मेयर को अपने कार्यक्रम के बारे में बताया। मेयर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
महिलाओं ने बताया कि साइकिल रैली के जरिए कश्मीर घाटी में अमन का पैगाम देने के साथ ही साइक्लिंग को बढ़ावा भी देंगी। इस कार्यक्रम से वे काफी उत्साहित हैं। महिलाएं पेशे से डॉक्टर, शिक्षिका, मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत और गृहिणियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि धरती के स्वर्ण पर कार्यक्रम में भाग लेने अपनेआप में एक रोमांचक भरा अहसास है। रक्षा मंत्रालय की ओर से यह कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस रैली से यह संदेश दिया जाएगा कि कश्मीर भी महिलाओं के लिए सुरक्षित है।
बॉक्स
बोलीं-झेलम के किनारे साइक्लिंग का अलग ही अनुभव होगा
महिलाओं ने बताया कि कश्मीर में झेलम के किनारे, प्रकृति की गोद में साइक्लिंग करना अपनेआप में एक अद्भुत अनुभव होगा। साइक्लिंग सेहत और वातावरण दोनों के लिए लाभदायक है। साइकिलगिरी की संस्थापक डॉ. सुनैना चंडीगढ़ में साइकिल को बढ़ावा देती रही हैं। इस रैली में भाग लेने वाली महिलाएं प्रतिदिन साइक्लिंग कर रही हैं।
विज्ञापन
भारतीय सेना करेगी रहने खाने-पीने की व्यवस्था
रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए महिलाओं का दल सोमवार को सुबह एयरपोर्ट से श्रीनगर के लिए रवाना होगा। वहां इंडियन आर्मी के प्रतिनिधि उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद 11 सितंबर को राइड कश्मीर साइकिल रैली 2022 में सब हिस्सा लेंगी। इन महिलाओं को रक्षा मंत्रालय की ओर से साइकिलें प्रदान की जाएंगी। इनके रहने और खाने पीने की व्यवस्था भी सेना के द्वारा की जा रही है।
विज्ञापन
महिलाओं ने बताया कि साइकिल रैली के जरिए कश्मीर घाटी में अमन का पैगाम देने के साथ ही साइक्लिंग को बढ़ावा भी देंगी। इस कार्यक्रम से वे काफी उत्साहित हैं। महिलाएं पेशे से डॉक्टर, शिक्षिका, मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत और गृहिणियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि धरती के स्वर्ण पर कार्यक्रम में भाग लेने अपनेआप में एक रोमांचक भरा अहसास है। रक्षा मंत्रालय की ओर से यह कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस रैली से यह संदेश दिया जाएगा कि कश्मीर भी महिलाओं के लिए सुरक्षित है।
विज्ञापन
बॉक्स
बोलीं-झेलम के किनारे साइक्लिंग का अलग ही अनुभव होगा
महिलाओं ने बताया कि कश्मीर में झेलम के किनारे, प्रकृति की गोद में साइक्लिंग करना अपनेआप में एक अद्भुत अनुभव होगा। साइक्लिंग सेहत और वातावरण दोनों के लिए लाभदायक है। साइकिलगिरी की संस्थापक डॉ. सुनैना चंडीगढ़ में साइकिल को बढ़ावा देती रही हैं। इस रैली में भाग लेने वाली महिलाएं प्रतिदिन साइक्लिंग कर रही हैं।
विज्ञापन
भारतीय सेना करेगी रहने खाने-पीने की व्यवस्था
रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए महिलाओं का दल सोमवार को सुबह एयरपोर्ट से श्रीनगर के लिए रवाना होगा। वहां इंडियन आर्मी के प्रतिनिधि उनकी अगवानी करेंगे। इसके बाद 11 सितंबर को राइड कश्मीर साइकिल रैली 2022 में सब हिस्सा लेंगी। इन महिलाओं को रक्षा मंत्रालय की ओर से साइकिलें प्रदान की जाएंगी। इनके रहने और खाने पीने की व्यवस्था भी सेना के द्वारा की जा रही है।