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आईएसबीटी-43 में 24 घंटे मिलेंगे रिक्शा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 31 Dec 2013 08:52 AM IST
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आईएसबीटी, सेक्टर-43 से अब रात के समय भी यात्री आसानी से रिक्शा लेकर अपने घर जा सकेंगे। यहां 24 घंटे खुले रहने वाला पहला रिक्शा स्टैंड सोमवार से शुरू हो गया।
नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह, स्पेशल सेक्रेट्री फाइनेंस और प्रिंसिपल सेक्रेट्री ट्रांसपोर्ट भावना गर्ग ने इस स्टैंड का उद्घाटन किया। इस मौके पर नगर निगम के स्टेट अर्बन पावर्टी एलिविएशन सेल के सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर विवेक त्रिवेदी भी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के दौरान 25 लोगों को ईको रिक्शे दिए गए।
यह रिक्शा स्टैंड इकोकैब्स प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट की शुुरुआत इस साल 25 जून को सुखना लेक से हुई थी। यह प्रोजेक्ट यूटी प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से चलाया जा रहा है।
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प्रोजेक्ट के साथ जुड़े नवदीप असिजा ने बताया कि ये रिक्शा पुराने रिक्शों के मुकाबले काफी बेहतर हैं और लोगों के लिए आरामदायक भी हैं। ये रिक्शा 24 घंटे बस स्टैंड, सेक्टर-43 पर उपलब्ध रहेंगे। ऐसी सेवा देश में पहली बार शुरू की गई है।
दो साल में रिक्शा चालक बन जाएंगे मालिक
असिजा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मकसद लोगों को रोजगार देना भी है। जिन लोगों को ये रिक्शा दिए गए हैं, वे दो साल बाद इसके मालिक भी बन जाएंगे। उन्हें शुरुआत में 1000 रुपये देने पड़े हैं और दो साल तक वे हर रोज 20-20 रुपये देंगे। दो सालों तक उन्होंने जो राशि जमा करवाई है, उसका 30 फीसदी उन्हें रिटर्न भी हो जाएगा।
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नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह, स्पेशल सेक्रेट्री फाइनेंस और प्रिंसिपल सेक्रेट्री ट्रांसपोर्ट भावना गर्ग ने इस स्टैंड का उद्घाटन किया। इस मौके पर नगर निगम के स्टेट अर्बन पावर्टी एलिविएशन सेल के सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर विवेक त्रिवेदी भी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के दौरान 25 लोगों को ईको रिक्शे दिए गए।
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यह रिक्शा स्टैंड इकोकैब्स प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट की शुुरुआत इस साल 25 जून को सुखना लेक से हुई थी। यह प्रोजेक्ट यूटी प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से चलाया जा रहा है।
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प्रोजेक्ट के साथ जुड़े नवदीप असिजा ने बताया कि ये रिक्शा पुराने रिक्शों के मुकाबले काफी बेहतर हैं और लोगों के लिए आरामदायक भी हैं। ये रिक्शा 24 घंटे बस स्टैंड, सेक्टर-43 पर उपलब्ध रहेंगे। ऐसी सेवा देश में पहली बार शुरू की गई है।
दो साल में रिक्शा चालक बन जाएंगे मालिक
असिजा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मकसद लोगों को रोजगार देना भी है। जिन लोगों को ये रिक्शा दिए गए हैं, वे दो साल बाद इसके मालिक भी बन जाएंगे। उन्हें शुरुआत में 1000 रुपये देने पड़े हैं और दो साल तक वे हर रोज 20-20 रुपये देंगे। दो सालों तक उन्होंने जो राशि जमा करवाई है, उसका 30 फीसदी उन्हें रिटर्न भी हो जाएगा।