नोटबंदी के 22वें दिन 5 गांव ऐसे, जहां बैंकों में पैसे और लोग भी खुश
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नोटबंदी के 22वें दिन बाद भी हरियाणा के 5 गांव ऐसे हैं, जहां के बैंकों में पैसे हैं। इसके पीछे लोगों की ओर से अपनाई गई एक तकनीक है। हिसार जिले के पांच गांवों के लोग सलाह मशविरा कर एक ही बैंक से जरूरत के मुताबिक पैसा निकाल रहे हैं। ताकि किसी व्यक्ति को रुपयों की कोई समस्या ना आए।
बैंक में कम कैश आने के कारण बैंक मैनेजर ने किसानों को कैश संबंधी आने वाली समस्या को लेकर पहले ही अवगत करवा दिया था। इसके बाद किसान आपसी सलाह मशविरा कर जरूरत के मुताबिक पैसा निकालने लगे। हलांकि लोगों की नकदी की मांग अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।
जिले के गांव राजपुरा में एक ही बैंक है हरियाणा ग्रामीण बैंक। आसपास के गांवों में बैंक नहीं होने के कारण इस बैंक में पांच गांवों के लोगों के अकाउंट हैं। नोटबंदी के बाद बैंक में नई करेंसी कम ही पहुंच रही है।
इन गांवों के लोगों के हैं अकाउंट
बैंक मैनेजर दर्शन सिंह चौहान ने बताया कि लोग एक साथ दस से लेकर 24 हजार रुपये निकलवाने के लिए पहुंचे। तो उन्होंने कम कैश का हवाला देकर लोगों को समझाया कि वे जरूरत के मुताबिक ही कैश लें। ताकि किसी को कोई परेशानी न आए।
इसके बाद लोगों ने मिलकर मशवरा किया और जरूरत के मुताबिक ही कैश लेने लगे। यही नहीं किसी का परिजन बीमार होता है तो दूसरे किसान उसे अधिक पैसा लेने के लिए कह देते हैं। इससे कैश की कमी की भरपाई तो हो ही रही है। साथ में करेंसी भी सर्कुलेट हो रही है। एक अलग बात ये भी कि इससे लोगों के बीच का भाईचारा भी मजबूत हो रहा है।
इन गांवों के लोगों के हैं अकाउंट
राजपुरा के हरियाणा ग्रामीण बैंक में पाली, माजरा, ढाणी ब्रह्मणा, माढा, गुर्जर बाड़ा के गांवों के लोगों के खाते हैं। बैंक मैनेजर ने बताया कि इन गांवों में कोई बैंक नहीं होने के कारण अधिकतर लोगों के खाते यहीं हैं।
इसलिए बड़ी संख्या में लोग यहां कैश लेने आ रहे हैं। शुरुआत में परेशानी हुई थी, लेकिन एक बार कहने भर से ही अधिकतर लोग 2 हजार रुपये ही ले रहे हैं। लेकिन मात्र 2 घंटे में ही कैश खत्म हो जाने के कारण सभी लोगों को पैसे नहीं मिल पा रहे।