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26/11 के 'हीरो' सरकार के खिलाफ पहुंचे हाईकोर्ट, वजह जानकार आप कहेंगे- हद ही हो गई है
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:58 AM IST
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mumbai attack
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) को लीड करने वाले मेजर सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। रेवाड़ी निवासी मेजर कर्मजीत सिंह यादव ने इंसाफ के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है।
उनकी बहादुरी और साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल भी मिल चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने सम्मान राशि व अवार्ड देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने उनसे कहा कि युद्घ नहीं हुआ था इसलिए अवार्ड और सम्मान राशि जारी नहीं की जा सकती।
याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एडवोकेट पीएस राव गिरवर के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए मेजर कर्मजीत सिंह यादव ने कहा कि ऑपरेशन ब्लैक टारनेडो के दौरान उनके साहस और कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक दिया गया था।
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इस सम्मान के आधार पर उन्होंने हरियाणा सरकार के समक्ष रिप्रजेंटेशन देकर सम्मान राशि देने की अपील की थी। हरियाणा में प्रावधान है कि इस प्रकार वीरता का प्रदर्शन करने वालों को साढे पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। इसी के आधार पर याची ने इस राशि के लिए दावा किया था। हरियाणा सरकार ने मेजर की अपील यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उसके द्वारा दिखाई गई वीरता युद्ध के समय में नहीं बल्कि शांति के दौर में थी।
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उनकी बहादुरी और साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति मेडल भी मिल चुका है, लेकिन राज्य सरकार ने सम्मान राशि व अवार्ड देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने उनसे कहा कि युद्घ नहीं हुआ था इसलिए अवार्ड और सम्मान राशि जारी नहीं की जा सकती।
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याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एडवोकेट पीएस राव गिरवर के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए मेजर कर्मजीत सिंह यादव ने कहा कि ऑपरेशन ब्लैक टारनेडो के दौरान उनके साहस और कार्यों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक दिया गया था।
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इस सम्मान के आधार पर उन्होंने हरियाणा सरकार के समक्ष रिप्रजेंटेशन देकर सम्मान राशि देने की अपील की थी। हरियाणा में प्रावधान है कि इस प्रकार वीरता का प्रदर्शन करने वालों को साढे पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। इसी के आधार पर याची ने इस राशि के लिए दावा किया था। हरियाणा सरकार ने मेजर की अपील यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उसके द्वारा दिखाई गई वीरता युद्ध के समय में नहीं बल्कि शांति के दौर में थी।
हरियाणा सरकार की नीति के तहत साढ़े 5 लाख के इनाम का प्रावधान
मुंबई हमले के नौ साल
याचिकाकर्ता ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा दिए गए सम्मान में कहीं पर भी यह उल्लेख नहीं है की 26 नवंबर को जो स्थिति थी वह स्थिति शांति की थी या युद्ध की। हरियाणा सरकार की नीति के तहत राष्ट्रपति से इस प्रकार का सम्मान मिलने वालों को साढ़े पांच लाख नकद इनाम देने का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सम्मान और अवार्ड की राशि सेना में मौजूद जवानों को प्रोत्साहित करने के लिए होती है। मुंबई में जिस प्रकार बहादुरी का प्रदर्शन किया गया था उसके कारण ही कई लोगों की जान बचाई जा सकी थी। इसके लिए उसे सम्मान दिया जाना चाहिए और अगर सम्मान नहीं दिया जाता है तो सेना में जाकर देश की सेवा करने वाले युवाओं का मनोबल तोड़ने वाला निर्णय होगा।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए इस मुद्दे पर अगली सुनवाई के दौरान रख रखे जाने के आदेश दिए हैं।
क्या था आपरेशन ब्लैक टॉरनेडो
26 नवंबर 2008 को मुंबई के होटल ताज और होटल ऑबरॉय पर आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान आतंकियों ने बड़ी संख्या में देशी- विदेशी पर्यटकों को बंधक बना लिया था। इसके बाद पुलिस और एनएसजी ने कमान संभाली और ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो आरंभ किया। 29 नवंबर तक यह ऑपरेशन चला और इस दौरान 164 लोग मारे गए थे और 308 लोग घायल हुए थे। याचिकाकर्ता ने उसकी टीम की बहादुरी का ही नतीजा था कि ज्यादातर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सम्मान और अवार्ड की राशि सेना में मौजूद जवानों को प्रोत्साहित करने के लिए होती है। मुंबई में जिस प्रकार बहादुरी का प्रदर्शन किया गया था उसके कारण ही कई लोगों की जान बचाई जा सकी थी। इसके लिए उसे सम्मान दिया जाना चाहिए और अगर सम्मान नहीं दिया जाता है तो सेना में जाकर देश की सेवा करने वाले युवाओं का मनोबल तोड़ने वाला निर्णय होगा।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए इस मुद्दे पर अगली सुनवाई के दौरान रख रखे जाने के आदेश दिए हैं।
क्या था आपरेशन ब्लैक टॉरनेडो
26 नवंबर 2008 को मुंबई के होटल ताज और होटल ऑबरॉय पर आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान आतंकियों ने बड़ी संख्या में देशी- विदेशी पर्यटकों को बंधक बना लिया था। इसके बाद पुलिस और एनएसजी ने कमान संभाली और ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो आरंभ किया। 29 नवंबर तक यह ऑपरेशन चला और इस दौरान 164 लोग मारे गए थे और 308 लोग घायल हुए थे। याचिकाकर्ता ने उसकी टीम की बहादुरी का ही नतीजा था कि ज्यादातर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।