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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में पीजी प्रवेश के लिए आए 200 आवेदन, मिलीं कमियां
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में पीजी प्रवेश के लिए आए आवेदनों में से आधे से ज्यादा में कमियां पाई गई हैं। संस्थान को मिले 200 आवेदनों में से 109 के फॉर्म में किसी न किसी तरह की कमियां हैं। इनमें से 85 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने डोमिसाइल एफिडेविट नहीं लगाया है। इसे देखते हुए कॉलेज प्रशासन को बुधवार को एडमिशन कमेटी के साथ बैठक कर आवेदन फॉर्म में सुधार की तिथि को वीरवार तक बढ़ाना पड़ा, जबकि प्रोस्पेक्टस के अनुसार आवेदन में सुधार की अंतिम तिथि 20 नवंबर तय की गई थी। वहीं, एक दिन की समय अवधि बढ़ाने के बाद मिले आवेदनों में से चयनित अभ्यर्थियों की सूची 23 नवंबर को जारी की जाएगी।
पीजी प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के दो राज्यों में आवेदन करने के मामले को अमर उजाला में बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन में कमेटी की बैठक बुलाई। इसके बाद एक दिन की समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार ऐसा करना इसलिए जरूरी था क्योंकि आधे से ज्यादा फॉर्म में कमियां मिलने के कारण एक बार में आधे अभ्यर्थियों को हटाना तर्कसंगत नहीं था। वहीं, डोमिसाइल की गड़बड़ी की जांच को लेकर काउंसलिंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थी से इस मामले पर ईमेल के जरिए व्यक्तिगत सत्यापन भी लिया जाएगा। पीजी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए कॉलेज प्रशासन ने पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 26 नवंबर को ऑनलाइन काउंसलिंग की जाएगी। ऑफलाइन काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थी विषयों के चयन को लेकर आपसी वार्ता के बाद कई बार निर्णय बदल देते हैं। ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए इन चीजों पर रोक लगाने का प्रयास होगा।
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पीजी प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के दो राज्यों में आवेदन करने के मामले को अमर उजाला में बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आनन-फानन में कमेटी की बैठक बुलाई। इसके बाद एक दिन की समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार ऐसा करना इसलिए जरूरी था क्योंकि आधे से ज्यादा फॉर्म में कमियां मिलने के कारण एक बार में आधे अभ्यर्थियों को हटाना तर्कसंगत नहीं था। वहीं, डोमिसाइल की गड़बड़ी की जांच को लेकर काउंसलिंग के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थी से इस मामले पर ईमेल के जरिए व्यक्तिगत सत्यापन भी लिया जाएगा। पीजी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए कॉलेज प्रशासन ने पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत 26 नवंबर को ऑनलाइन काउंसलिंग की जाएगी। ऑफलाइन काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थी विषयों के चयन को लेकर आपसी वार्ता के बाद कई बार निर्णय बदल देते हैं। ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए इन चीजों पर रोक लगाने का प्रयास होगा।
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