कांग्रेस से 2 पूर्व विधायकों समेत 15 का इस्तीफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिग्गज कांग्रेसी नेता जगमीत बराड़ के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेसी वर्करों का कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को 15 कांग्रेसी नेताओं ने दल को अलविदा कह दिया। इन इस्तीफा देने वाले कांग्रेसियों में दो पूर्व एमएलए भी शामिल हैं।
इन कांग्रेसी नेताओं ने अकाली दल व भाजपा का दामन थामने व नई पार्टी बनाने के सवाल को फिलहाल टाल दिया लेकिन जिस तरह इन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की उससे लगता है कि यह सारे नेता भाजपा में जाने का मन बना चुके हैं। फिलहाल उन्होंने इस मामले में फैसला लेने का हक जगमीत बराड़ को सौंप दिया है।
प्रेसवार्ता के दौरान मोगा के पूर्व एमएलए साथी विजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस दिशाहीन हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब मात्र वंशवाद और फंड की पार्टी बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में टिकट और किसी तरह का ओहदा लेने के लिए रुपये लिए जाते हैं।
नेताओं के इस्तीफे देने का सैलाब
बराड़ ने कहा कि सबसे ज्यादा देश में राज करने वाली पार्टी कांग्रेस अपनी गलत नीतियों के कारण मात्र 40 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। उन्होंने कहा कि अब पंजाब में नेताओं के इस्तीफे देने का सैलाब आने वाला है।
इन्होंने दिया इस्तीफा: इस्तीफा देने वालों में मोगा के पूर्व एमएलए साथी विजय कुमार, कोटकपूरा के पूर्व एमएलए व जगमीत बराड़ के भाई रिप जीत सिंह बराड़, डीसीसी (डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी) मुक्तसर के पूर्व प्रधान गुरदास गिरधर, मंजीत सिंह जलबुटी, मंजीत सिंह घसीटपुर, रणबीर सिंह तलवंडी, सुखदेव सिंह रंधावा, अमृतपाल सिंह फिरोजपुर, बरनिंदर सिंह तरनतारण, करतार सिंह सिखांवाली, अमरजीत सिंह बराड़, रंजीत सिंह बराड़, घनश्याम दास गुप्ता, प्रीतम सिंह, जस चाहल शामिल हैं।
कांग्रेस के पूर्व एमएलए ने कहा कि इस समय अकाली-भाजपी गठबंधन का समय ठीक नही है। यह गठबंधन जितनी जल्दी टूट जाए अच्छा है। अकाली दल से पंजाब का हर व्यक्ति खफा है।