नौकरी से निकाले 193 गेस्ट टीचर, हजारों पर संकट
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माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने नियुक्ति में विभागीय नियमों का उल्लंघन करने वाले 193 गेस्ट टीचर को हटा दिया है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता के आश्वासन के बाद भी की गई इस कार्रवाई से अन्य अतिथि शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
विभाग के इस कदम के बाद गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य स्तरीय आंदोलन छेड़ने की चेतवानी दी है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार ने हाल ही में पीजीटी भर्ती में बिना एचटैट पास किए हुए प्रतिभागियों को ये परीक्षा पास करने के लिए 2018 तक की छूट दी है। ऐसे में सभी शर्तें पूरी करने वाले इन टीचर्स के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि पहले उन्हें 2015 का समय दिया गया था। इसके बाद तीन और बढ़ा दिए गए थे।
सरकार ने खुद दिया था लेटर
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव कुलदीप सिंह झरौली ने बताया कि सरकार यह तर्क दे रही है कि जिस बोर्ड से उन्होंने परीक्षा पास की है वह फर्जी है। लेकिन, इसी बोर्ड के आधार पर कई वर्षों से नियमित टीचर काम कर रहे हैं।
फिर वो कैसे नहीं कर सकते। अमर उजाला के साथ हुई बातचीत में कुलदीप ने कहा कि सरकार ने इन सभी गेस्ट टीचर्स को 2012 तक सब्जेक्ट कंबीनेशन पूरा करने का मौका भी दिया था, जबकि अधिकांश ने इसे पहले ही पूरा कर लिया था।
एसोसिएशन ने ये भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के जेबीटी भर्ती प्रकरण में टीचर्स को चार-पांच साल की सेवाएं नियमित देने के कारण राहत दी गई थी, तो गेस्ट टीचर्स को क्यों राहत नहीं दी गई। जबकि, ये सभी 7-8 साल से सेवाएं दे रहे हैं।
एजुकेशन पूरी होने के बाद भी बाहर निकाला
अमर उजाला टीम ने जब बाहर निकाली गई गेस्ट टीचर नीलम से बात की, तो उन्होंने बताया कि जगदीश, मनोज कुमार, हेमा, पूजा कश्यप, राजपाल, सुभाष चंद,नरेश बाला, गीता, विनोद कुमार और विनोद कुमार हम सभी बीएड और एमएड पास हैं।
सरकार का तर्क है कि ज्वॉइनिंग के समय हमारी सब्जेक्ट कॉम्बीनेशन की योग्यता पूरी नहीं थी। लेकिन, सरकार ने खुद हमें 2012 तक सब्जेक्ट कंबीनेशन करने का मौका दिया था। हमने 2009 में ही योग्यता पूरी कर ली थी। हमारी अब न सरकार सुन रही है, न ही शिक्षा विभाग।
डीईईओ, प्रिंसिपल और हेडमास्टर पर हो कार्रवाई
राजेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने कहा, यदि 16 नवंबर के 2007 के बाद गेस्ट टीचर भर्ती किए गए थे, तो इसमें दोष डीईईओ, प्रिंसिपल और हेडमास्टर का है। नियमों के विपरीत जाकर उन्होंने कैसे किसी को नियुक्त कर लिया। यदि गेस्ट टीचर्स को बाहर किया गया है, तो इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
इस संबंध में नरेंद्र सिंह संधू, जिला प्रधान, गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने बताया कि सरकार ने गलत तरीके से इन सभी 193 गेस्ट टीचर्स को बाहर निकाला है। एक ओर तो सरकार पीजीटी की हाल में हुई भर्ती प्रक्रिया के लिए एचटैट की शर्त को पूरा करने के लिए 2018 तक का समय दे रही है। वहीं, निर्धारित समय से पहले ही अपनी योग्यता पूरी करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।