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Chandigarh News: सिरदर्द बने 18 ठेके, 50 फीसदी तक आरक्षित मूल्य किए जाने के बाद भी नहीं बिके

Thu, 15 Jun 2023 02:33 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2023 02:33 AM IST
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18 contracts became headache, not sold even after reserve price up to 50%
चंडीगढ़। तमाम प्रयास के बावजूद यूटी प्रशासन का आबकारी व कराधान विभाग सभी ठेकों की नीलामी करने में असफल रह रहा है। विभाग ने आरक्षित मूल्य 50 प्रतिशत तक कम करने के बाद बाकी बचे 18 ठेकों की नीलामी की थी, बावजूद इसके विभाग एक भी ठेका नीलाम नहीं कर पाया है।अब तक विभाग कुल 95 ठेकों में से 77 ठेकों की नीलामी करने में सफल रहा है जबकि 18 ठेकों के लिए अभी भी ठेकेदारों की तलाश की जा रही है। इससे पहले 5 जून को हुई नीलामी में भी विभाग एक भी ठेका नीलाम नहीं कर पाया था। विभाग ने कुल 15 बार नीलामी की और इसमें से कई बार तो विभाग एक भी ठेका नहीं बेच पाया जबकि कुछ नीलामी में एक या दो ठेके ही नीलाम हो पाए। विभाग तीसरी राउंड की नीलामी से पांच प्रतिशत तक रिजर्व प्राइस कम कर रहा है जो अब कम होकर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। आबकारी विभाग ने वर्ष 2023-24 के लिए लाइसेंस फीस के रूप में 830 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक विभाग इसमें से 500 करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त कर सका है। विभाग के अनुसार इस बार नीलामी में असफल होने के लिए पंजाब की आबकारी नीति जिम्मेदार है, क्योंकि पंजाब में शराब पर चार्ज होने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट चंडीगढ़ के मुकाबले काफी कम है। प्रशासन अभी भी नीलामी जारी रख रहा है ताकि वर्ष 2023-24 का टारगेट पूरा करने का प्रयास किया जा सकें।
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