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नौकरी से निकाले जाने का विरोध: चंडीगढ़ में 178 एनएचएम कर्मचारी करेंगे भूख हड़ताल, पहले दिन पांच कर्मी अनशन पर बैठे
Mon, 01 Nov 2021 01:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 01 Nov 2021 01:26 PM IST
सार
एनएचएम कर्मचारियों ने डीसी रेट के मानकों का पालन करने से इनकार कर हड़ताल शुरू की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने हड़ताल करने वाले 178 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर उनके अस्पताल में प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
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भूख हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में नौकरी से निकाले गए 178 एनएचएम कर्मचारियों ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन 5 कर्मचारी सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इन कर्मचारियों में नर्सिंग ऑफिसर शकुन्तला, एएनएम बक्शीश कौर, एलएचवी सुषमा शर्मा, एएनएम अरविन्दर कौर और नर्सिंग ऑफिसर बबीता शामिल हैं। इनके समर्थन में अन्य कर्मचारी भी जीएमएसएच 16 के बाहर धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों की ईमानदारी और मेहनत का ऐसा फल मिलेगा यह कभी सोचा भी नहीं था।
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ये है मामला
एनएचएम कर्मचारियों से डीसी रेट पर वेतन लेने के साथ ही उसके मानकों के पालन के लिए कहा गया, जिससे उनके काम के घंटों में बढ़ोतरी के साथ ही अवकाश में कटौती होगी। इसका कर्मचारियों ने विरोध किया और कहा कि इससे आउटसोर्स को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अचानक जारी किए गए आदेश के विरोध में कर्मचारी 28 अक्तूबर से हड़ताल पर चले गए। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए शुक्रवार को 178 एनएचएम कर्मचारियों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया। यह सभी कर्मचारी हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मरीजों की देखभाल को लेकर अब इन कर्मचारियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
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स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने इन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के साथ ही उनके नामों की सूची पुलिस को सौंप दी है और कहा है कि सूची में शामिल लोगों को जीएमएसएच-16 समेत शहर के किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र में प्रवेश नहीं करने देना है। इसके लिए पुलिस से उचित सुरक्षा बहाल करने को कहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से एनएचएम कर्मचारियों में काफी रोष है।
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स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कहना है कि इस संकट की घड़ी में जब कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया का प्रकोप फैला है, एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाकर व्यवस्था ध्वस्त करने की कोशिश की है। इसलिए उन पर कार्रवाई की गई है।