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चंडीगढ़ में हर साल प्रति परिवार निकल रहा 17 किलोग्राम ई-वेस्ट

Sat, 19 Mar 2016 07:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 19 Mar 2016 07:56 AM IST
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17 kilogram e-waste from every home in chandigarh in one year
पीजीआई की रिपोर्ट - फोटो : amar ujala

लगातार बढ़ रहा ई-वेस्ट अब स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन गया है। पिछले कई सालों से चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अभियान चलाने के बावजूद लोगों में ई-वेस्ट के प्रति जागरूकता न के बराबर है।

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पीजीआई चंडीगढ़ के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ और पीयू के इन्वायरमेंट स्टडीज की एक रिसर्च में सामने आया है कि चंडीगढ़ का एक परिवार हर साल 17 किलोग्राम ई-वेस्ट उत्पन्न कर रहा है। इस हिसाब से हर साल चंडीगढ़ से कुल 4112 टन ई-वेस्ट निकल रहा है।
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इन्वायरमेंट स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर रविंदर खैवाल ने बताया कि शहर में हर साल करीब दस हजार टन खतरनाक वेस्ट उत्पन्न करता है, इसमें छह हजार टन वेस्ट को रीसाइकिल कर दिया जाता है, जबकि चार हजार टन को हर साल डंप किया जाता है।
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70 प्रतिशत लोग नहीं जाते ई-वेस्ट क्या है?
30 प्रतिशत लोग ई-वेस्ट के बारे में जानते हैं
70 प्रतिशत लोगों को नहीं पता ई-वेस्ट क्या होता है?
12 प्रतिशत लोग ई-वेस्ट को नष्ट करने की प्रक्रिया को जानते हैं
90 प्रतिशत लोग नहीं जानते हैं कि ई-संपर्क सेंटर में ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर बना है
02 प्रतिशत लोग ही ई-वेस्ट कलेक्शन सेंटर के बारे में जानते हैं
02 प्रतिशत लोगों को पता है कि घर से ई-वेस्ट कलेक्ट करने की एक योजना भी है।

सबसे ज्यादा ई-वेस्ट किसका
रेफ्रिजरेट---------36 प्रतिशत
एसी---------------31.23 प्रतिशत
वाशिंग मशीन----21.8 प्रतिशत
टेलीविजन--------5 प्रतिशत

ई-वेस्ट में क्या-क्या आता है
कंप्यूटर, इंटरटेनमेंट इलेक्ट्रानिक, मोबाइल फोन, टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, हाउसहोल्ड अप्लाएंस, इलेक्ट्रानिक टॉयस, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, मेडिकल डिवाइस, लाइटिंग इक्विपमेंट, मॉनिटरिंग एंड कंट्रोल इक्विपमेंट।

क्यो खतरनाक है ई-वेस्ट
ई-वेस्ट स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है। ई-वेस्ट से कई हानिकारक तत्व निकलते हैं। इसमें मुख्य रूप से आर्सेनिक, क्रोमियम, लेड, मरकरी, निकल, कोडमियम, बैरियम व एंटीमोनी सहित अन्य तत्व शामिल हैं। विशेषज्ञों केमुताबिक इससे किडनी, लीवर, हाई ब्लड प्रेशर व स्किन कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

पीजीआई में दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्रा
पीजीआई में स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट व पंजाब के इन्वायरमेंट स्टडीज की ओर से ई-वेस्ट मैनेजमेंट इन इंडिया मुद्दे व चुनौती विषय पर दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया गया है। पीजीआई के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल व पीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सुमन मोर के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, यूपी, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पंजाब चंडीगढ़ व नई दिल्ली से कुल 45 लोग हिस्सा ले रहे हैं।


डा. खैवाल ने बताया कि ई-वेस्ट के लिए जागरूकता अभियान चलाना बहुत जरूरी है। यदि लोग जागरूक नहीं होंगे तो यह परेशानी का कारण बन जाएगा। ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन हरियाणा स्टेट पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी आईएफएस एस नारायण ने किया।

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