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स्टडी टूरः चीन में बेहद लोकप्रिय है पब्लिक ट्रांसपोर्ट, एक शहर में दौड़ रहीं 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें
Fri, 27 Dec 2019 12:45 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 12:45 PM IST
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इलेक्ट्रिक बस
- फोटो : अमर उजाला
चीन में लोगों के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहद लोकप्रिय है। वहां के एक शहर में सड़कों पर 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं।
सिटी ब्यूटीफुल में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए चीन के स्टडी टूर पर गए ट्रांसपोर्ट विभाग के सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार सिंगला, एडिशनल सेक्रेटरी उमा शंकर गुप्ता समेत अन्य अधिकारी लौट आए हैं। लेकिन शहर में इलेक्ट्रिक बसें कब चलेंगी, इसे लेकर अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं हो पाई है। पहले फेज में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन इसे लेकर किया गया टेंडर फेल हो चुका है।
रिन्युएबल एनर्जी के इस्तेमाल में चीन कई देशों के काफी आगे हैं, इसी तकनीक को समझने के लिए अधिकारी चीन के दो शहर शंघाई और शेन्झेन गए थे। पांच दिवसीय चीन दौरे में अफसरों ने दोनों शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर जानकारी जुटाई। शंघाई और शेन्झेन में करीब सवा दो करोड़ की आबादी है। ट्रांसपोर्ट विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि शेन्झेन में पिछले पांच साल से करीब 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। उन्होंने बसों में सफर भी किया।
इसके अलावा चार्जिंग से लेकर मेंटीनेंस तक की प्रक्रिया को भी देखा। साथ ही बसें बनाने वाली कंपनी और इन्हें संचालित करने वाले ट्रांसपोर्ट विभाग और अधिकारियों से भी मिले। उन्होंने कहा कि यात्रियों से बहुत कम किराया लिया जाता है। समय का खास ध्यान रखा जाता है, जिसकी वजह से वहां के लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट खासा लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि बसों को कोई खास मेंटीनेंस की जरूरत भी नहीं है। इसके अलावा शंघाई में भी करीब पांच से छह हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।
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फिर होगा इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर
सीटीयू ने पहले 40 इलेक्ट्रिक बसों को लेकर टेंडर जारी किया था। इसमें बसों की रनिंग कॉस्ट 74 रुपये बताई गई थी। इसे लेकर जब अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो पाया कि अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों की रनिंग कॉस्ट इस टेंडर में कोट किए गए रेट के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा बैटरी को लेकर भी कुछ समस्या थी। इसे लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता बीते दिनों पुणे का दौरा करके आए।
जिसके बारे में उन्होंने जानकारी दी कि पुणे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन महज 56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हो रहा है, जो चंडीगढ़ के टेंडर में दी 74 रुपये की दरों से काफी ज्यादा है। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके बाद फैसला लिया गया कि इलेक्ट्रिक बसों को लेकर नए सिरे से टेंडर लगाया जाएगा। उमाशंकर गुप्ता के मुताबिक मंगलवार को टेंडर लगाने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।
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सिटी ब्यूटीफुल में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए चीन के स्टडी टूर पर गए ट्रांसपोर्ट विभाग के सेक्रेटरी डॉ. अजय कुमार सिंगला, एडिशनल सेक्रेटरी उमा शंकर गुप्ता समेत अन्य अधिकारी लौट आए हैं। लेकिन शहर में इलेक्ट्रिक बसें कब चलेंगी, इसे लेकर अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं हो पाई है। पहले फेज में 40 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन इसे लेकर किया गया टेंडर फेल हो चुका है।
रिन्युएबल एनर्जी के इस्तेमाल में चीन कई देशों के काफी आगे हैं, इसी तकनीक को समझने के लिए अधिकारी चीन के दो शहर शंघाई और शेन्झेन गए थे। पांच दिवसीय चीन दौरे में अफसरों ने दोनों शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर जानकारी जुटाई। शंघाई और शेन्झेन में करीब सवा दो करोड़ की आबादी है। ट्रांसपोर्ट विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि शेन्झेन में पिछले पांच साल से करीब 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। उन्होंने बसों में सफर भी किया।
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इसके अलावा चार्जिंग से लेकर मेंटीनेंस तक की प्रक्रिया को भी देखा। साथ ही बसें बनाने वाली कंपनी और इन्हें संचालित करने वाले ट्रांसपोर्ट विभाग और अधिकारियों से भी मिले। उन्होंने कहा कि यात्रियों से बहुत कम किराया लिया जाता है। समय का खास ध्यान रखा जाता है, जिसकी वजह से वहां के लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट खासा लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि बसों को कोई खास मेंटीनेंस की जरूरत भी नहीं है। इसके अलावा शंघाई में भी करीब पांच से छह हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं।
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फिर होगा इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर
सीटीयू ने पहले 40 इलेक्ट्रिक बसों को लेकर टेंडर जारी किया था। इसमें बसों की रनिंग कॉस्ट 74 रुपये बताई गई थी। इसे लेकर जब अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो पाया कि अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों की रनिंग कॉस्ट इस टेंडर में कोट किए गए रेट के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा बैटरी को लेकर भी कुछ समस्या थी। इसे लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता बीते दिनों पुणे का दौरा करके आए।
जिसके बारे में उन्होंने जानकारी दी कि पुणे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन महज 56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हो रहा है, जो चंडीगढ़ के टेंडर में दी 74 रुपये की दरों से काफी ज्यादा है। इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके बाद फैसला लिया गया कि इलेक्ट्रिक बसों को लेकर नए सिरे से टेंडर लगाया जाएगा। उमाशंकर गुप्ता के मुताबिक मंगलवार को टेंडर लगाने की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी।