{"_id":"5e63cfdd8ebc3eeb314f4748","slug":"16-year-old-teenager-died-due-to-electric-current-in-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचटी लाइन की चपेट में आने से इकलौते बेटे की मौत, डेढ़ साल पहले बेटी की भी चली गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचटी लाइन की चपेट में आने से इकलौते बेटे की मौत, डेढ़ साल पहले बेटी की भी चली गई जान
Sat, 07 Mar 2020 10:51 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 07 Mar 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत नगर में छत की दीवार पर फ्लैक्स लगाते समय एक 16 वर्षीय किशोर की एचटी (हाईटेंशन) लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजन जब तक मौके पर पहुंचे, उनके इकलौते बेटे की मौत हो चुकी थी। परिजन शव को सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने जांच के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाया और शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया।
विज्ञापन
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी हरबीर ने बताया कि उनका बेटा शिवम 16 वर्ष का था। वह भारत नगर में रहते और एक फैक्ट्री में काम करते हैं। बेटा भी एक ऑफिस में पानी पिलाने का कार्य करता था। शुक्रवार को वह शाम पांच बजे खाना खाकर काम के लिए निकला था। वह एक एडवोकेट के दफ्तर से काम खत्म कर दूसरे दफ्तर में गया था। जिस दफ्तर की छत पर वह फ्लैक्स बोर्ड लगा रहा था। उसी छत के ऊपर से 11 हजार वोल्टेज की तार गुजर रही थी। जिसकी चपेट में आने से शिवम झुलस गया।
विज्ञापन
लोगों ने शिवम को मॉडल टाउन के ही एक निजी अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एडवोकेट ने उन्हें घटना की सूचना दी, जिसकी सूचना पाकर वह अस्पताल पहुंचे, जहां उनका बेटा मृत अवस्था में था। मॉडल टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची औैर शव को सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवाया। वहीं, शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
डेढ़ वर्ष पहले बीमारी से बेटी की हो गई थी मौत
हरबीर और उनकी पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी एक भी संतान अब नहीं बची है। करीब डेढ़ वर्ष पहले उनकी एक वर्ष की बेटी की भी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। अब बेटे की भी मौत हो गई।