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Chandigarh News: प्रमोशन की परीक्षा के लिए 16 पुलिस मुलाजिम अयोग्य करार, कैैट ने बी-वन टेस्ट पर रोक लगाने से किया इन्कार

Fri, 04 Oct 2024 05:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 05:40 AM IST
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16 police personnel declared ineligible for promotion exam, CAT refuses to ban B-1 test
चंडीगढ़। वर्ष 1988 के बाद प्रमोशन के लिए कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए दूसरी बार ली जा रही चंडीगढ़ पुलिस की बी-वन परीक्षा पर कैट ने रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा की तारीख निर्धारित हो चुकी है और परीक्षा पर रोक लगानेे के लिए कोई पुख्ता ग्राउंड नहीं है। उधर, प्रमोशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वालों में 16 जवानों को पुलिस मुख्यालय ने अयोग्य करार दे दिया है।
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दरअसल 35 साल बाद चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए 6 अक्तूबर को पुलिस लाइन में बी-वन टेस्ट की लिखित परीक्षा ली जा रही है। इस परीक्षा के लिए करीब 1272 जवानों का नाम चयनित सूची में शामिल किया गया। इसके लिए कांस्टेबलों को निर्देश दिया गया था कि यदि वे बी-1 टेस्ट (25 प्रतिशत कोटा के तहत) में रुचि रखते हैं तो वे ऑनलाइन आवेेदन कर सकते हैं। लेकिन इस परीक्षा के खिलाफ कुछ पुलिस कर्मी कैट कोर्ट में चले गए और इस पर रोक लगवाने के लिए याचिका दायर कर दी।
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आवेदक पुलिसकर्मियों ने दलील दी कि नियमानुसार वे चार साल की सेवा देने के बाद बी-वन टेस्ट के लिए पात्र हैं। लेकिन उन्हें 15-16 साल से अधिक की नियमित सेवा के बाद बी-वन टेस्ट के अधीन किया जा रहा है, जब वे प्रमोशनल कोर्स के लिए इंतजार कर रहे थे। मौजूदा समय में उन्हें वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन मिलनी चाहिए। आवेदकों ने तर्क दिया कि वर्ष 2005, 2008 और 2009 बैच के कांस्टेबलों को वर्ष 2019 में सेवा में शामिल होने वाले कांस्टेबलों के साथ निचले स्कूल कोर्स में प्रतिनियुक्ति के लिए बी-वन टेस्ट में परीक्षा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जबकि 1988 में भी बी-वन टेस्ट हुआ था और इसके बाद से अभी तक वरिष्ठता के आधार पर कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति की गई है।
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दूसरे पक्ष की दलील... प्रमोशन के लिए परीक्षा भी जरूरी
वहीं, पुलिस विभाग की ओर से कैट के नोडल अधिकारी अरविंद मोदगिल नेे आवेदनकर्ता पुलिसकर्मियों के तर्क का पुरजोर विरोध किया। नोडल अधिकारी ने बैंच को बताया कि जिन उम्मीदवारों ने सूची बी में प्रवेश के लिए बी-वन परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन किया है उन्हें 06 अगस्त 2024 को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम के बारे में सूचित किया गया है। बाकायदा आवेदन करने वालों को लिखित परीक्षा के संशोधित पाठ्यक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसमें बीएनएस., बीएनएसएस, बीएसए, पंजाब पुलिस अधिनियम और स्थानीय एवं विशेष कानूनों जैसे एनडीपीएस अधिनियम, 1985 पोक्सो अधिनियम, शस्त्र अधिनियम आदि की चुनिंदा धाराएं शामिल हैं। सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि इस लिखित परीक्षा का उद्देश्य अनुशासनात्मक बल के सदस्य होने के नाते पुलिस आवेदकों की दक्षता को बढ़ाना है। दोनों पक्षाें की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा कि आवेदन करने वाले पुलिसकर्मी लिखित परीक्षा में भाग लेने के लिए पात्र हैं, इसलिए लिखित परीक्षा पर रोक लगाने की उनकी मांग उचित नहीं है। नए कानूनों अर्थात बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए के अधिनियमन और कार्यान्वयन के बाद, प्रत्येक व्यक्ति जो उपरोक्त नए कानूनों की व्याख्या, कार्यान्वयन और निष्पादन के मामलों से जुड़ा हुआ है उसे अपने हित के साथ-साथ विभाग/संगठन के हित में कानूनों के प्रावधानों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।

अयोग्य करार 16 जवानों में ये हैं शामिल

पुलिस मुख्यालय की ओर से 1272 जवानों को परीक्षा के लिए योग्य करार दिया गया है जबकि 16 जवानों को अयोग्य करार दिया गया है। इनमें कांस्टेबल जगदीप सिंह को इस्तीफा देने के कारण, कांस्टेबल हरप्रीत सिंह वायरलेस ऑपरेटर, एल/सी रमनप्रीत कौर, किरण राणा वायरलेस ऑपरेटर, कांस्टेबल आनंद देव वायरलेस ऑपरेटर, कांस्टेबल सुरेन्द्र वायरलेस ऑपरेटर, कांस्टेबल अमन वायरलेस ऑपरेटर, कांस्टेबल मनोज कुमार वायरलेस ऑपरेटर, कांस्टेबल अमित वायरलेस ऑपरेटर, एल/सी निक्की एएसआई के रूप में चयनित, कांस्टेबल मोहित 3 वर्ष से कम सेवा, एलसी योगिता 3 वर्ष से कम सेवा, कांस्टेबल सतिंदर कुमार 3 वर्ष से कम सेवा, कांस्टेबल विकास केस दर्ज होने व सस्पेंड के कारण और रोहित कुमार विभागीय कारणों के चलते अयोग्य करार दिया गया है।
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