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सीवरेज की बदबू से स्टूडेंट्स और शिक्षक परेशान
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:24 AM IST
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सीवरेज की बदबू से स्टूडेंट्स और शिक्षक परेशान
- सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट ट्रेनिंग इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट की सड़कों पर फैला कीचड़
- कच्चे रास्ते में कीचड़ का जमाव होने से फिसल कर गिर रहे राहगीर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर - 14 स्थित गवर्नमेंट ट्रेनिंग इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट के गेट के बाहर सीवरेज का पानी ओवरफ्लो हो रहा है। जिस वजह से इस जगह पर बदबूदार गंदगी फैली हुई है। कच्चे रास्ते में कीचड़ का जमाव होने के कारण राहगीर फिसल कर गिर रहे हैं।
कच्ची सड़क पर चारों तरफ कीचड़ फैला हुआ है। अक्सर इस जगह पर स्लिप होकर टीचर और स्टूडेंट्स घायल हो चुके हैं। सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होने का मुख्य कारण आईटीआई गेट के नजदीक कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए भारी वाहनों की आवाजाही है। ये वाहन आईटीआई कैंपस के साथ हो रहे कंस्ट्रक्शन के कार्य में सामान लाने के लिए आते हैं।
आईटीआई के स्टूडेंट्स और शिक्षकों की माने तो बरसात के दिनों में काफी समस्या होती है। आईटीआई कैंपस की गेट तक पानी भर जाता है। कीचड़ इतना होता है, कि आप सड़क पर पांव नहीं रख सकते। इस संबंध में टीचर कैलाश ने बताया कि अब तो यहां रोड दिखाई हीं नहीं देते, सिर्फ गड्ढे हीं गड्ढे हैं। उन्होंने बताया कि हवा चलते पर बदबू क्लास रूम तक आती है। ऐसे में न तो स्टूडेंट्स ठीक तरीके से पढ़ाई कर पाते हैं और न ही टीचर पढ़ा पाते हैं।
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आईटीआई की टीचर सरिता ने बताया कि सड़कों पर सीवरेज का पानी एकत्रित होने के चलते मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई शिक्षकों को डेंगू और मलेरिया के शिकार हो चुके हैं। बीमार स्टूडेंट्स के पैरेंट्स कई बार आकर सुनाते भी हैं, लेकिन क्या करें हम शिक्षक भी मजबूूर हैं, जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कई गर्ल्स स्टूडेंट्स दूरस्थ क्षेत्रों से स्कूटी पर आती है लेकिन जैसे ही आईटीआई के सामने वाले रास्ते पर आती है तो डर जाती है कि कहीं इस जगह गिर न जाए, क्योंकि यहां पर पहले भी बहुत से स्टूडेंट्स गिरकर घायल हो चुके हैं। - आशू, स्टूडेंट्स।
पिछले सप्ताह ही एक लड़का गिर गया था जिसे बहुत चोट भी आई। हमने कई बार टीचरों से रिक्वेस्ट की है कि सड़क ठीक करवाए ताकि किसी भी स्टूडेंट को परेशानी न हो। - देवेंद्र, स्टूडेंट्स।
हमने कई बार संबधित विभाग को लिखित में शिकायत दी है। कुछ दिन पहले ही डीसी को भी लिखित में दिया था। जिन्होंने कंस्ट्रक्शन करवा रही कंपनियों से कहा था कि रोड की मरम्मत करवाई जाए, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। सीवरेज का गंदा पानी इकट्ठा होने के कारण हमारे स्टूडेंट्स व टीचर भी जानलेवा बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। - भूपिंद्र पाल सिंह, प्रिंसिपल, आईटीआई सेक्टर-14 पंचकूला।
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- सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट ट्रेनिंग इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट की सड़कों पर फैला कीचड़
- कच्चे रास्ते में कीचड़ का जमाव होने से फिसल कर गिर रहे राहगीर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सेक्टर - 14 स्थित गवर्नमेंट ट्रेनिंग इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट के गेट के बाहर सीवरेज का पानी ओवरफ्लो हो रहा है। जिस वजह से इस जगह पर बदबूदार गंदगी फैली हुई है। कच्चे रास्ते में कीचड़ का जमाव होने के कारण राहगीर फिसल कर गिर रहे हैं।
कच्ची सड़क पर चारों तरफ कीचड़ फैला हुआ है। अक्सर इस जगह पर स्लिप होकर टीचर और स्टूडेंट्स घायल हो चुके हैं। सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होने का मुख्य कारण आईटीआई गेट के नजदीक कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए भारी वाहनों की आवाजाही है। ये वाहन आईटीआई कैंपस के साथ हो रहे कंस्ट्रक्शन के कार्य में सामान लाने के लिए आते हैं।
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आईटीआई के स्टूडेंट्स और शिक्षकों की माने तो बरसात के दिनों में काफी समस्या होती है। आईटीआई कैंपस की गेट तक पानी भर जाता है। कीचड़ इतना होता है, कि आप सड़क पर पांव नहीं रख सकते। इस संबंध में टीचर कैलाश ने बताया कि अब तो यहां रोड दिखाई हीं नहीं देते, सिर्फ गड्ढे हीं गड्ढे हैं। उन्होंने बताया कि हवा चलते पर बदबू क्लास रूम तक आती है। ऐसे में न तो स्टूडेंट्स ठीक तरीके से पढ़ाई कर पाते हैं और न ही टीचर पढ़ा पाते हैं।
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आईटीआई की टीचर सरिता ने बताया कि सड़कों पर सीवरेज का पानी एकत्रित होने के चलते मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई शिक्षकों को डेंगू और मलेरिया के शिकार हो चुके हैं। बीमार स्टूडेंट्स के पैरेंट्स कई बार आकर सुनाते भी हैं, लेकिन क्या करें हम शिक्षक भी मजबूूर हैं, जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कई गर्ल्स स्टूडेंट्स दूरस्थ क्षेत्रों से स्कूटी पर आती है लेकिन जैसे ही आईटीआई के सामने वाले रास्ते पर आती है तो डर जाती है कि कहीं इस जगह गिर न जाए, क्योंकि यहां पर पहले भी बहुत से स्टूडेंट्स गिरकर घायल हो चुके हैं। - आशू, स्टूडेंट्स।
पिछले सप्ताह ही एक लड़का गिर गया था जिसे बहुत चोट भी आई। हमने कई बार टीचरों से रिक्वेस्ट की है कि सड़क ठीक करवाए ताकि किसी भी स्टूडेंट को परेशानी न हो। - देवेंद्र, स्टूडेंट्स।
हमने कई बार संबधित विभाग को लिखित में शिकायत दी है। कुछ दिन पहले ही डीसी को भी लिखित में दिया था। जिन्होंने कंस्ट्रक्शन करवा रही कंपनियों से कहा था कि रोड की मरम्मत करवाई जाए, लेकिन कुछ नहीं हो पाया। सीवरेज का गंदा पानी इकट्ठा होने के कारण हमारे स्टूडेंट्स व टीचर भी जानलेवा बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। - भूपिंद्र पाल सिंह, प्रिंसिपल, आईटीआई सेक्टर-14 पंचकूला।