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करीब ढाई साल के बाद गांव कीरतपुर की सरपंच बनी ईशा कुमारी,
Updated Wed, 05 Sep 2018 01:52 AM IST
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ढाई साल के बाद कीरतपुर की सरपंच बनी ईशा कुमारी
पिंजौर। गांव कीरतपुर में करीब ढाई साल से खाली पड़े सरपंच पद के लिए हुआ मतदान मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सरपंच पद के लिए मुकाबला ईशा कुुमारी और सुरेंद्र कौर के बीच में था। ईशा कुमारी ने 745 वोट प्राप्त किए जबकि सुरेद्र कौर को 115 वोट ही मिले। ईशा कुमारी ने अपनी प्रतिद्वंदी को तकरीबन 630 वोटों से शिकस्त दे कर सरपंच का पद हासिल किया।
गांव कीरतपुर के पूर्व सरपंच जसविंद्र सिंह ने बताया कि विगत 2016 जनवरी में ब्लॉक पिंजौर में ग्राम पंचायतों के चुनाव संपन्न हुए थे। लेकिन प्रशासन ने सरपंच पद के लिए सीट एससी कैटेगिरी के आरक्षित कर दी। जसविद्र सिंह ने बताया कि गांव की कुल आबादी 1168 में मात्र पांच लोग ही एससी कैटेगिरी से संबंध रखते हैं जिसके चलते गांव के ही एक व्यक्ति बलबीर सिंह ने हाई कोर्ट में गुहार लगाते हुए एससी आरक्षित सीट को खत्म करने की गुहार लगाते हुए फिर से गांव का सर्वेक्षण करने के लिए गुहार लगाई। जसविंद्र ने बताया कि गांव के एससी कैटेगिरी के 5 लोगों में से एक परिवार एक साल पहले ही गांव में आया है। हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त पंचकूला को सर्वे रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए थे लेकिन उपायुक्त ने एससी आरक्षित सीट के प्रशासन के पहले निर्णय को सही ठहराया और मंगलवार को एससी आरक्षित सीट के लिए चुनाव संपन्न हुए।
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पिंजौर। गांव कीरतपुर में करीब ढाई साल से खाली पड़े सरपंच पद के लिए हुआ मतदान मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सरपंच पद के लिए मुकाबला ईशा कुुमारी और सुरेंद्र कौर के बीच में था। ईशा कुमारी ने 745 वोट प्राप्त किए जबकि सुरेद्र कौर को 115 वोट ही मिले। ईशा कुमारी ने अपनी प्रतिद्वंदी को तकरीबन 630 वोटों से शिकस्त दे कर सरपंच का पद हासिल किया।
गांव कीरतपुर के पूर्व सरपंच जसविंद्र सिंह ने बताया कि विगत 2016 जनवरी में ब्लॉक पिंजौर में ग्राम पंचायतों के चुनाव संपन्न हुए थे। लेकिन प्रशासन ने सरपंच पद के लिए सीट एससी कैटेगिरी के आरक्षित कर दी। जसविद्र सिंह ने बताया कि गांव की कुल आबादी 1168 में मात्र पांच लोग ही एससी कैटेगिरी से संबंध रखते हैं जिसके चलते गांव के ही एक व्यक्ति बलबीर सिंह ने हाई कोर्ट में गुहार लगाते हुए एससी आरक्षित सीट को खत्म करने की गुहार लगाते हुए फिर से गांव का सर्वेक्षण करने के लिए गुहार लगाई। जसविंद्र ने बताया कि गांव के एससी कैटेगिरी के 5 लोगों में से एक परिवार एक साल पहले ही गांव में आया है। हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त पंचकूला को सर्वे रिपोर्ट बनाने के आदेश दिए थे लेकिन उपायुक्त ने एससी आरक्षित सीट के प्रशासन के पहले निर्णय को सही ठहराया और मंगलवार को एससी आरक्षित सीट के लिए चुनाव संपन्न हुए।
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