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प्रदेश भर से पंचकूला में लामबंद हुए सरपंच, पंच और ग्राम सचिव
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:24 AM IST
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प्रदेश भर से पंचकूला में लामबंद हुए सरपंच, पंच और ग्राम सचिव
- हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के घेराव के लिए शालीमार चौक से किया कूच
- पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शन कारियों को हाउसिंग बोर्ड चौक पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला में प्रदेश भर से लामबंद हुए सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा मुख्यमंत्री निवास के घेराव को कूच करने से पहले स्थानीय सेक्टर-पांच के हुडा पार्क में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर कई नेताओं ने प्रदेश भर से आए सरपंचों, पंचों और अन्य पंचायती सदस्यों को संबोधित किया। बता दें कि सेक्टर-पांच से लेकर चंडीगढ़ जाने वाले हाउसिंग बोर्ड चौंक तक रास्ते की पूरी तरह से नाकेबंदी की गई थी और जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की मंशा से पुलिस की ओर से कोशिश की गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से चंडीगढ़ कूच किया। लेकिन पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इससे पहले हरियाणा मुख्यमंत्री के ओएसडी आलोक वर्मा ने धरना स्थल पहुंचकर बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ओएसडी को बिना बातचीत किए ही लौटा दिया।
प्रदर्शन से ग्राम पंचायतों के कामकाज होंगे ठप
मौके पर करीब हजारों की संख्या में सरपंच व पंच पंचकूला में इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। ग्राम सचिवों और सरपंचों के आंदोलन का रास्ता अपनाने से गांवों का विकास प्रभावित होगा। चूंकि इनके माध्यम से ही ग्राम पंचायत के तमाम कार्य संभव हो पाते हैं। ऐसे में पंचायत की हर गतिविधि ठहर जाएगी। गांवों के विकास के लिए बनने वाली योजनाओं, प्रस्ताव और अन्य प्रकार के कामकाज आंदोलन की वजह से नहीं हो पाएंगे।
ई-पंचायत प्रणाली को खारिज करने की मांग की
ग्राम सचिव और सरपंचों की ओर से ई-पंचायत प्रणाली को ग्राम विकास में बाधक बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है। इसके साथ ही हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को लागू करने, ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट तथा वेतनमान पटवारी के समान करने, सांसदों-विधायकों के समान पंचों और सरपंचों का मानदेय बढ़ाने, ग्राम सचिवों का वाहन भत्ता 20 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने, गांवों में बीपीएल सर्वे करवाकर गरीबों के बीपीएल कार्ड बनाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा बढ़ाकर ग्रामीण एरिया के गरीबों को मकान देने, प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय का निर्माण करने की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारियों द्वारा किसी भी अप्रिय घटना पर काबू पाने के लिए पुलिस मुलाजिमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। सेक्टर-पांच से लेकर चंडीगढ़ जाने वाले हाउसिंग बोर्ड चौंक तक रास्ते की पूरी तरह से नाकेबंदी की गई थी।
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- हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास के घेराव के लिए शालीमार चौक से किया कूच
- पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर प्रदर्शन कारियों को हाउसिंग बोर्ड चौक पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला में प्रदेश भर से लामबंद हुए सरपंचों, पंचों और ग्राम सचिवों ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा मुख्यमंत्री निवास के घेराव को कूच करने से पहले स्थानीय सेक्टर-पांच के हुडा पार्क में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर कई नेताओं ने प्रदेश भर से आए सरपंचों, पंचों और अन्य पंचायती सदस्यों को संबोधित किया। बता दें कि सेक्टर-पांच से लेकर चंडीगढ़ जाने वाले हाउसिंग बोर्ड चौंक तक रास्ते की पूरी तरह से नाकेबंदी की गई थी और जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की मंशा से पुलिस की ओर से कोशिश की गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से चंडीगढ़ कूच किया। लेकिन पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इससे पहले हरियाणा मुख्यमंत्री के ओएसडी आलोक वर्मा ने धरना स्थल पहुंचकर बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ओएसडी को बिना बातचीत किए ही लौटा दिया।
प्रदर्शन से ग्राम पंचायतों के कामकाज होंगे ठप
मौके पर करीब हजारों की संख्या में सरपंच व पंच पंचकूला में इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे। ग्राम सचिवों और सरपंचों के आंदोलन का रास्ता अपनाने से गांवों का विकास प्रभावित होगा। चूंकि इनके माध्यम से ही ग्राम पंचायत के तमाम कार्य संभव हो पाते हैं। ऐसे में पंचायत की हर गतिविधि ठहर जाएगी। गांवों के विकास के लिए बनने वाली योजनाओं, प्रस्ताव और अन्य प्रकार के कामकाज आंदोलन की वजह से नहीं हो पाएंगे।
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ई-पंचायत प्रणाली को खारिज करने की मांग की
ग्राम सचिव और सरपंचों की ओर से ई-पंचायत प्रणाली को ग्राम विकास में बाधक बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है। इसके साथ ही हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को लागू करने, ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट तथा वेतनमान पटवारी के समान करने, सांसदों-विधायकों के समान पंचों और सरपंचों का मानदेय बढ़ाने, ग्राम सचिवों का वाहन भत्ता 20 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने, गांवों में बीपीएल सर्वे करवाकर गरीबों के बीपीएल कार्ड बनाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का दायरा बढ़ाकर ग्रामीण एरिया के गरीबों को मकान देने, प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय का निर्माण करने की मांग शामिल है। प्रदर्शनकारियों द्वारा किसी भी अप्रिय घटना पर काबू पाने के लिए पुलिस मुलाजिमों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया था। सेक्टर-पांच से लेकर चंडीगढ़ जाने वाले हाउसिंग बोर्ड चौंक तक रास्ते की पूरी तरह से नाकेबंदी की गई थी।
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