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अपनी पांच मांगों को लेकर किसान जा रहे थे विधान सभा घेराव के लिए
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:40 AM IST
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विधान सभा घेराव के लिए निकले किसानों को पुलिस ने रोका
- अपनी पांच मांगों को लेकर किसान जा रहे थे विधान सभा घेराव के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
भारतीय किसान यूनियन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आई है। प्रदेश भर से किसानों ने अपनी मांगों को लेकर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में पंचकूला नाडा साहिब से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा के घेराव के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सेक्टर-पांच के पास पुलिस ने किसान रैली को रोका लिया। इसके बाद अपनी मांग को लेकर शाम साढ़े चार बजे तक किसान सेक्टर-पांच में डटे रहे। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया गया है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने बताया कि जब तक विधानसभा सत्र चलता है, तब तक प्रदेश के सभी किसान अनशन पर बैठे थे। बजट सत्र के बाद किसानों ने किसी को ज्ञापन नहीं सौंपा। बल्कि बजट सत्र के बाद किसानों ने ज्ञापन की प्रतियां जलाकर रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में अठारह और 19 मार्च को राष्ट्रीय किसान महासंघ की बैठक बुलाई गई है। उसी दौरान आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
किसानों की मांगें:
- किसानों पर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।
- किसानों की ट्रैक्टर-ट्राली और गाड़ियों को बिना शर्त छोड़ा जाए।
- हरियाणा में मध्यप्रदेश के बराबर गेहूं पर बोनस।
- स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाए।
सभी किसानों को संपूर्ण कर्ज मुफ्त किया जाए
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- अपनी पांच मांगों को लेकर किसान जा रहे थे विधान सभा घेराव के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
भारतीय किसान यूनियन अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आई है। प्रदेश भर से किसानों ने अपनी मांगों को लेकर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में पंचकूला नाडा साहिब से चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा के घेराव के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सेक्टर-पांच के पास पुलिस ने किसान रैली को रोका लिया। इसके बाद अपनी मांग को लेकर शाम साढ़े चार बजे तक किसान सेक्टर-पांच में डटे रहे। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि बजट में किसानों को कुछ नहीं दिया गया है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने बताया कि जब तक विधानसभा सत्र चलता है, तब तक प्रदेश के सभी किसान अनशन पर बैठे थे। बजट सत्र के बाद किसानों ने किसी को ज्ञापन नहीं सौंपा। बल्कि बजट सत्र के बाद किसानों ने ज्ञापन की प्रतियां जलाकर रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में अठारह और 19 मार्च को राष्ट्रीय किसान महासंघ की बैठक बुलाई गई है। उसी दौरान आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
किसानों की मांगें:
- किसानों पर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।
- किसानों की ट्रैक्टर-ट्राली और गाड़ियों को बिना शर्त छोड़ा जाए।
- हरियाणा में मध्यप्रदेश के बराबर गेहूं पर बोनस।
- स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाए।
सभी किसानों को संपूर्ण कर्ज मुफ्त किया जाए