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मेला में आकर्षण का केन्द्र बनी मटके पर की गई नक्काशी
Updated Thu, 01 Mar 2018 01:32 AM IST
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मटके पर मेहनत की नक्काशी
पंचकूला। नेशनल अवार्ड से 2007 में सम्मानित सहारनपुर के कारीगर वहीद अहमद की मेहनत से मटके पर की गई नक्काशी, सरस मेले में आकर्षण केन्द्र बन चुकी है। करीब डेढ़ महीने की मेहनत से इस मटके को तैयार किया गया। लकड़ियों के 300 से भी अधिक टुकड़ों को एक साथ जोड़कर उस पर की गई बेहतरीन नक्काशी 11 साल बाद भी बिल्कुल पहले की तरह है। इस पर की गई वैक्स पॉलिश इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। कारीगर के भाई वसीम ने बताया कि 150 वर्षों से उनकी पीढ़ियां इसी काम से जुड़ी हुई हैं। इस मटके की कीमत 85 हजार रुपये हैं, जिसके खरीददार के पहुंचने का इंतजार है।
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पंचकूला। नेशनल अवार्ड से 2007 में सम्मानित सहारनपुर के कारीगर वहीद अहमद की मेहनत से मटके पर की गई नक्काशी, सरस मेले में आकर्षण केन्द्र बन चुकी है। करीब डेढ़ महीने की मेहनत से इस मटके को तैयार किया गया। लकड़ियों के 300 से भी अधिक टुकड़ों को एक साथ जोड़कर उस पर की गई बेहतरीन नक्काशी 11 साल बाद भी बिल्कुल पहले की तरह है। इस पर की गई वैक्स पॉलिश इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। कारीगर के भाई वसीम ने बताया कि 150 वर्षों से उनकी पीढ़ियां इसी काम से जुड़ी हुई हैं। इस मटके की कीमत 85 हजार रुपये हैं, जिसके खरीददार के पहुंचने का इंतजार है।