फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही घर वालों का मुंह बंद करवाया

मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही घर वालों का मुंह बंद करवाया

Mon, 26 Feb 2018 12:57 AM IST
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही घर वालों का मुंह बंद करवाया
रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ
विज्ञापन

-----------------------------

मृतक राजू के परिजन सीएम से नहीं लगा सके
मदद की गुहार, नेताओं ने बंद करा दिया था मुंह
सबहेड
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुंचे मृतक कार्यकर्ता राजू शर्मा के घर, परिजनों को दी सांत्वना
प्वाइंटर
अमित शाह की रैली में जाते समय एक्सीडेंट के बाद हुई थी राजू की मौत

दीपक शाही
पंचकूला।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली में शामिल होने के लिए पार्टी के जिस कार्यकर्ता ने सड़क हादसे में अपनी जान गवां दी, उसके परिजन मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आर्थिक मदद की गुहार तक नहीं लगा सके क्योंकि मृतक के घर सीएम के पहुंचने से पहले ही पार्टी के स्थानीय नेताओं ने परिजनों का मुंह बंद करवा दिया था। उन्हें साफ हिदायत दी गई थी कि सीएम जो बोलें सिर्फ सुनना है और जो पूछें उसका जवाब देना है। मृतक के छोटे बेटे जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इसी वजह से वह खुलकर मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार नहीं लगा पाया। उसने बताया कि पिता के निधन के बाद उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है क्योंकि घर में सिर्फ पिता ही कमाने वाले थे। उधर, पंचकूला भाजपा के प्रधान ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि परिजनों पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया था।

सीएम बोले-बच्चों को पढ़ाओ
सीएम मनोहर लाल रविवार को राजीव कालोनी स्थित मृतक भाजपा कार्यकर्ता राजू शर्मा के घर पहुंचे और उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मृतक राजू शर्मा के छोटे बेटे जितेंद्र से पूछा कितना पढ़े हो तो उसने जवाब दिया कि आठवीं पास हूं। फिर सीएम ने कहा कि आगे की पढ़ाई करो। किस स्कूल में दाखिला करवाया जाए प्राइवेट या फिर सरकारी स्कूल में। इसके बाद सीएम ने घर खर्च कैसे चलेगा, इस बाबत पूछा और इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। बता दें कि तीन साल पहले ही मृतक राजू के दोनों बेटेे पढ़ाई छोड़ चुके हैं। वहीं, सीएम के जाने के बाद मृतक के परिजनों से बात की गई तो घर वालों का कहना है कि बिजली बिल छह हजार रुपये आया है, जिसे भरना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन


14 फरवरी को हुआ था हादसा
15 फरवरी को जींद में आयोजित भाजपा की बाइक रैली में शामिल होने के लिए 14 फरवरी को पंचकूला से स्कूटर पर निकलने के बाद पेहवा से महज तीन किलोमीटर पहले सड़क हादसे में राजू ने अपनी जान गंवा दी थी। हादसा उस वक्त हुआ जब राजू ने एक टिक्की वाले को बचाने की कोशिश की। हैरत की बात यह है कि सिर पर हेलमेट होने के बावजूद राजू को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उन्हें पीजीआई रेफर करना पड़ा। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद राजू को नहीं बचाया जा सका। इसके बाद वर्षों से राजीव कालोनी में चाय बेचकर परिवार का गुजारा करने वाले राजू के परिवार के लिए मुश्किलों का पहाड़ टूट गया। राजू अपनी पत्नी, 23 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र और 20 वर्षीय जितेंद्र के साथ राजीव कालोनी में रहते थे। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट्स
आरोप पूरी तरह से निराधार है। राजू के परिजनों पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया था। वह पार्टी के कार्यकर्ता थे, इसलिए उनके परिवार की जिम्मेदारी पार्टी की है न कि सरकार की। पार्टी उनके परिजनों की हर तरह से मदद कर रही है और आगे भी करती रहेगी।
-दीपक शर्मा, प्रधान, भाजपा पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed