फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   घग्गर में जा रहा है करोड़ों की एनहांसमेंट

घग्गर में जा रहा है करोड़ों की एनहांसमेंट

Wed, 21 Feb 2018 01:40 AM IST
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
घग्गर में जा रहा है करोड़ों की एनहांसमेंट
घग्गर में जा रहा है करोड़ों का एनहांसमेंट
विज्ञापन

- घग्गर पार के 24-28 सेक्टरों में रहने वालों पर करोड़ों का बोझ
- 271.65 एकड़ जमीन डी नोटिफाई करने की रेजीडेंट्स की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
घग्गर पार के सेक्टरों में रहने वाले करीब 20 हजार परिवारों को घग्गर नदी की अधिग्रहित जमीन के बदले एनहासमेंट चुकाना पड़ रहा है। आलम यह है कि सेक्टर-24, 25, 26, 27, 28 सेक्टरों में प्रति एकड़ जमीन के लिए रेजीडेंट्स को करीबन एक करोड़ रुपये चुकाना पड़ रहा है, जिससे इन परिवारों की कमर टूट चुकी है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आग्रह पर पंचकूला विधायक ने घग्गर में अधिग्रहित 271.65 एकड़ भूमि को डी-नोटिफाई करने की मुख्यमंत्री से मांग की है। विधायक ने कहा कि वर्षों से लंबित इस मामले का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है, जिसकी जांच भी होनी चाहिए।
दरअसल, 28 साल पहले 1989 में घग्गर पार के सेक्टरों में 402 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर ली गई थीं। लेकिन, इसका अधिकतर हिस्सा विकास कार्यों के लिहाज से गैर जरूरी था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने इन सेक्टरों में कुछ जमीन को विकसित किया। बावजूद, इसके घग्गर के दायरे में पड़ने वाली 271.65 एकड़ जमीन को सेक्शन-चार के तहत अधिसूचित कर दिया गया। 1990 में सेक्शन-6 की नोटिफिकेशन जारी कर दी गई।
विज्ञापन

विधायक ने बताया कि घग्गर पार के सेक्टरों को विकसित करने के लिए प्राधिकरण ने जमीन अधिकृत की थी। लेकिन घग्गर की जमीन पर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं की जा सकती थी, बावजूद इसके 271.65 एकड़ जमीन का मुआवजा मालिकों को भुगतान कर दिया गया है। इससे स्थानीय रेजीडेंट्स पर एनहासमेंट का बोझ बढ़ गया है, जिस जमीन को विकसित ही नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

ज्वाइंट एक्शन कमेटी सेक्टर-24-28 एक्शटेंशन के प्रेजीडेंट एसएस गिल ने बताया कि इनमें से 402 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी, जिनमें 271.65 एकड़ जमीन की उपयोगिता नहीं थी। यह घग्गर में हैं या कहां है, इस बात का भी किसी को पता नहीं, लेकिन रेजीडेंट्स पर एनहासमेंट के नाम पर करोड़ों का बोझ बढ़ता जा रहा है। प्लॉट होल्डर्स से प्रति एकड़, एक करोड़ लिए जा रहे हैं जो घग्गर में बह रहा है। इसके तहत अलग-अलग सेक्टरों में एनहासमेंट की दरें प्रति वर्ग गज 2000 रुपये से 3200 रुपये है। वर्ष 1998 और 2009 का भी बकाया इतने सालों बाद वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed