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प्रशासन ने नहीं मांगी माफी तो शुरू करेंगे हस्ताक्षर अभियान
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:37 AM IST
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प्रशासन ने नहीं मांगी माफी तो शुरू करेंगे हस्ताक्षर अभियान
रुचिका गिरहोत्रा मामले में दोषी पूर्व डीजीपी को आमंत्रित करने का विवाद नहीं थमा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रुचिका गिरहोत्रा मामले में दोषी पूर्व डीजीपी को गणतंत्र दिवस पर मंच पर बैठाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रुचिका के हक के लिए 26 वर्षों तक लड़ाई लड़ने वाले स्व. आनंद प्रकाश की बेटी अराधना ने इस घटना पर खेद के साथ-साथ रोष भी जताया है। साथ ही प्रशासन से इस मामले में पंचकूला वासियों से माफी मांगने की मांग की गई है ताकि इस तरह की गलती दोहराई न जा सके। सेक्टर-छह में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आनंद प्रकाश स्मृति सभा के सदस्यों ने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, मुख्यमंत्री और ई-मेल भेजी जा चुकी है। अगर, इस मामले में प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो जल्द ही ट्राईसिटी में इस मामले को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
रुचिका की दोस्त अराधना ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रुचिका गिरहोत्रा के यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को पंचकूला प्रशासन ने आमंत्रित किया। इतना हीं नहीं, उन्हें मंच पर जगह दी गई, जिनमें अन्य गणमान्य अतिथि भी थे, जिन्हें प्रदेश पुलिस ने भी सलामी दी। स्व. आनंद प्रकाश की पत्नी मधु आनंद ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सरकार लड़कियों की रक्षा की बात करती है, लेकिन ऐसे आयोजनों पर दोषियों को सम्मान देने से इस अभियान की सार्थकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या सरकार, इस अभियान के प्रति गंभीर है।
सभा के अन्य सदस्यों ने भी सरकार और प्रशासन पर इस मामले में लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को ई-मेल भेजने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि खेद जताया जाएगा, लेकिन इसकी बजाय मुख्यमंत्री ने इस बात के कानूनी पक्ष की जांच की बात कही। इस पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
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26 जनवरी को स्व. आनंद प्रकाश की श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूर्व डीजीपी को मंच पर बैठाने की बात पर सवालिया निशान लगाते हुए इस मामले में माफी की मांग की है। सदस्यों ने यह भी कहा है कि अगर इस मामले में जवाब नहीं आया तो जल्द ही हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत ट्राइसिटी के लोगों को जोड़ा जाएगा ताकि इस बात की सच्चाई सामने आ सके कि एक दोषी को मंच पर आमंत्रित करना कितना जायज है।
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रुचिका गिरहोत्रा मामले में दोषी पूर्व डीजीपी को आमंत्रित करने का विवाद नहीं थमा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रुचिका गिरहोत्रा मामले में दोषी पूर्व डीजीपी को गणतंत्र दिवस पर मंच पर बैठाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रुचिका के हक के लिए 26 वर्षों तक लड़ाई लड़ने वाले स्व. आनंद प्रकाश की बेटी अराधना ने इस घटना पर खेद के साथ-साथ रोष भी जताया है। साथ ही प्रशासन से इस मामले में पंचकूला वासियों से माफी मांगने की मांग की गई है ताकि इस तरह की गलती दोहराई न जा सके। सेक्टर-छह में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आनंद प्रकाश स्मृति सभा के सदस्यों ने कहा कि इस संबंध में राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, मुख्यमंत्री और ई-मेल भेजी जा चुकी है। अगर, इस मामले में प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो जल्द ही ट्राईसिटी में इस मामले को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
रुचिका की दोस्त अराधना ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रुचिका गिरहोत्रा के यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिए गए हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को पंचकूला प्रशासन ने आमंत्रित किया। इतना हीं नहीं, उन्हें मंच पर जगह दी गई, जिनमें अन्य गणमान्य अतिथि भी थे, जिन्हें प्रदेश पुलिस ने भी सलामी दी। स्व. आनंद प्रकाश की पत्नी मधु आनंद ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सरकार लड़कियों की रक्षा की बात करती है, लेकिन ऐसे आयोजनों पर दोषियों को सम्मान देने से इस अभियान की सार्थकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या सरकार, इस अभियान के प्रति गंभीर है।
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सभा के अन्य सदस्यों ने भी सरकार और प्रशासन पर इस मामले में लापरवाह रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को ई-मेल भेजने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि खेद जताया जाएगा, लेकिन इसकी बजाय मुख्यमंत्री ने इस बात के कानूनी पक्ष की जांच की बात कही। इस पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।
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26 जनवरी को स्व. आनंद प्रकाश की श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूर्व डीजीपी को मंच पर बैठाने की बात पर सवालिया निशान लगाते हुए इस मामले में माफी की मांग की है। सदस्यों ने यह भी कहा है कि अगर इस मामले में जवाब नहीं आया तो जल्द ही हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत ट्राइसिटी के लोगों को जोड़ा जाएगा ताकि इस बात की सच्चाई सामने आ सके कि एक दोषी को मंच पर आमंत्रित करना कितना जायज है।