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बिजली बिल के लिए बिजली निगम के दफ्तर में निशक्त को खाने पड़े धक्के 19-31-20
Updated Sat, 09 Dec 2017 09:21 PM IST
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बिल लेने गए निशक्त को धक्के मार निकाला
-बिजली बिल के लिए इंदिरा कॉलोनी के युवक को बिजली निगम के दफ्तर में झोलनी पड़ी परेशानी
-जितना बिजली बिल निगम ने भेजा है, उसमें तो घर का चार से पांच माह का राशन आ जाता है
-शाम को बिजली बिल मिला वो भी महज 76 दिनों का 11 हजार रुपये
-सेक्टरों के लोग भी बिजली बिल ज्यादा आने के कारण परेशान
-बिजली उपभोक्ताओं को निगम ओरिजनल बिजली बिल भी नहीं दे रहा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नियति की मार झेल रहे पंचकूला के एक युवक को बिजली निगम के दफ्तर में धक्के खाने पड़े। उसका कसूर सिर्फ इतना था, कि वह अपना बिजली बिल लेने निगम दफ्तर गया था। पहले तो कार्यालय में बैठे मुलाजिमों ने उसे बिजली बिल देने से मना कर दिया। कहा कि तुम्हारा बिजली बिल अभी नहीं आया है। जब निशक्त ने बिजली दफ्तर में तैनात मुलाजिमों से सवाल किया कि सबका बिजली का बिल आ गया तो मेरा क्यों नहीं आया तो मुलाजिमों ने उसके साथ गाली गलौच शुरू कर दी। जब उसने विरोध किया तो उसे धक्के मार कर निकाल दिया। यह परेशानी इंदिरा कालोनी के 30 वर्षीय राजू को झेलनी पड़ी। राजू ने बिजली निगम के मुलाजिमों पर आरोप लगाया कि उसे बिजली बिल के लिए सुबह दस से शाम पांच बजे तक बैठाए रखे गया। जब उसने विरोध किया तो बिजली कार्यालय में मौजूद मुलाजिमों ने उसके साथ बुरा बर्ताव किया। जब उसने एसडीओ से शिकायत की तब उसे बिजली का बिल मिला। लेकिन बिजली का बिल देखते ही वह अपना सिर पकड़कर बैठ गया। क्योंकि महज 76 दिनों के 11895 रुपये बिजली के बिल आए थे। राजू ने बताया कि पिछले दो माह में मात्र एक हजार रुपया बिजली का बिल आया था, जिसका भुगतान वह पहले ही कर चुका है। फिर दो माह में इतना बिजली का बिल कैसे आ गया। ये हाल सिर्फ इंदिरा कालोनी का नहीं बल्की पंचकूला के सेक्टरों के लोग भी बिजली का बिल ज्यादा आने के चलते परेशान हैं।
मुश्किल से मिलती है दो वक्त की रोटी : राजू
राजू ने बताया कि मुश्किल से दो वक्त का जुगाड़ कर पाते हैं। क्योंकि नियति ने पहले उसे लाचार बना दिया। अब उसे काम भी कोई नहीं देता। किसी तरह अपना पेट पाल रहा है। राजू ने बताया कि जितना बिजली निगम की लापरवाही के चलते उसके घर में दो माह का बिजली बिल आया है, उतने में तो उसके घर का चार से पांच माह का राशन आता है। ऐसे में भला कैसे वह इतना बिजली भर पाएगा।
बेटी बीमार ऊपर से बिल की मार
एक महिला बीमार बेटी का इलाज कराए या फिर बिजली निगम के मुलाजिमों की लापरवाही की मार झेले। इंदिरा कालोनी निवासी
सुुशीला ने बताया कि 76 दिनों का बिजली बिल 72 हजार रुपये आया है। जबकि वह हर बार बिजली के बिल का भुगतान करती है। महिला ने बताया कि पिछले माह ही उसने पांच सौ रुपये बिजली का बिल भरा था। बिजली निगम की ओर से बिल आने के बाद से वह परेशान है, कि इतना बिल उसका कैसे आ गया। महिला का कहना है कि उसकी बेटी अस्पताल में दाखिल है, घर में उसके अलावा उसका कोई नहीं है। अपनी बीमार बेटी का वह इलाज कराए या फिर बिजली निगम के मुलाजिमों की लापरवाही के चलते बिल सही कराने के लिए बिजली कार्यालय के चक्कर लगाए।
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-बिजली बिल के लिए इंदिरा कॉलोनी के युवक को बिजली निगम के दफ्तर में झोलनी पड़ी परेशानी
-जितना बिजली बिल निगम ने भेजा है, उसमें तो घर का चार से पांच माह का राशन आ जाता है
-शाम को बिजली बिल मिला वो भी महज 76 दिनों का 11 हजार रुपये
-सेक्टरों के लोग भी बिजली बिल ज्यादा आने के कारण परेशान
-बिजली उपभोक्ताओं को निगम ओरिजनल बिजली बिल भी नहीं दे रहा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
नियति की मार झेल रहे पंचकूला के एक युवक को बिजली निगम के दफ्तर में धक्के खाने पड़े। उसका कसूर सिर्फ इतना था, कि वह अपना बिजली बिल लेने निगम दफ्तर गया था। पहले तो कार्यालय में बैठे मुलाजिमों ने उसे बिजली बिल देने से मना कर दिया। कहा कि तुम्हारा बिजली बिल अभी नहीं आया है। जब निशक्त ने बिजली दफ्तर में तैनात मुलाजिमों से सवाल किया कि सबका बिजली का बिल आ गया तो मेरा क्यों नहीं आया तो मुलाजिमों ने उसके साथ गाली गलौच शुरू कर दी। जब उसने विरोध किया तो उसे धक्के मार कर निकाल दिया। यह परेशानी इंदिरा कालोनी के 30 वर्षीय राजू को झेलनी पड़ी। राजू ने बिजली निगम के मुलाजिमों पर आरोप लगाया कि उसे बिजली बिल के लिए सुबह दस से शाम पांच बजे तक बैठाए रखे गया। जब उसने विरोध किया तो बिजली कार्यालय में मौजूद मुलाजिमों ने उसके साथ बुरा बर्ताव किया। जब उसने एसडीओ से शिकायत की तब उसे बिजली का बिल मिला। लेकिन बिजली का बिल देखते ही वह अपना सिर पकड़कर बैठ गया। क्योंकि महज 76 दिनों के 11895 रुपये बिजली के बिल आए थे। राजू ने बताया कि पिछले दो माह में मात्र एक हजार रुपया बिजली का बिल आया था, जिसका भुगतान वह पहले ही कर चुका है। फिर दो माह में इतना बिजली का बिल कैसे आ गया। ये हाल सिर्फ इंदिरा कालोनी का नहीं बल्की पंचकूला के सेक्टरों के लोग भी बिजली का बिल ज्यादा आने के चलते परेशान हैं।
मुश्किल से मिलती है दो वक्त की रोटी : राजू
राजू ने बताया कि मुश्किल से दो वक्त का जुगाड़ कर पाते हैं। क्योंकि नियति ने पहले उसे लाचार बना दिया। अब उसे काम भी कोई नहीं देता। किसी तरह अपना पेट पाल रहा है। राजू ने बताया कि जितना बिजली निगम की लापरवाही के चलते उसके घर में दो माह का बिजली बिल आया है, उतने में तो उसके घर का चार से पांच माह का राशन आता है। ऐसे में भला कैसे वह इतना बिजली भर पाएगा।
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बेटी बीमार ऊपर से बिल की मार
एक महिला बीमार बेटी का इलाज कराए या फिर बिजली निगम के मुलाजिमों की लापरवाही की मार झेले। इंदिरा कालोनी निवासी
सुुशीला ने बताया कि 76 दिनों का बिजली बिल 72 हजार रुपये आया है। जबकि वह हर बार बिजली के बिल का भुगतान करती है। महिला ने बताया कि पिछले माह ही उसने पांच सौ रुपये बिजली का बिल भरा था। बिजली निगम की ओर से बिल आने के बाद से वह परेशान है, कि इतना बिल उसका कैसे आ गया। महिला का कहना है कि उसकी बेटी अस्पताल में दाखिल है, घर में उसके अलावा उसका कोई नहीं है। अपनी बीमार बेटी का वह इलाज कराए या फिर बिजली निगम के मुलाजिमों की लापरवाही के चलते बिल सही कराने के लिए बिजली कार्यालय के चक्कर लगाए।
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