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ड़कें बयां करती हैं पंचकूला की बदहाली की दास्तां

Wed, 13 Sep 2017 01:17 AM IST
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:17 AM IST
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ड़कें बयां करती हैं पंचकूला की बदहाली की दास्तां
शहर में हर तरफ गड्ढे, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
शहर की बदहाल सड़कें पंचकूला की पहचान बन गई हैं। शहर खुद ही यहां की बदहाली बयां करता है। अधिकतर सड़कें इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि वाहन चालकों ही नहीं पैदल चलने वालों को भी अब हादसे का डर सताता है। इंडस्ट्रियल एरिया, एमडीसी-चार और पांच, सेक्टर-दो, माजरी चौक से बेला विस्टा, लेबर चौक के इर्द-गिर्द सहित तमाम सेक्टरों की सड़कों की हालत दिनोंदिन जर्जर हो रही हैं। शहर की इस बदहाली के बावजूद नगर निगम की ओर से इन सड़कों की रिकारपेटिंग या पैचवर्क की शुरुआत नहीं की गई। मानसून बीत गया है लेकिन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए मरम्मत की शुरुआत नहीं हुई है।
एमडीसी सेक्टर-चार निवासी डॉ. पीके पराशर ने बताया कि सड़कों पर गड्ढे इतने अधिक हैं कि दोपहिया वाहन तो क्या कारों का भी निकलना मुश्किल हो गया है। कारों के गुजरते हुए एक या दो पहिये गड्ढों की चपेट में आ जाते हैं, नतीजतन सभी वाहन चालकों को काफी मुश्किलें पेश आ रही हैं। आलम यह है कि गड्ढों से बचने की तमाम कोशिशों के बावजूद बचकर निकलना मुश्किल हो गया है।
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माता मनसा देवी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुभाष चंद्र सचदेवा ने बताया कि सड़कें टूटी हैं। रोजाना इस रास्ते पर दुर्घटनाएं होती हैं। निगम की ओर से सड़कों के निर्माण की जल्द शुरुआत की जानी चाहिए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। गाड़ियां खराब होने से जेब पर बोझ बढ़ने सहित दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। नवरात्र से पहले अगर सड़कें ठीक नहीं की गईं तो श्रद्धालुओं के लिए भी यहां से गुजरने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ सकती है। एमडीसी निवासी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के दौरान अंडरपास में कार के फंसने से इस मद में हजारों का खर्च करना पड़ा। पहले से ही खस्ताहाल सड़कों से इस मार्ग से वाहन चालकों को गुजरने में काफी मुश्किलें पेश आ रही हैं।
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पार्षद उठा चुके हैं विकास कार्य जल्द शुरू करने की मांग
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक, दो, सेक्टर-12ए और लेबर चौक के इर्द गिर्द की तमाम सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। हाल ही में करीब एक दर्जन पार्षदों ने कमिश्नर से मुलाकात कर, जल्द से जल्द पैचवर्क और रिकारपेटिंग सहित अन्य विकास कार्यों की जल्द शुरुआत की मांग की थी। इसके लिए एक हफ्ते का वक्त दिया था, लेकिन अभी तक सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है।

वाहनों के रिपेयर का बढ़ा खर्च
सड़कों पर बढ़ते गड्ढे न केवल हादसों को बुलावा दे रहे हैं, बल्कि लोगों की जेब पर भी वाहनों के रिपेयर का बोझ बढ़ने लगा है। टू व्हीलर हो या कार, सभी तरह के वाहनों को गड्ढों के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। मैकेनिक राजू ने बताया कि टू व्हीलर के खराब होने की मुख्य वजह गड्ढे हैं, तो बारिश के दिनों में कारों में अधिक समस्याएं आईं। गड्ढे और जलभराव के कारण कार मालिकों को रिपेयर के लिए अधिक खर्च करना पड़ा।


दंगों में भी हुआ नुकसान
25 अगस्त को हुए दंगे के बाद सड़कों के इर्द गिर्द तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कई जगहों पर बोर्ड तोड़ दिए गए। इस दौरान सड़कों के पास स्ट्रीट लाइटें तोड़ दी गईं, जबकि केबल भी काट दिए गए।
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