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ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में उठाया जलभराव का मुद्दा
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:55 AM IST
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ग्रीवांस कमेटी की बैठक में उठा जलभराव का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-10 में बारिश का पानी घरों में घुसने सहित अन्य जगहों पर जलभराव की समस्या को ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग में उठाया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने तत्काल कमेटी गठित करने के निर्देश देते हुए डीसी को इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट भेजने को कहा। इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने खुद के घर के इर्द गिर्द भी इस तरह की परेशानी का जिक्र किया। सेक्टर-10 हाउस आनर्स वेलफेयर एसोसिएशन और कंज्यूमर एसोसिएशन ने उठाया। मंत्री का निर्देश मिलने के बाद डीसी इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्ताव भेजेंगी।
बीबी सिंघल ने बताया कि पंचकूला में बरसाती पानी की निकासी के लिए तकनीकी बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 35-40 साल पहले पंचकूला में बरसाती पानी की निकासी के लिए सिस्टम तैयार किया गया था। लेकिन यह .5 इंच के लिए यानि 12-13 एमएम तक की बारिश के लिए बनाया गया है।
27 जुलाई को करीब 120 एमएम बारिश हुई, इस दौरान पानी निकासी के लिए इंतजाम न होने का विपरीत असर पड़ा है। सिंघल ने बताया कि रेड बिशप से सेक्टर-19 करीब 80 फुट नीचे हैं। ढलान होने से निचले सेक्टरों में जलभराव की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि घरों में भी पानी आ जाता है। सेक्टरों के दक्षिणी कोने जिनमें 11/15, सेक्टर-8/9/10/15 सहित अन्य चौराहों पर जलभराव की समस्या हर साल होती है। इससे बचने के लिए रेन वाटर वेल बनाया जाना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-10 में बारिश का पानी घरों में घुसने सहित अन्य जगहों पर जलभराव की समस्या को ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग में उठाया गया। इसकी अध्यक्षता करते हुए शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने तत्काल कमेटी गठित करने के निर्देश देते हुए डीसी को इस संबंध में सरकार को रिपोर्ट भेजने को कहा। इस शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने खुद के घर के इर्द गिर्द भी इस तरह की परेशानी का जिक्र किया। सेक्टर-10 हाउस आनर्स वेलफेयर एसोसिएशन और कंज्यूमर एसोसिएशन ने उठाया। मंत्री का निर्देश मिलने के बाद डीसी इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्ताव भेजेंगी।
बीबी सिंघल ने बताया कि पंचकूला में बरसाती पानी की निकासी के लिए तकनीकी बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 35-40 साल पहले पंचकूला में बरसाती पानी की निकासी के लिए सिस्टम तैयार किया गया था। लेकिन यह .5 इंच के लिए यानि 12-13 एमएम तक की बारिश के लिए बनाया गया है।
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27 जुलाई को करीब 120 एमएम बारिश हुई, इस दौरान पानी निकासी के लिए इंतजाम न होने का विपरीत असर पड़ा है। सिंघल ने बताया कि रेड बिशप से सेक्टर-19 करीब 80 फुट नीचे हैं। ढलान होने से निचले सेक्टरों में जलभराव की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि घरों में भी पानी आ जाता है। सेक्टरों के दक्षिणी कोने जिनमें 11/15, सेक्टर-8/9/10/15 सहित अन्य चौराहों पर जलभराव की समस्या हर साल होती है। इससे बचने के लिए रेन वाटर वेल बनाया जाना चाहिए।
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