खुशखबरीः अब गरीब बच्चे भी बन सकेंगे डॉक्टर, पंजाब के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी 150 सीटें
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पंजाब में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार पंजाब के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 150 सीट बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में 50-50 सीटें बढ़ाई जाएंगी।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से 11 जून तक प्रस्ताव मांगा था। यूनिवर्सिटी की ओर से प्रस्ताव भेजने के बाद अब सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
दरअसल केंद्र सरकार द्वारा सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 फीसदी आरक्षण दिया है। इसी पर अमल करते हुए पंजाब सरकार ने भी 28 मई को नोटिफिकेशन जारी करते हुए पढ़ाई और नौकरी में दस फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
आरक्षण के नोटिफिकेशन के बाद सरकार ने मेडिकल यूनिवर्सिटी से प्रस्ताव मांगे थे। पूरी आरक्षण व्यवस्था को संतुलित करने के मद्देनजर सीट में बढ़ोतरी की जा रही है। बता दें कि एमबीबीएस में दाखिले के लिए जून माह में काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होनी है।
वहीं ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वजह से एमसीआई का झुकाव सीट बढ़ाने को लेकर है। हालांकि आरक्षण के मुताबिक 50 सीटों को बढ़ाने का ही प्रावधान है लेकिन 150 सीटें बढ़ाने को लेकर सहमति बन चुकी है।
अब एमबीबीएस की 500 सीट बढ़कर 650 हो जाएगी। इसके अतिरिक्त निजी मेडिकल कॉलेजों में जो सीटें हैं वे अतिरिक्त हैं। एमसीआई ने सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ही सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे गरीब बच्चों को डॉक्टर बनने का बेहतर मौका मिलेगा।
वर्तमान में क्या है स्थिति
पंजाब के फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में एमबीबीएस की 100, पटियाला और अमृतसर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में 200-200 सीटें है।
इन्हें मिल सकेगा आरक्षण का लाभ
परिवार की सभी स्रोतों से कुल आमदनी 8 लाख रुपये से कम हो तो ही आवेदक को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। वहीं 5 एकड़ का या उससे अधिक की खेती योग्य भूमि या 1 हजार वर्ग फीट या इससे अधिक क्षेत्रफल का घर होगा, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। 200 गज से अधिक की निगम की गैर अधिसूचित जमीन हो या जिनके पास 100 गज या इससे अधिक की अधिसूचित जमीन हो, वह भी आरक्षण की सीमा से बाहर ही होंगे।
सक्षम अधिकारी से लेना होगा प्रमाण पत्र
आरक्षण का लाभ लेने के लिए संबंधित आवेदक परिवार को तहसीलदार या उससे ऊपर के सक्षम अधिकारी से अपनी आय और संपत्ति का प्रमाण पत्र लेना होगा। इस प्रमाण पत्र को हासिल कर पाने वाले सभी लोग जो कि अन्य मापदंडों को भी पूरा करते हों, आरक्षण का लाभ ले सकेंगे।