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22-23 को करनाल में कर्मचारियों का सामूहिक पड़ाव
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:20 AM IST
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करनाल में सामूहिक पड़ाव 22-23 को
सरकार के विरोध में आंदोलन की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सरकार की वादाखिलाफी और कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा के विरोध में सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा ने प्रदेश में आंदोलन का एलान किया है। शुक्रवार को महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि प्रदेशभर के कर्मचारी 22-23 जुलाई को सीएम सिटी, करनाल में सामूहिक पड़ाव डालेंगे। इसमें विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगम, पालिका और परिषद के कर्मचारी शामिल होंगे। इससे पहले कर्मचारी 21 जुलाई को सभी विभागों में विरोध सभाएं करेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में महासचिव सुभाष लांबा के साथ जिला प्रधान रामपाल मलिक, सचिव श्रवण कुमार जांगड़ा, वरिष्ठ उप प्रधान ज्ञानचंद घई सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता व कर्मचारियों के पुरजोर विरोध के बावजूद सरकार, रोडवेज के 452 रूटों को निजी हाथों में सौंपने पर अड़ी है। इस फैसले से न केवल रोडवेज को नुकसान हुआ बल्कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा भी नहीं मिल रही है।
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मांगें तो दूर बात करने को भी तैयार नहीं सरकार
लांबा ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से जारी घोषणा पत्र में कर्मचारी वर्ग से किए वादों पर अमल करने की बजाय सभी विभागों में आउटसोर्सिंग, निजीकरण व ठेका प्रथा की नीतियों को लागू किया जा रहा है। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्ति के बावजूद खाली पदों पर स्थायी नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। प्रदेश के करीब 20 हजार नगर पालिका कर्मचारी 12 जुलाई से 72 घंटे की हड़ताल पर जा रहे हैं। सरकार उनके 18 सूत्रीय मांगपत्र का समाधान करने की बजाय बातचीत तक करने को तैयार नहीं है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों से वंचित सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स को जनवरी, 2016 से लाभ मिले।
-पार्ट टाइम व डीसी रेट अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी नीति लागू हो।
-समान काम के लिए समान वेतन।
- विभागों मे निजीकरण व आउटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक
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करनाल में सामूहिक पड़ाव 22-23 को
सरकार के विरोध में आंदोलन की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सरकार की वादाखिलाफी और कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा के विरोध में सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा ने प्रदेश में आंदोलन का एलान किया है। शुक्रवार को महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि प्रदेशभर के कर्मचारी 22-23 जुलाई को सीएम सिटी, करनाल में सामूहिक पड़ाव डालेंगे। इसमें विभागों, बोर्ड, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगम, पालिका और परिषद के कर्मचारी शामिल होंगे। इससे पहले कर्मचारी 21 जुलाई को सभी विभागों में विरोध सभाएं करेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में महासचिव सुभाष लांबा के साथ जिला प्रधान रामपाल मलिक, सचिव श्रवण कुमार जांगड़ा, वरिष्ठ उप प्रधान ज्ञानचंद घई सहित अन्य मौजूद रहे।
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प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता व कर्मचारियों के पुरजोर विरोध के बावजूद सरकार, रोडवेज के 452 रूटों को निजी हाथों में सौंपने पर अड़ी है। इस फैसले से न केवल रोडवेज को नुकसान हुआ बल्कि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा भी नहीं मिल रही है।
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मांगें तो दूर बात करने को भी तैयार नहीं सरकार
लांबा ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ओर से जारी घोषणा पत्र में कर्मचारी वर्ग से किए वादों पर अमल करने की बजाय सभी विभागों में आउटसोर्सिंग, निजीकरण व ठेका प्रथा की नीतियों को लागू किया जा रहा है। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्ति के बावजूद खाली पदों पर स्थायी नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। प्रदेश के करीब 20 हजार नगर पालिका कर्मचारी 12 जुलाई से 72 घंटे की हड़ताल पर जा रहे हैं। सरकार उनके 18 सूत्रीय मांगपत्र का समाधान करने की बजाय बातचीत तक करने को तैयार नहीं है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों से वंचित सभी कर्मचारियों व पेंशनर्स को जनवरी, 2016 से लाभ मिले।
-पार्ट टाइम व डीसी रेट अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी नीति लागू हो।
-समान काम के लिए समान वेतन।
- विभागों मे निजीकरण व आउटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक