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चंडीगढ़-पंचकूला की वैकल्पिक सड़क दिला सकती है जाम से निजात
Updated Fri, 16 Jun 2017 02:20 AM IST
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वैकल्पिक सड़क दिला सकती है जाम से निजात
- फाइलों में दबकर रह गई वैकल्पिक सड़क की योजना
- रोजाना हाउसिंग बोर्ड से रेलवे लाइट प्वाइंट तक लगता है जाम
- 2012 में बन गई थी सहमति, बाद में काम आगे नहीं बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मेट्रो के साथ चंडीगढ़-पंचकूला की वैकल्पिक सड़क की योजना फाइलों में दब कर रह गई है। इस सड़क के निर्माण से मध्य मार्ग पर रोजाना हाउसिंग बोर्ड से रेलवे लाइट प्वाइंट तक जाम फंसने वाले लोगों को निजात मिल जाती। यह सड़क चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 से रेलवे स्टेशन, मौली जागरां होते हुए पंचकूला सेक्टर-17 तक आनी थी। जून 2012 में सहमति बनने के बाद भी इस प्रोजेक्ट को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
पंचकूला रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुभाष पपनेजा ने अंबाला मंडल के डीआर, सांसद चंडीगढ़ और अंबाला एवं यूटी प्रशासन को पत्र भेजकर जल्द काम शुरू कराने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेस एक से पंचकूला सेक्टर 17 तक एक वैकल्पिक सड़क बनाई जानी थी। इसे लेकर शुरुआती दौर में चंडीगढ़ प्रशासन, हरियाणा सरकार और रेलवे के बीच कई वार्ताएं हुई। सड़क के लिए रूट मैप भी तैयार कर लिया गया। इस प्रोजेक्ट पर जून 2012 में चंडीगढ़ प्रशासन और रेलवे के बीच बैठक भी हुई। वैकल्पिक सड़क बनाने को लेकर सहमति भी बनी थी। सड़क के बीच रेल ट्रैक आने के कारण अंडर ब्रिज बनाया जाना था। इसके लिए रेलवे को लिखा गया। चंडीगढ़ प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि रेलवे की ओर से सहमति मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह प्रोजेक्ट सवा चार साल बाद भी ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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- फाइलों में दबकर रह गई वैकल्पिक सड़क की योजना
- रोजाना हाउसिंग बोर्ड से रेलवे लाइट प्वाइंट तक लगता है जाम
- 2012 में बन गई थी सहमति, बाद में काम आगे नहीं बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मेट्रो के साथ चंडीगढ़-पंचकूला की वैकल्पिक सड़क की योजना फाइलों में दब कर रह गई है। इस सड़क के निर्माण से मध्य मार्ग पर रोजाना हाउसिंग बोर्ड से रेलवे लाइट प्वाइंट तक जाम फंसने वाले लोगों को निजात मिल जाती। यह सड़क चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 से रेलवे स्टेशन, मौली जागरां होते हुए पंचकूला सेक्टर-17 तक आनी थी। जून 2012 में सहमति बनने के बाद भी इस प्रोजेक्ट को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
पंचकूला रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुभाष पपनेजा ने अंबाला मंडल के डीआर, सांसद चंडीगढ़ और अंबाला एवं यूटी प्रशासन को पत्र भेजकर जल्द काम शुरू कराने की मांग की है। पत्र में बताया गया है कि चंडीगढ़ और पंचकूला के बीच सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेस एक से पंचकूला सेक्टर 17 तक एक वैकल्पिक सड़क बनाई जानी थी। इसे लेकर शुरुआती दौर में चंडीगढ़ प्रशासन, हरियाणा सरकार और रेलवे के बीच कई वार्ताएं हुई। सड़क के लिए रूट मैप भी तैयार कर लिया गया। इस प्रोजेक्ट पर जून 2012 में चंडीगढ़ प्रशासन और रेलवे के बीच बैठक भी हुई। वैकल्पिक सड़क बनाने को लेकर सहमति भी बनी थी। सड़क के बीच रेल ट्रैक आने के कारण अंडर ब्रिज बनाया जाना था। इसके लिए रेलवे को लिखा गया। चंडीगढ़ प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि रेलवे की ओर से सहमति मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी, लेकिन यह प्रोजेक्ट सवा चार साल बाद भी ठंडे बस्ते में पड़ा है।
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