चंडीगढ़। मलोया में स्मॉल फ्लैट के लिए चार दिन में सेक्टर-52 और 56 की टीन शेड कॉलोनी में रहने वाले 1443 लोगों ने दस्तावेज जमा कराए हैं। सेक्टर-9 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के परिसर में 26 अक्तूबर से शिविर लगाया जा रहा है। कोरोना की वजह से हर घंटे 50 लोगों को हाउसिंग बोर्ड परिसर में दाखिल होने दिया गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। अब जो लोग रह गए हैं उनके लिए 2 नवंबर से शिविर लगाए जाएंगे।
इस दौरान नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें भी मौजूद थीं, जो लोगों को पानी और बिजली के कनेक्शन के फार्म दे रही थीं। इसके अलावा सीएचबी ने लोगों की सुविधा के लिए मौके पर ही फोटो स्टेट की व्यवस्था भी की हुई है। साथ ही तीन नोटरी और तीन स्टांप वेंडर भी शिविर में मौजूद हैं, जिससे लोगों को दस्तावेजों को अटेस्टेड कराने में आसानी रही। जिन लोगों को मकान मिलना है, उनसे 4000 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए जा रहे हैं। इसमें से 3000 रुपये एक महीने का किराया और 500-500 रुपये बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी के तौर पर लिए जा रहे हैं। कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए मकान आवंटित किए जाएंगे। मकान आवंटन के बाद सेक्टर-52 और 56 की कालोनी को तोड़ दिया जाएगा। लोगों को नए मकान में जाने के लिए तीन दिन का समय दिया जाएगा। लोगों को मलोया के इन फ्लैट्स में रहने के लिए हर महीने 3000 रुपये किराये के तौर पर चुकाने होंगे। बिजली और पानी का बिल अलग से चुकाना होगा। करार के अनुसार यह मकान 25 साल के लिए दिए जाएंगे। समय-समय पर किराये की राशि को 8 प्रतिशत बढ़ाया भी जाएगा।