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बड़ा खुलासाः हरियाणा में 11 महीने में 1413 महिलाओं की लुटी आबरू, सरकार की बढ़ गई चिंता
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 18 Sep 2018 09:40 AM IST
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हरियाणा में असामाजिक तत्व महिलाओं की इज्जत पर बेखौफ होकर हाथ डाल रहे हैं। सरकार और पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद रेप-गैंगरेप के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। कहीं जानकार ही विश्वासघात कर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, तो कहीं हवस के दरिंदों द्वारा महिलाओं की इज्जत तार-तार की जा रही है।
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हरियाणा में सितंबर 2017 से लेकर अगस्त 2018 तक 1413 महिलाओं की आबरू लूटी गई। विधानसभा पटल पर रखे गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते चार साल में 4593 महिलाओं के दामन को असामाजिक तत्वों ने दागदार किया है। हरियाणा में सरकार ने हर जिले में महिला थाने भी खोले हैं, बावजूद महिलाएं असुरिक्षत हैं। रेवाड़ी गैंगरेप मामले ने तो इन पुलिस थानों की कार्यप्रणाली की पोल भी खोलकर रख दी है।
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कैसे महिला थाना प्रभारी ने पीड़िता का केस दर्ज करने में लापरवाही बरती, यह सबके सामने है। सीएम ने भले ही अब इसकी जांच बैठा दी हो, लेकिन महिला थाने आखिर कब अपनी असल भूमिका निभाने लगेंगे, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रदेश में दिन ब दिन बड़े महिला अपराधों ने सरकार की भी बेचैनी बढ़ा दी है, चूंकि प्रदेश में अगले साल लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं।
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ऐसे में सरकार के लिए रेप, गैंगरेप की घटनाएं रोकना विशेष रूप से बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि आखिर आए दिन हो रहे दुष्कर्म के मामलों पर अंकुश कैसे लगाया जाए। चूंकि, महिला अपराध में बढ़ोतरी सरकार के लिए चुनावी साल में दिक्कतें खड़ी कर सकती है। प्रदेश में सितंबर 2014 से अगस्त 2015 के बीच दुष्कर्म के 961 मामले सामने आए। सितंबर 2015 से अगस्त 2016 के बीच यह आंकड़ा 1026 तक जा पहुंचा। सितंबर 2016 से अगस्त 2017 के बीच दुष्कर्म की संख्या 1193 रही। सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक यह आंकड़ा 1413 तक जा पहुंचा है।
विधानसभा में विधायक जगबीर सिंह व जाकिर हुसैन उठा चुके सवाल
विधानसभा के हाल में ही संपन्न मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक व इनेलो विधायक जाकिर हुसैन महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सरकार को घेर चुके हैं। दोनों ने अतारांकित प्रश्न पूछते हुए सरकार से बलात्कार के मामलों की जानकारी भी मांगी थी। जिसमें यह साफ हुआ है कि बीते चार सालों में साल दर साल दुष्कर्म के मामलों में वृद्धि हुई है।
महिला सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं : संधू
डीजीपी बीएस संधू ने कहा कि महिला सुरक्षा में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलों में तैनात अफसरों के लापरवाह रवैये पर कड़ा एक्शन होगा। इसमें निलंबन भी शामिल है। महिला थानों के स्टाफ को जल्दी चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।