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फांसी के फंदे से बचे 14 भारतीय पहुंचे वतन, कत्ल के केस में दुबई की जेल में थे कैद

Sat, 23 Jun 2018 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर Updated Sat, 23 Jun 2018 12:34 AM IST
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14 Indian survivors from hanging
युवक ने फांसी लगाकर दी जान

खाड़ी देशों में एक भारतीय तथा एक पाकिस्तानी नागरिक की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाने वाले 15 भारतीयों को ब्लड मनी देकर मौत के मुंह से बचा लिया। यह काम प्रसिद्ध समाज सेवक एवं सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ओबराय ने किया। जालंधर में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिंह ओबराय ने कहा कि इनमें से 14 लोग अपने देश वापस लौट आए हैं, जबकि एक धर्मवीर सिंह नामक युवक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर भारत आएगा। इन 15 लोगों में से एक बिहार तो बाकी 14 पंजाब के हैं। 

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डॉ. ओबराए ने सजा से बचकर पंजाब आए 14 युवकों के साथ शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि दोनों मामले शारजाह और अल-ऐन में दर्ज हुए थे। मामले में वहां की अदालत ने 15 भारतीयों को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। डॉ. ओबराय ने बताया कि पहला मामला नवंबर 2011 में शारजाह में उत्तर प्रदेश के जिला आजमगड़ के गांव शेखापुरा के वीरेंद्र चौहान की हत्या का था। 
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मामले में वहां की अदालत ने पांच युवकों को फांसी की सजा सुनाई थी। जिनमें बिहार के छपरा निवासी धर्मेंद्र कुमार, पंजाब के अजनाला (अमृतसर) के हरविंदर सिंह, नवांशहर के रणजीत सिंह, महिलपुर (होशियारपुर) के दलविंदर सिंह तथा जसोमाजरा (पटियाला) के सुच्चा सिंह शामिल थे। दूसरे मामले में अल-ऐन शहर में जुलाई 2015 को पेशावर (पाकिस्तान) के रहने वालेमुहम्मद फरहान की हत्या हुई थी, जिसके आरोप में दस पंजाबी युवकों को दोषी मानते हुए अदालत ने अक्तूबर 2016 को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इनमें ठीकरीवाल (बरनाला) का सतमिंदर सिंह, नवांशहर का चंदर शेखर, मलेरकोटला (संगरूर) का चमकौर सिंह, लुधियाना का कुलविंदर सिंह, समराला का धर्मवीर सिंह, मोहाली का हरजिंदर सिंह, अमृतसर का तरसेम सिंह, पटियाला का गुरप्रीत सिंह, गुरदासपुर का जगजीत सिंह और तरनतारन का कुलदीप सिंह शामिल थे। 
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डॉ. ओबराए ने बताया कि इन युवकों को बचाने के लिए दुबई में भारतीय दूतावास तथा भारतीय काउंसलर का विशेष सहयोग रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक वह अपने खर्च पर शवों को भारत भेजते रहे हैं लेकिन दुबई में भारतीय काउंसलर के साथ उनकी बैठक के बाद भारत सरकार ने शवों को भारत लाने का सारा खर्च उठाने का एलान किया है। 

उन्होंने बताया कि फांसी से बच कर पंजाब आये इन युवकों की टिकट का प्रबंध भी भारत सरकार ने ही किया है। हाल ही में उन्होने दुबई में मारे गए सुलतानपुर लोधी के युवक का शव पंजाब भेजा था। इस मौके पर सतनाम सिंह मानक, अमरजोत सिंह, दीपक बाली, आत्मप्रकाश सिंह, परमजीत सिंह, रविंदर सिंह रोबिन, सुखजिंदर सिंह हेयर, नवजीत सिंह घई, धर्मेंद्र सिंह कड़ियाल के अलावा रिहा होकर वापिस आये लोगों के परिवारिक सदस्य मौजूद थे। 
 

अब तक 93 लोगों को फांसी की सजा से बचाया

14 Indian survivors from hanging
युवती ने फांसी लगाई
डॉ. ओबराय ने बताया कि खाड़ी देश की जेलों में 129 लोग फांसी की सजा का इंतजार कर रहे थे। इनमें से 93 लोगों को उन्होंने लगभग 20 करोड़ की ब्लड मनी देकर आजाद करवाया है, इनमें भारत सहित पाकिस्तान, नेपाल, बंगलादेश के कैदी भी शामिल थे। बाकी के 36 लोगों का वह केस लड़ रहे हैं। इनमें पंजाब, हरियाणा के कुरुक्षेत्र, पाकिस्तान, नेपाल और बंगलादेश के लोग शामिल हैं। केस की सुनवाई नौ जुलाई को होगी।
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