फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   12.27 crore loss to PGI due to non-tender of shop and canteen

दुकान और कैंटीन का टेंडर न होने से पीजीआई को 12.27 करोड़ का नुकसान

Thu, 17 Feb 2022 01:47 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 01:47 AM IST
विज्ञापन
12.27 crore loss to PGI due to non-tender of shop and canteen
चंडीगढ़। टेंडर न होने के कारण दुकान और कैंटीन किराए पर न चढ़ने से पीजीआई को कोविड से पहले वित्तीय वर्ष 2019-20 में 12.27 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। इस पर ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताते हुए प्रबंधन से जवाब मांगा है। विभाग ने पीजीआई प्रशासन को इसके लिए जवाबदेह ठहराया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि पीजीआई प्रशासन ने समय रहते दुकान, कैंटीन और मेडिकल शॉप का टेंडर नहीं किया। इस कारण उसे इतनी आर्थिक क्षति हुई है। पीजीआई प्रशासन ने इस संबंध में अभी तक जवाब नहीं दिया है। गौरतलब है कि पीजीआई में कई दुकानें ऐसी हैं जिसका मासिक किराया एक से डेढ़ करोड़ है। ऐसे में ऑडिट की आपत्ति बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पीजीआई प्रशासन उन दुकानों की अलॉटमेंट में अनदेखी कैसे कर सकता है।
विज्ञापन

आर्थिक नुकसान के साथ मरीजों को भी हुई परेशानी
ऑडिट विभाग ने अपनी आपत्ति में इसे पीजीआई को आर्थिक नुकसान के साथ ही मरीजों के स्तर पर भी गलत ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार पीजीआई परिसर में समय पर दुकान, मेडिकल शॉप और कैंटीन का टेंडर न होने वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ी, क्योंकि दुकानें बंद होने के कारण उन्हें परिसर से बाहर जाना पड़ा होगा।
विज्ञापन

कोविड के कारण इस बार भी स्थिति रही खराब
ऑडिट विभाग ने पीजीआई की 2019-20 की ऑडिट में आर्थिक क्षति पर आपत्ति जताई है, लेकिन उसके बाद की स्थिति और बदतर होगी। इसका कारण यह है कि कोविड के कारण 2020-2021 में लगभग 90 प्रतिशत दुकान, कैंटीन और मेडिकल शॉप पर ताला लगा हुआ था। स्थिति यह है कि टेंडर कॉल करने पर कोई टेंडर डालने वाला नहीं मिल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीजीआई में 2019-20 में इतने थे व्यावसायिक स्थल
दवाइयों की दुकान- 10
जन औषधि स्टोर- 2
अमृत फार्मेसी- 5
कैफेटेरिया- 4
चाय/कॉफी वेडिंग मशीन- 4
मैस हॉस्टल-3
फोटो स्टेट/ पीसीओ- 7
रसद, पंसारी, विभागीय स्टोर- 7
भोजन एवं स्नैक्स पटल- 1
कैंटीन-3
इलेक्ट्रानिक सामग्री-3
विविध-38
क्या कहते हैं अधिकारी
पीजीआई में एक बार में इतना रेवेन्यू लॉस नहीं हो सकता। इसे चेक करवाया जाएगा। इसमें जरूरी पहले का ब्रेकअप भी शामिल होगा। वहीं यह भी देखना होगा कि ऑडिट ने किन-किन जगहों को उसमें शामिल किया है, क्योंकि कई दुकान जो पहले थीं वे अब नहीं हैं।
-कुमार गौरव, डीडीए पीजीआई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed