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लुधियाना: पालतू कुत्ते ने काटा, एक माह बाद बच्चे की मौत, मरने से पहले हवा-पानी से डरने लगा था
Tue, 27 Jul 2021 06:04 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 27 Jul 2021 06:04 PM IST
सार
पंजाब के लुधियाना जिले में कुत्ते के काटने के एक माह बाद बच्चे की मौत हो गई। बच्चे ने घरवालों से यह बात छिपा ली। शनिवार को हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते वक्त बच्चे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लुधियाना के गांव जसपाल बांगड़ में करीब एक माह पहले घर के बाहर खेलते वक्त अर्जुन कुमार (11) को उन्हीं के घर के पालूत कुत्ते ने काट लिया था। कुत्ता पागल हो चुका था। मगर बच्चे ने परिवार वालों को बताया कि उसे खेलते समय चोट लगी है। अभिभावकों ने उसका निजी अस्पताल में इलाज कराया। एक माह इलाज कराने के बाद बच्चे की मौत हो गई। इससे पहले बच्चे के परिवार वाले बाबा के चक्कर काटते रहे।
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शनिवार को सेहत खराब हुई, जिसके बाद उसकी दिमागी हालत खराब हो गई थी। सूचना के बाद थाना साहनेवाल की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। बच्चे के पिता ने बताया कि वह सिक्योरिटी गार्ड है। उसके तीन बेटे व एक बेटी है। अर्जुन सबसे छोटा था।
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थाना साहनेवाल के एसएचओ सब इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह ने बताया कि कुत्ते को अर्जुन के परिवार वालों ने ही पाल रखा था। वह उसे दूध और खाना खिलाते थे। कुत्ता कुछ दिनों से पागल हो चुका था लेकिन किसी को पता नहीं था। गली में खेलते समय उसे कुत्ते ने काट लिया था लेकिन घर पर उसने बताया कि चोट लगी है।
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टेटनेस का टीका लगवाने के बाद पट्टी करवा दी गई। एक हफ्ते बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह हवा और पानी से डरने लगा। उन्हें लगा कि इस पर भूत प्रेत का असर हो गया है। बच्चे को झाड़फूंक करने वाले बाबाओं के पास लेकर जाते रहे। शनिवार को भी बच्चे को एक धार्मिक स्थान पर बाबा के पास लेकर गए थे। जहां बाबा ने घंटों झाड़ फूंक किया। वहीं पर बच्चे के मुंह से झाग निकलने लगी। उसे अस्पताल लेकर गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।