चंडीगढ़ में कोरोना : प्रशासन ने बनाए 11 नए कंटेनमेंट जोन, प्रशासक बोले-और बढ़ेंगी सख्तियां
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद बोले बदनौर, दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक, सतर्कता जरूरी
- 11 से 14 अप्रैल तक मनाया जाएगा टीका उत्सव
- रात का कर्फ्यू अब कहा जाएगा कोरोना कर्फ्यू
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चंडीगढ़ में कोरोना थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूटी प्रशासन ने गुरुवार को 11 नए कंटेनमेंट जोन की घोषणा की। इन इलाकों में किसी के भी आने-जाने पर मनाही रहेगी। इसके अलावा लोगों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। डीसी मनदीप सिंह बराड़ की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्र सरकार के दिशा-निदेर्शों के अनुसार ही कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा रहे हैं।
वहीं कोरोना के नए मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों व केंद्र शासित प्रदेशों के एलजी के साथ एक बैठक की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक के बाद प्रशासक ने कहा कि शहर में कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए अगर और सख्त कदम उठाने की जरूरत पड़ी तो वह भी किया जाएगा।
इन घरों को बनाया कंटेनमेंट जोन
- सेक्टर-16 का मकान नंबर-652
- सेक्टर-20 के 93 से 95
- सेक्टर-28 का मकान नंबर-46
- सेक्टर-29 का 1458/12
- सेक्टर-37बी के 1169 से 1170
- सेक्टर-45सी के 2167 से 2168/3
- सेक्टर-46डी का 3392
- सेक्टर-49ए के 403 से 406
- सेक्टर-50(प्रोग्रेसिव सोसाइटी) के 1157 से 1162
- मौलीजागरां गांव के मकान नंबर-4471 से 4472
- मनीमाजरा के सुभाष नगर का मकान नंबर-81/3
दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है
प्रशासक बदनौर ने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए एक बार फिर नए तरीके से सभी को मिलकर काम करना होगा। मास्क पहनना और कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करना कितना जरूरी है, यह लोगों को एक बार फिर बताने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर रात्रि कर्फ्यू को कोरोना कर्फ्यू कहा जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों की तरह चंडीगढ़ में भी 11 से 14 अप्रैल तक ‘टीका उत्सव’ मनाया जाएगा। इस दौरान 45 वर्ष से अधिक सभी उम्र के लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि टीका लगवाने के बाद भी लोगों को ध्यान रखने की जरूरत है। प्रशासक ने कहा कि प्रधानमंत्री के आग्रह के बाद शहर में कोरोना के नए मरीजों की पहचान और संक्रमितों के इलाज पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन आदि के नियमों का सख्ती से पालन होगा और संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को आइसोलेट करने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है और यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।