{"_id":"6920d2da76e061117909a4ad","slug":"1095-lakh-duped-by-fraudsters-on-pretext-of-making-pdfs-of-books-chandigarh-news-c-16-pkl1066-877459-2025-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: किताबों की पीडीएफ बनाने का झांसा देकर ठगे 10.95 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: किताबों की पीडीएफ बनाने का झांसा देकर ठगे 10.95 लाख
विज्ञापन
यमुनानगर। किताबों की पीडीएफ बनाकर मुनाफा कमाने का झांसा देकर चार लोगों ने प्रोफेसर कॉलोनी के योगेश कुमार से 10.95 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोप है कि यह रकम वापस मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। योगेश कुमार की शिकायत के आधार पर थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में चार आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर गई है।
प्रोफेसर कॉलोनी के योगेश कुमार ने शिकायत में बताया कि चार सितंबर को यमुनानगर शहर निवासी उनका परिचित आकाश मिला। इस दौरान आकाश ने बताया कि वह प्रीत टेक सॉल्यूशन कंपनी में काम कर रहा है। कंपनी का मुख्य कार्यालय सुषमा इंफीनियम जीरकपुर पंजाब में है, जहां प्रदीप बोरा व गौरव तंवर बैठते हैं। दो दिन बाद आकाश अपने साथ जीरकपुर ले गया।
वहां प्रदीप बोरा व गौरव तंवर से मिलाया। इन लोगों ने बताया कि कंपनी का काम फिजिकल किताबों को स्कैन करके पीडीएफ में बदलना है। इसमें दो मेंबरशिप प्लान हैं। एक प्लान 10.95 लाख रुपये का है और दूसरा पांच लाख सात हजार 500 रुपये का है। इसमें पांच लाख सात हजार 500 रुपये के प्लान लिया।
विज्ञापन
बाद में इस काम की यमुनानगर के दफ्तर में राजकुमार नाम के आदमी ने प्रशिक्षण दिगा। कंपनी के लोगों ने वादा किया था कि नियुक्ति के 20 दिन में अग्रिम भुगतान कर दिया जाएगा। उनकी बातों पर पूरा भरोसा करके महंगा स्कैनर खरीदा, एक लड़के को 40 हजार प्रति माह वेतन पर रखा। कंपनी के 67 किताबें स्कैन कर पीडीएफ में बदलने के लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर दिया।
प्रदीप बोरा की यमुनानगर फ्रेंचाइजी के अंतर्गत उसे कोड मिला और सारा काम उसी कोड के तहत हुआ।
विज्ञापन
प्रोफेसर कॉलोनी के योगेश कुमार ने शिकायत में बताया कि चार सितंबर को यमुनानगर शहर निवासी उनका परिचित आकाश मिला। इस दौरान आकाश ने बताया कि वह प्रीत टेक सॉल्यूशन कंपनी में काम कर रहा है। कंपनी का मुख्य कार्यालय सुषमा इंफीनियम जीरकपुर पंजाब में है, जहां प्रदीप बोरा व गौरव तंवर बैठते हैं। दो दिन बाद आकाश अपने साथ जीरकपुर ले गया।
विज्ञापन
वहां प्रदीप बोरा व गौरव तंवर से मिलाया। इन लोगों ने बताया कि कंपनी का काम फिजिकल किताबों को स्कैन करके पीडीएफ में बदलना है। इसमें दो मेंबरशिप प्लान हैं। एक प्लान 10.95 लाख रुपये का है और दूसरा पांच लाख सात हजार 500 रुपये का है। इसमें पांच लाख सात हजार 500 रुपये के प्लान लिया।
विज्ञापन
बाद में इस काम की यमुनानगर के दफ्तर में राजकुमार नाम के आदमी ने प्रशिक्षण दिगा। कंपनी के लोगों ने वादा किया था कि नियुक्ति के 20 दिन में अग्रिम भुगतान कर दिया जाएगा। उनकी बातों पर पूरा भरोसा करके महंगा स्कैनर खरीदा, एक लड़के को 40 हजार प्रति माह वेतन पर रखा। कंपनी के 67 किताबें स्कैन कर पीडीएफ में बदलने के लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर दिया।
प्रदीप बोरा की यमुनानगर फ्रेंचाइजी के अंतर्गत उसे कोड मिला और सारा काम उसी कोड के तहत हुआ।