पाक से आई 105 करोड़ की हेरोइन पकड़ी
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काउंटर इंटेलीजेंस विंग बठिंडा ने मंगलवार को मुक्तसर जिले के मलोट से 105 करोड़ रुपये की हेरोइन (21 किलो) समेत पांच तस्करों को काबू किया है, जबकि गिरोह के 6 सदस्य मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
यह हेरोइन भारत-पाकिस्तान के राजस्थान बॉर्डर से पंजाब लाई जा रही थी और कांउटर इंटेलीजेंस का स्पेशल स्क्वायड राजस्थान से ही इन तस्करों के पीछे लग गया था। तस्करों से कांउटर इंटेंलीजेंस विंग ने 21 पैकेट हेरोइन के अलावा 1 लाख रुपये कैश, तीन पाकिस्तानी सिम व 6 फोन बरामद किए हैं। यह खेप चौकी सुरमा और केरूवाला के बीच स्थित गांव चक्क 22 एमडी मंडी घडसाना की ओर से पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई थी।
गिरोह का सरगना अमोलक सिंह निवासी ठट्ठा, तरनतारन पंजाब में चल रहे नशा विरोधी अभियान व पंजाब पुलिस की ओर से उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों से डरा हुआ था। इसलिए उसने अपना एरिया ऑफ आप्रेशन पंजाब बॉर्डर से राजस्थान बॉर्डर कर लिया था।
लंबे समय से पाक तस्कर के संपर्क में है गिरोह
पकड़े गए तस्करों जुगराज सिंह, जसबीर सिंह निवासी अमृतसर, संदीप सिंह, अमरजीत सिंह (दोनों सगे भाई) निवासी फाजिल्का और गिरोह के सरगना अमोलक सिंह के भतीजे इंदरजीत सिंह निवासी तरनतारन से एक टोयोटा कोरोला भी बरामद हुई है।
वहीं अमोलक सिंह व उसका भतीजा अमनदीप सिंह अपने चार साथियों से मिलकर इनोवा गाड़ी व स्विफ्ट डिजायर कार पर मौके से भागने में सफल रहे। इन तस्करों के संबंध पाकिस्तानी तस्कर अहमदद्दीन उर्फ अहमी निवासी कसूर पाकिस्तान के साथ पिछले काफी समय से हैं, जिससे इन्हाेंने हेरोइन मंगवाई थी।
आरोपी लंबे समय से तस्करी के धंधे से जुडे़ हुए थे अब तक सैकड़ों किलोग्राम हेरोइन तस्करी कर चुके हैं। वहीं आरोपी इंद्रजीत सिंह पांडी कोरियर के जरिये पैसे पकड़ाने का काम करता था जबकि संदीप तस्करों को अपने ताया के लड़के रंजीत सिंह निवासी चक्क 26 एमडी थाना घडसाना और अपने मामा बलवंत सिंह निवासी रावला नजदीक घडसाना मंडी के घर ठहराता था।
सरगना अमोलक कई मामलों में भगोड़ा
अमोलक सिंह के खिलाफ 2000 में थाना ढिलवां, जिला कपूरथला में 55 किलोग्राम हेरोइन, 22 किलोग्राम अफीम बरामद करने का मामला दर्ज किया गया था। इसमें उसे 10 वर्ष की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा हुई थी। इसके अलावा 1 अक्टूबर 2013 में सरहाली, जिला तरनतारन में 20 किलो हेरोइन का मामला दर्ज हुआ। इसमें वह भगोड़ा करार दिया गया था।
28 फरवरी 2007 को उसके खिलाफ थाना बी डिवीजन अमृतसर में 8 किलो हेरोइन, 18 मार्च 2003 में लुधियाना में दो किलो हेरोइन और 20 हजार की जाली करंसी के तहत मामला दर्ज हुआ।
इसमें उसे पांच साल की सजा हुई, जिसे वह काट चुका है। 3 अप्रैल 2013 में थाना सरहाली में उसके खिलाफ एनडीपीएस व असला एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। इसमें वह गिरफ्तार नहीं किया जा सका।