फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   100 years of Jallianwala Bagh massacre, Planning to Preserve Massacre History and Memorial Place

नई योजनाः असंख्य बलिदानों व नरसंहार का इतिहास और वृतांत सुनाएंगी जलियांवाला बाग की दीवारें

Sun, 14 Apr 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 14 Apr 2019 11:35 AM IST
विज्ञापन
100 years of Jallianwala Bagh massacre, Planning to Preserve Massacre History and Memorial Place
जलियांवाला बाग मेमोरियल
शहीद स्थली जलियांवाला बाग का चप्पा-चप्पा देश की आजादी में पंजाबियों द्वारा दिए असंख्य बलिदानों का गवाह बनेगा। इसकी दीवारें इतिहास का वृतांत सुनाएंगी। आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को संजोया जाएगा। जलियांवाला बाग की वर्तमान गैलरी का पुनर्निर्माण कर वहां अति आधुनिक तकनीक से जलियांवाला बाग के इतिहास को दिखाया जाएगा।
विज्ञापन


जिस रास्ते से जरनल डायर ने जलियांवाला बाग में प्रवेश करके निहत्थे भारतीयों पर गोलियां चलाईं थीं, उस एतिहासिक रास्ते की पुरानी विरासत को संरक्षित करते हुए उसे नया रूप दिया जाएगा। जलियांवाला बाग में प्रवेश करते ही पर्यटकों को इस पावन भूमि में आजादी के परवानों की शहादत का अनुभव हो, इसके लिए प्रवेश द्वार की दाएं व बाएं की दीवारों पर उस समय के दृश्यों का जीवंत चित्रण किया जाएगा।
विज्ञापन


श्रद्धांजलि समारोह से पहले बड़ी स्क्रीन पर 45 सेकेंड का एक वीडियो दिखाकर जलियांवाला बाग के प्रथम चरण का विकास करने वाली संस्था ने उपराष्ट्रपति को इस बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपराष्ट्रपति को ये सभी जानकारियां दी गईं

उपराष्ट्रपति को बताया गया कि पहले चरण के विकास कार्यों में 19 करोड़ 36 लाख की राशि क्रच की जानी है। लगभग छह दशक से बनी शहीदी लाट की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं शहीदी लाट के आसपास के क्षेत्र में पानी का एक बड़ा पानी का फव्वारा भी लगाया जाएगा। शहीदी लाट के आसपास बने पुराने फव्वारों को बदला जाएगा। नए फव्वारे में देशभक्ति की धुनें सुनाई देंगी।

यह फव्वारा जलियांवाला बाग के उस इतिहास की याद दिलाएगा, जिस समय घटना घटित हुई थी। जलियांवाला बाग के प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर दाएं-बाएं स्थित खुले हॉल में शहीदों की कहानियां आधुनिक तकनीक से सुनाई जाएंगी। जलियांवाला बाग के साथ सटी हर बिल्डिंग में ऐसा पत्थर व आधुनिक मैटेरियल लगाया जाएगा, जिससे पूरा बाग उस समय के इतिहास की अनुभूति कराएगा। बाग में स्थानीय जलवायु के आधार के अनुसार पेड़-पौधे लगाएं जाएंगे।      

आधुनिक तकनीक से संरक्षित किया जाएगा
शहीदी कुएं के दर्शन दूर से ही हो इस के लिए नए प्रोजेक्ट पर काम होगा। कुएं के साथ एक गैलरी का निर्माण करके वहां आधुनिक तकनीक से घटना को जीवंत किया जाएगा। दीवारों पर संरक्षित किए गए गोलियों के निशान को आधुनिक तकनीक से संरक्षित किया जाएगा। शहीद ऊधम सिंह की शौर्य गाथा को लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में दिखाया जाएगा। पूरे बाग में ऑडियो प्रणाली लगाकर पर्यटकों को बाग के इतिहास की जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed