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वीसी से मिले 100 शिक्षक, बोले- पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए करें आवश्यक कार्रवाई
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के सौ से अधिक शिक्षकों ने बुधवार को वीसी प्रो. राजकुमार से मुलाकात की और पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस दौरान शिक्षकों ने दो मुख्य मांगें रखीं। पहली पीयू के शिक्षकों पर सातवां वेतनमान लागू करना और दूसरा शिक्षकों सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करना। शिक्षकों ने कहा कि इन मांगों को पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने पर ही पूरा किया जा सकता है। वहीं छात्र संगठन ने पीयू के सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मांग के खिलाफ बुधवार को पंजाब के राज्यसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है।
प्रो.मनु शर्मा ने कहा कि पीयू बारहमासी वित्तीय संकट से जूझ रहा है और सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने पर इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है। सीनेटर डॉ. परवीन गोयल ने कहा कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने से सभी हितधारक छात्र, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, आम जनता आदि लाभान्वित होंगे। डॉ. नरेश मेहंदिया ने कहा कि हमारे पास पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने का एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि अदालत ने स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार को पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने पर विचार करने का निर्देश दिया है। डॉ. प्रियतोष शर्मा ने कहा कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने से छात्रों को अधिक छात्रवृत्ति मिलेगी, फीस में कमी आएगी, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण होगा, शिक्षकों को समय पर वेतनमान मिलेगा, बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए यूनिवर्सिटी को अधिक धनराशि मिलेगी और सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि होगी। पीयू वीसी प्रो राजकुमार ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वह शिक्षकों की ओर से दिए गए अभ्यावेदन पर विचार करेंगे।
सथ ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष से की विशेष सत्र बुलाने की मांग
पीयू के छात्र संगठन सथ ने पीयू के सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मांग के मुद्दे के खिलाफ पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान से मुलाकात की। छात्रों ने कहा कि देश में बढ़ता केंद्रीकरण लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा है। सथ के प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष संधवान से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और पीयू को पंजाब की विरासत घोषित करने और उसमें पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों का कोटा तय करने का प्रस्ताव पारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पीयू केंद्रीकृत हो जाता है तो इससे मातृभाषा पंजाबी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इस मौके पर सथ सदस्य सुखविंदर सिंह, चरणजीत सिंह, रिमलजोत सिंह, जोध सिंह और जपजीत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब विधानसभा ने पंजाब यूनिवर्सिटी के केंद्रीकरण को रोकने के लिए कुछ नहीं किया तो छात्र पंजाब के ग्रामीण इलाकों से संघर्ष की शुरुआत करेंगे।
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प्रो.मनु शर्मा ने कहा कि पीयू बारहमासी वित्तीय संकट से जूझ रहा है और सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने पर इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है। सीनेटर डॉ. परवीन गोयल ने कहा कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने से सभी हितधारक छात्र, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, आम जनता आदि लाभान्वित होंगे। डॉ. नरेश मेहंदिया ने कहा कि हमारे पास पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने का एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि अदालत ने स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार को पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने पर विचार करने का निर्देश दिया है। डॉ. प्रियतोष शर्मा ने कहा कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने से छात्रों को अधिक छात्रवृत्ति मिलेगी, फीस में कमी आएगी, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण होगा, शिक्षकों को समय पर वेतनमान मिलेगा, बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए यूनिवर्सिटी को अधिक धनराशि मिलेगी और सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि होगी। पीयू वीसी प्रो राजकुमार ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वह शिक्षकों की ओर से दिए गए अभ्यावेदन पर विचार करेंगे।
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सथ ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष से की विशेष सत्र बुलाने की मांग
पीयू के छात्र संगठन सथ ने पीयू के सेंट्रल यूनिवर्सिटी की मांग के मुद्दे के खिलाफ पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान से मुलाकात की। छात्रों ने कहा कि देश में बढ़ता केंद्रीकरण लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा है। सथ के प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष संधवान से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और पीयू को पंजाब की विरासत घोषित करने और उसमें पंजाब के छात्रों और कर्मचारियों का कोटा तय करने का प्रस्ताव पारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पीयू केंद्रीकृत हो जाता है तो इससे मातृभाषा पंजाबी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इस मौके पर सथ सदस्य सुखविंदर सिंह, चरणजीत सिंह, रिमलजोत सिंह, जोध सिंह और जपजीत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब विधानसभा ने पंजाब यूनिवर्सिटी के केंद्रीकरण को रोकने के लिए कुछ नहीं किया तो छात्र पंजाब के ग्रामीण इलाकों से संघर्ष की शुरुआत करेंगे।
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